अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में न्यूजीलैंड डॉलर मुख्य हलचल पैदा करने वाली करेंसी बनकर उभरा है। रिजर्व बैंक ऑफ न्यूजीलैंड के गवर्नर ब्रेमन की सख्त नीतिगत टिप्पणियों के बाद कीवी डॉलर को उल्लेखनीय मजबूती मिली है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण पैदा होने वाले मुद्रास्फीति दबावों पर गवर्नर के बयानों ने वित्तीय बाजारों में यह धारणा काफी पक्की कर दी है कि केंद्रीय बैंक अगली मासिक बैठक में लगातार तीसरी बार 25 आधार अंकों की दर वृद्धि लागू कर सकता है। इसके अलावा दूसरी तिमाही में देश की आर्थिक वृद्धि दर 0.2 प्रतिशत दर्ज की गई, जो बाजार के पूर्व अनुमानों से कहीं अधिक मजबूत रही है। इसी आर्थिक मजबूती और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों के सहारे न्यूजीलैंड डॉलर वैश्विक मुद्रा पटल पर बढ़त बनाए हुए है।
न्यूजीलैंड की मौद्रिक नीति और दर वृद्धि के अनुमान
न्यूजीलैंड के ब्याज दर बाजार में फिलहाल अगली नीतिगत बैठक के लिए लगभग 18 आधार अंकों की बढ़ोतरी पूरी तरह आंकी जा चुकी है। इतना ही नहीं, आगामी गर्मियों तक केंद्रीय बैंक द्वारा संचयी रूप से 100 आधार अंकों से अधिक की ब्याज दर बढ़ोतरी का अनुमान बाजार लगा रहे हैं। एमयूएफजी के ली हार्डमैन ने स्पष्ट किया है कि दूसरी तिमाही में 0.2 प्रतिशत की बेहतर आर्थिक वृद्धि और ईंधन जनित मुद्रास्फीति पर केंद्रीय बैंक की चिंताओं ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है। सख्त मौद्रिक नीति के इस दृष्टिकोण के चलते निवेशक कीवी डॉलर में अपनी स्थिति मजबूत कर रहे हैं, जिससे यह रात भर के कारोबार में सबसे अधिक बढ़त दर्ज करने वाली मुद्राओं में शामिल रहा।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और चीनी-अमेरिकी शिखर सम्मेलन की हलचल
एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.7100 के स्तर से ऊपर खरीदारी आकर्षित की। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की सहायक गवर्नर सारा हंटर और गवर्नर मिशेल बुलॉक की सख्त नीतिगत टिप्पणियों ने ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को यह सहारा प्रदान किया। हालांकि, इस जोड़ी की आगे की तेजी पर वैश्विक जोखिमों का साया बना हुआ है। पश्चिम एशिया में गहराते तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त नीतिगत रुख ने अमेरिकी डॉलर में तेजी का रुख कायम रखा है। यह मजबूत डॉलर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बढ़त को सीमित करने की क्षमता रखता है। इसके साथ ही वित्तीय बाजार इस सप्ताह के अंत में होने वाले बेहद महत्वपूर्ण ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन पर भी बारीक नजर बनाए हुए हैं, जिसका असर वैश्विक व्यापार और मुद्रा प्रवाह पर सीधा पड़ सकता है।
बैंक ऑफ जापान का दर वृद्धि फैसला और जापानी येन
जापानी येन से जुड़े मोर्चे पर, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यह मुद्रा 157.50 के स्तर के आसपास मामूली बढ़त के साथ कारोबार करती दिखी। बाजार में सरकारी हस्तक्षेप की लगातार बनी आशंकाओं ने जापानी येन में बड़ी गिरावट को सीमित करने का काम किया है। इसी बीच बैंक ऑफ जापान ने अपनी अल्पकालिक ब्याज दर के लक्ष्य को 7-2 के बहुमत वाले मतदान से 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया। यह दर वृद्धि पिछले 31 वर्षों के उच्चतम स्तर पर है और जापानी मौद्रिक नीति के सामान्यीकरण की दिशा में एक और सोचा-समझा कदम है, जो हफ्तों से चल रही बाजार अपेक्षाओं के पूरी तरह अनुरूप रहा। इसके बावजूद बैंक ऑफ जापान के समग्र रुख को तुलनात्मक रूप से नरम माना जा रहा है, जिससे येन के खरीदार अभी भी सतर्क और रक्षात्मक बने हुए हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक नीतिगत रुख और पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनावों के कारण डॉलर को लगातार समर्थन मिल रहा है, जिससे यूएसडी/जेपीवाई जोड़ी को अनुकूल परिस्थितियां मिल रही हैं।
सोने में दो दिनों की लगातार गिरावट
कीमती धातुओं के बाजार में सोने के भाव में मंगलवार को यूरोपीय सत्र के दौरान लगातार दूसरे दिन नरमी देखने को मिली। कारोबारी सत्र के दौरान मामूली तेजी के बाद सोने की कीमतों में गिरावट आई और यह 4,315 डॉलर के दायरे को चुनौती देने लगा, जो तीन दिनों का निचला स्तर है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त और ब्याज दरें ऊंची रखने के दृष्टिकोण को निवेशकों द्वारा बिना ब्याज वाली पीली धातु से पूंजी निकालने का प्राथमिक कारण माना जा रहा है। बढ़ती बॉन्ड यील्ड और मजबूत डॉलर के माहौल में सोने पर लगातार दबाव देखा जा रहा है।
क्रिप्टो बाजार: बिटकॉइन में ठहराव और संस्थागत निवेश
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में सबसे बड़ी डिजिटल संपत्ति बिटकॉइन में पिछले दिन की 6.7 प्रतिशत की जोरदार उछाल के बाद मंगलवार को ठहराव और हल्का पुलबैक देखा गया, जहां यह 85,500 डॉलर के स्तर से नीचे आ गया। इस तकनीकी गिरावट के बावजूद संस्थागत निवेशकों की जबरदस्त मांग इस तेजी को मजबूत सहारा दे रही है। हाजिर बिटकॉइन एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स ने सोमवार को करीब 1 अरब डॉलर का शुद्ध निवेश दर्ज किया। वहीं संस्थागत स्तर पर स्ट्रेटेजी ने अपने ट्रेजरी भंडार में 950 बीटीसी और जोड़े हैं। संस्थागत आवक का यह बड़ा स्तर दर्शाता है कि अल्पकालिक मुनाफावसूली के बावजूद बड़े निवेशकों का भरोसा अभी भी मजबूत बना हुआ है।


















