वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में नए कारोबारी सप्ताह की शुरुआत के साथ जापानी येन अपने प्रमुख प्रतिस्पर्धियों की तुलना में सुस्त चाल दिखा रहा है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी मुद्रा यूरोपीय कारोबारी सत्र की शुरुआत में 0.1% की बढ़त के साथ 157.00 के करीब कारोबार करती दिखाई दी। बैंक ऑफ जापान द्वारा हाल ही में घोषित नीतिगत फैसलों के बाद येन पर लगातार दबाव बना हुआ है, जिससे मुद्रा बाजार में हलचल तेज हो गई है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक यूएसडी/जेपीवाई 157.05 के स्तर पर बना हुआ है, जबकि इसका पिछला बंद स्तर 156.13 था, जो लगभग 0.59% की तेजी दर्शाता है।
करेंसी हीटमैप और बाजार के रुझानों से स्पष्ट होता है कि ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मुकाबले जापानी मुद्रा सबसे अधिक कमजोर रही है। मुद्रा बाजार में जब किसी आधार मुद्रा की तुलना दूसरी प्रतिस्पर्धी मुद्रा से की जाती है, तो येन की कमजोरी लगभग सभी मोर्चों पर उजागर हो रही है। बैंक ऑफ जापान के नीतिगत कदमों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ताजा रुख ने वैश्विक निवेशकों का ध्यान इन दोनों मुद्राओं के नीतिगत अंतर पर केंद्रित कर दिया है।
बैंक ऑफ जापान का ऐतिहासिक फैसला और मतभेद
बैंक ऑफ जापान ने व्यापक उम्मीदों के अनुरूप अपनी अल्पकालिक ब्याज दर के लक्ष्य को 25 आधार अंक बढ़ाकर 1.25% कर दिया है, जो पहले 1.00% पर था। यह ब्याज दर स्तर पिछले 31 वर्षों का सबसे उच्चतम स्तर माना जा रहा है। हालांकि इस दर वृद्धि के फैसले पर केंद्रीय बैंक के भीतर पूर्ण सहमति नहीं बन सकी। नीतिगत बोर्ड में 7-2 के अंतर से यह प्रस्ताव पारित हुआ, जिसमें दो बोर्ड सदस्यों तोइचिरो असादा और अयानो सातो ने दरें बढ़ाने के कदम का कड़ा विरोध किया।
नीतिगत बैठक के बाद जापानी केंद्रीय बैंक ने भविष्य में और ब्याज दरें बढ़ाने की संभावनाओं को खुला रखा है। बैंक ने आगाह करते हुए कहा कि मुद्रास्फीति केंद्रीय बैंक के 2% के तय लक्ष्य से अधिक रह सकती है। इसके साथ ही बैंक ने चेतावनी दी कि हाल ही में येन में आई गिरावट कीमतों को और अधिक ऊपर धकेलने का काम कर सकती है, जिससे घरेलू स्तर पर महंगाई का दबाव बढ़ सकता है।
फेडरल रिजर्व का रुख और केंद्रीय बैंकों की नीतिगत चाल
अमेरिकी फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान दोनों ने ही पिछले सप्ताह ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है। फेडरल रिजर्व ने चालू वर्ष के दौरान कम से कम एक और ब्याज दर वृद्धि का स्पष्ट संकेत दिया है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ओर से उधार लागत को सख्त बनाए रखने के संकेतों ने ग्रीनबैक यानी डॉलर को मजबूती प्रदान की है। इस नीतिगत अंतर ने अमेरिकी डॉलर को येन के मुकाबले लगातार समर्थन देना जारी रखा है।
जापान का केंद्रीय बैंक देश में मौद्रिक नीति निर्धारित करने और बैंक नोट जारी करने के साथ मूल्य स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए मुद्रा व मौद्रिक नियंत्रण का काम करता है। बैंक ऑफ जापान ने कम मुद्रास्फीति वाले माहौल में अर्थव्यवस्था को गति देने और महंगाई बढ़ाने के उद्देश्य से 2013 में अपनी अत्यंत ढीली मौद्रिक नीति का दौर शुरू किया था। उस समय केंद्रीय बैंक की नीति क्वांटिटेटिव और क्वालिटेटिव ईजिंग यानी क्यूक्यूई पर आधारित थी, जिसके तहत नकदी प्रवाह बढ़ाने के लिए सरकारी और कॉरपोरेट बॉन्ड खरीदे जाते थे।
अति-उदार नीति से सामान्यीकरण का सफर
वर्ष 2016 में केंद्रीय बैंक ने अपनी ढीली नीति को और आक्रामक बनाते हुए पहले नकारात्मक ब्याज दरें लागू कीं और फिर 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड प्रतिफल को सीधे नियंत्रित करने की व्यवस्था शुरू की। केंद्रीय बैंक के इस व्यापक आर्थिक प्रोत्साहन ने लंबे समय तक येन को अन्य मुद्राओं की तुलना में कमजोर बनाए रखा। वर्ष 2022 और 2023 में यह प्रक्रिया और गंभीर हो गई, जब दुनिया के अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों ने दशकों की रिकॉर्ड महंगाई से निपटने के लिए ब्याज दरों में तेज बढ़ोतरी की, जबकि बैंक ऑफ जापान अपनी पुरानी ढीली नीति पर अड़ा रहा।
इस नीतिगत अंतर ने येन के मूल्य को भारी नुकसान पहुंचाया। हालांकि मार्च 2024 में बैंक ऑफ जापान ने आखिरकार अपनी अति-उदार मौद्रिक नीति को पीछे छोड़ते हुए ब्याज दरों में बढ़ोतरी की राह चुनी, जिससे सामान्यीकरण की शुरुआत हुई। कमजोर येन और वैश्विक ऊर्जा संकट ने जापानी मुद्रास्फीति को 2% के लक्ष्य से पार पहुंचा दिया, जिसे देश में बढ़ती मजदूरी की संभावनाओं ने भी ईंधन दिया।
दैनिक तकनीकी चार्ट पर 20 दिवसीय ईएमए का सहारा
दैनिक तकनीकी विश्लेषण में यूएसडी/जेपीवाई जोड़ी 157.06 के आसपास कारोबार कर रही है, जहां यह 156.56 पर स्थित अपने 20 दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी ईएमए के ऊपर टिकी हुई है। ताजा लाइव आंकड़ों के अनुसार 20 दिवसीय ईएमए 156.48 पर आंका गया है। उच्च स्तरों से आई हालिया गिरावट के बाद इस मुद्रा जोड़ी में स्थिरता के संकेत दिखाई दे रहे हैं। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई 50 के आसपास घूम रहा है, जो तटस्थ गति की ओर इशारा करता है और यह दर्शाता है कि 20 दिवसीय ईएमए से ऊपर रिकवरी के बावजूद दिशात्मक तेजी अभी सतर्क बनी हुई है।
चार्ट के डाउनसाइड स्तरों पर 156.56 का 20 दिवसीय ईएमए तत्काल समर्थन का काम कर रहा है। यदि दैनिक आधार पर इसके नीचे का क्लोजिंग देखने को मिलता है, तो यह गिरावट को और गहरा कर सकता है, जिससे 17 सितंबर का निचला स्तर 155.34 परीक्षण के दायरे में आ जाएगा। दूसरी तरफ, यदि यह जोड़ी 158.00 के शुक्रवार के उच्च स्तर को पार करने में सफल रहती है, तो यह 2 सितंबर के उच्च स्तर 160.39 की दिशा में आगे बढ़ सकती है।
अन्य प्रमुख तकनीकी संकेतक और अहम दायरे
लाइव तकनीकी आंकड़ों के अनुसार एमएसीडी -1.03 पर है, जो इसके सिग्नल स्तर -1.24 से ऊपर है और हिस्टोग्राम 0.21 के साथ तेजी की स्थिति दर्शा रहा है। 50 दिवसीय ईएमए 158.11 और 200 दिवसीय ईएमए 157.64 पर स्थित है, जो दीर्घकालिक चार्ट पर ईएमए50 के ईएमए200 से ऊपर होने के साथ गोल्डन क्रॉस बनाए हुए है। 50 दिवसीय एसएमए 159.05 और 200 दिवसीय एसएमए 158.40 पर स्थित है। बोलिंजर बैंड्स का निचला सिरा 151.93 और ऊपरी सिरा 161.62 पर है, जबकि इसका मध्य बैंड 156.77 पर है और मौजूदा कीमत इन बैंड्स के भीतर गतिमान है।
एडीएक्स का 39 का स्तर एक मजबूत ट्रेंडिंग बाजार की पुष्टि करता है। स्टोकेस्टिक ऑसिलेटर में फास्ट लाइन 55 और सिग्नल लाइन 47 पर है। दैनिक अस्थिरता को दर्शाने वाला एटीआर 1.49 पर बना हुआ है, जिसे स्टॉप-लॉस बफर के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। मुद्रा जोड़ी का 20 दिवसीय समर्थन 152.90 और प्रतिरोध 160.38 के करीब देखा जा रहा है। प्रमुख इंट्राडे स्तरों में पिवट 156.92 पर है, जहां पहला प्रतिरोध 157.27 और दूसरा प्रतिरोध 157.49 पर मौजूद है। नीचे की ओर पहला समर्थन 156.70 और दूसरा समर्थन 156.35 पर है, जबकि इसका 52 सप्ताह का दायरा 146.61 से 163.98 के बीच रहा है।
वैश्विक मुद्रा बाजार और व्यापक भू-राजनीतिक परिदृश्य
एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.7100 के ऊपर मजबूती बनाए रखने में सफल रहा। अमेरिकी डॉलर की जुलाई के अंत के बाद से दर्ज उच्चतम स्तरों से मामूली गिरावट पर भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के चलते रोक लग गई। पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना द्वारा लोन प्राइम दरों को अपरिवर्तित रखने से भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर असर दिखा, हालांकि रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा एक और ब्याज दर वृद्धि की उम्मीदों ने ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन से पहले ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को सहारा दिया।
दूसरी तरफ, बैंक ऑफ जापान द्वारा शुक्रवार को लिए गए रेट चेक के बाद संभावित आधिकारिक हस्तक्षेप के जोखिमों ने येन में हल्की मजबूती दिखाई, जिससे यूएसडी/जेपीवाई एशियाई सत्र में 157.00 के नीचे भी फिसला। जापान में स्थानीय अवकाश के बीच रूस-यूक्रेन और मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने व्यापारियों को सतर्क रखा। इस अनिश्चितता ने अमेरिकी डॉलर की गिरावट को सीमित रखा। वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों में भी छह सप्ताह के निचले स्तर से आई रिकवरी 4,400 डॉलर पर बाधा का सामना करने के बाद सुस्त पड़ गई। उधर क्रिप्टोकरेंसी बाजार में सोलाना 111.70 डॉलर के ऊपर कारोबार कर रहा है, जिसे संस्थागत मांग और टोकनयुक्त इक्विटी के नए रिकॉर्ड से गति मिली है। अमेरिकी घरेलू मोर्चे पर इस सप्ताह गुरुवार को आने वाली नई आवास बिक्री रिपोर्ट पर निवेशकों की निगाहें टिकी रहेंगी, जहां जुलाई की तेज गिरावट के बाद अगस्त में 2.6% सुधार के साथ 623 हजार की गति का अनुमान लगाया गया है।

















