बढ़ती बिजली खपत और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बदलते परिदृश्य के बीच सौर ऊर्जा अब रोजमर्रा की अनिवार्य आवश्यकता बनती जा रही है। आवासीय घरों से लेकर कृषि और व्यावसायिक क्षेत्रों तक सोलर पैनल लगाने का रुझान तेजी से बढ़ा है। हालांकि, सरकारी योजनाओं की सही जानकारी, स्थापना प्रक्रिया, नेट मीटरिंग में होने वाले विलंब और समय पर बिल अपडेट न होने जैसी व्यावहारिक चुनौतियों से उपभोक्ताओं को जूझना पड़ रहा है। इन्हीं समस्याओं का सुगम समाधान निकालने और आम जन तक सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ पहुंचाने के लिए जोधपुर में एक साझा मंच पर विस्तृत विचार विमर्श किया गया।
डिस्कॉम और एसबीआई अधिकारियों ने दिया मार्गदर्शन
जोधपुर सोलर सोसायटी के तत्वावधान में आयोजित इस विशेष शिविर में बिजली वितरण कंपनी (डिस्कॉम) के अधिकारियों और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। शिविर के दौरान सौर ऊर्जा अपनाने के इच्छुक लोगों और इस क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों को तकनीकी व वित्तीय पहलुओं पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया गया। जोधपुर सोलर सोसायटी के अध्यक्ष प्रीतेश माथुर ने बताया कि भविष्य में भी विभिन्न सामाजिक और व्यावसायिक संस्थाओं को साथ जोड़कर इस तरह के जनकल्याणकारी अभियान चलाए जाएंगे। उन्होंने जानकारी दी कि इस आयोजन में लगभग 12 प्रायोजक संस्थाओं ने अपनी प्रदर्शनी स्टॉल लगाईं। वर्तमान में सोसायटी से करीब 115 सदस्य जुड़े हुए हैं, और आगामी दिसंबर माह तक सदस्यों की संख्या 150 तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त, आने वाले दिनों में एक बड़े स्तर पर सोलर एक्सपो आयोजित करने की योजना है, जिसकी औपचारिक तिथियों की घोषणा शीघ्र की जाएगी।
नेट मीटरिंग में देरी से उपभोक्ता और वेंडर्स परेशान
कार्यक्रम के दौरान करीब चार घंटे तक चले लंबे संवाद सत्र में जोधपुर डिस्कॉम से संबद्ध वेंडर्स और उपभोक्ताओं की जमीनी समस्याओं पर प्रमुखता से चर्चा हुई। सोसायटी के संरक्षक रामचंद्र चौधरी ने नेट मीटरिंग प्रक्रिया में हो रहे अत्यधिक विलंब पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि मीटर आपूर्ति व स्थापना से जुड़ी जीनस कंपनी द्वारा समय पर काम न किए जाने से उपभोक्ता काफी परेशान हैं। सोलर सिस्टम पूरी तरह स्थापित हो जाने के बावजूद बिलिंग सिस्टम समय पर अपडेट नहीं हो पाता, जिससे उपभोक्ताओं को अपेक्षित वित्तीय राहत नहीं मिल पा रही है। इस प्रशासनिक और तकनीकी ढिलाई के कारण पूरे सौर ऊर्जा क्षेत्र की प्रगति रफ्तार धीमी पड़ रही है।
एमडी से मुलाकात और आंदोलन की रूपरेखा
नेट मीटरिंग और बिलिंग की बाधाओं को दूर करने के लिए जोधपुर सोलर सोसायटी ने कड़ा रुख अपनाया है। रामचंद्र चौधरी ने स्पष्ट किया कि सोसायटी का एक विशेष प्रतिनिधिमंडल अगले एक से दो दिनों के भीतर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक (एमडी) से सीधे मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेगा। यदि डिस्कॉम प्रशासन एक सप्ताह की समय सीमा के भीतर इन गंभीर समस्याओं का स्थाई समाधान नहीं निकालता है, तो इस मामले को राजस्थान राज्य सरकार, केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) तथा राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग (आरईआरसी) के समक्ष प्रमुखता से उठाया जाएगा।
आयोजन में प्रमुख सदस्यों की मौजूदगी
इस विचार-विमर्श सत्र में सौर ऊर्जा क्षेत्र के अनेक प्रमुख सदस्य एवं प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से शामिल होने वालों में शामिल थे
- रामचंद्र चौधरी (संरक्षक) और प्रीतेश माथुर (अध्यक्ष)
- जय वर्मा, विपुल बाफना, भेराराम और मुकेश जांगिड़
- लोकेश दाधीच, नवीन चितारा, विनोद सोनी और जितेंद्र सर्राफ
- चिमन सोनी, महावीर जांगिड़, यशपाल शर्मा और सौरभ शुक्ला



















