दिवाली के पावन अवसर पर 8 नवंबर को आयोजित विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग सेशन के दौरान भारतीय शेयर बाजार में जोरदार हलचल देखने को मिली। कारोबार की शुरुआत में निवेशकों ने भारी उत्साह दिखाते हुए ताबड़तोड़ खरीदारी की, जिसके दम पर सेंसेक्स शुरुआती दौर में 300 अंकों से अधिक की छलांग लगाने में सफल रहा। हालांकि, बाजार का यह जोश ज्यादा देर टिक नहीं पाया और सत्र के अंत तक निवेशकों का रुख पूरी तरह बदल गया।
कारोबार के अंत में बाजार में क्यों आई गिरावट
कारोबार समाप्त होने तक बिकवाली का भारी दबाव देखने को मिला, जिससे सेंसेक्स अंततः 30 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ। पारंपरिक रूप से दिवाली के मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र में बाजार अमूमन बढ़त के साथ ही बंद होते आए हैं, लेकिन इस बार कई वर्षों के अंतराल के बाद ऐसा देखने को मिला जब मुहूर्त ट्रेडिंग का समापन गिरावट के साथ हुआ। अचानक आए इस बदलाव ने बाजार के जानकारों और निवेशकों दोनों को चौंका दिया कि आखिर सेंटिमेंट इतनी जल्दी क्यों पलट गया।
भू-राजनीतिक तनाव और ग्लोबल मार्केट का असर
बाजार में इस अचानक आए मूड परिवर्तन के पीछे मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गहराता संकट है। अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य हमलों में एक बार फिर तेजी आने की खबरें सामने आने के बाद वैश्विक बाजारों की चाल प्रभावित हुई। इस भू-राजनीतिक तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम तेजी से ऊपर चढ़ने लगे, जिसका सीधा मनोवैज्ञानिक प्रभाव घरेलू निवेशकों के आत्मविश्वास पर पड़ा।
मुनाफावसूली हावी होने से बदली तस्वीर
शुभ अवसर पर पारंपरिक तौर पर थोड़ी बहुत खरीदारी करने के बाद निवेशकों ने किसी भी बड़े जोखिम से बचने के लिए मुनाफावसूली करना बेहतर समझा। ऊंचे स्तरों पर बिकवाली हावी हो जाने के कारण बाजार अपनी शुरुआती बढ़त को बरकरार नहीं रख सका और अंत में गिरावट के साथ ही बंद होना पड़ा।


















