देश की प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने अपने अनुभवी कर्मियों के तिमाही भत्ते को लेकर कड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने आंतरिक कार्य निष्पादन लक्ष्य पूरे न हो पाने के कारण वरिष्ठ कर्मियों के तिमाही बोनस पर रोक लगा दी है। पिछले दो वर्षों के दौरान यह पहला अवसर है जब इस वर्ग के कर्मचारियों का पूरा वेरिएबल पे रोका गया है। कंपनी ने आंतरिक संचार के माध्यम से यह स्पष्ट किया है कि सितंबर तिमाही के दौरान तय किए गए प्रदर्शन लक्ष्य हासिल नहीं किए जा सके।
किन कर्मियों के भुगतान पर पड़ा असर
कंपनी के मुख्य एचआर अधिकारी सुदीप कुन्नुमल ने कर्मचारियों को भेजे संदेश में बताया कि सी3ए ग्रेड और उससे ऊपर के स्तर के कर्मियों को इस तिमाही कोई तिमाही वेरिएबल भत्ता यानी क्यूवीए नहीं मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंतरिक लक्ष्यों की तुलना में इस तिमाही का प्रदर्शन कमजोर रहने के कारण गहन विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया है। इस दायरे में आने वाले सी3ए और उससे ऊपर के एसोसिएट्स वे पेशेवर हैं, जिनके पास सामान्य तौर पर 7 से 10 वर्ष का अनुभव होता है और इनमें वरिष्ठ स्तर के प्रबंधन से जुड़े अधिकारी भी शामिल हैं।
कनिष्ठ कर्मियों को राहत और पेआउट का पिछला ढांचा
वरिष्ठ स्तर पर भत्ते रोके जाने के बावजूद कनिष्ठ स्तर पर कार्यरत कर्मियों को उनका पूरा तय वेतन प्रदान किया जाएगा। सामान्य परिस्थितियों में कंपनी 50 से 100 प्रतिशत तक वेरिएबल पे का भुगतान करती रही है। कर्मचारियों के अनुसार, कम से कम दो साल की अवधि में यह पहली बार हुआ है जब कंपनी ने स्पष्ट रूप से बोनस न देने का फैसला सुनाया है। यह स्थिति ऐसे समय में बनी है जब कंपनी को सितंबर तिमाही में पिछले तीन वर्षों का सबसे निचला राजस्व दर्ज करना पड़ा है, जो पारंपरिक सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं की मांग पर बने निरंतर दबाव की ओर इशारा करता है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से सहारा और वैश्विक चुनौतियां
पारंपरिक सेवाओं में नरमी के बीच कंपनी के लिए आधुनिक तकनीक का क्षेत्र मददगार साबित हुआ है। कंपनी के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े राजस्व में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वित्तीय बाजारों में निवेशकों ने भी 9 अक्टूबर को इस तकनीक से होने वाली आय में तेजी पर सकारात्मक रुख दिखाया, जिसके चलते कंपनी के शेयरों में 6.2 प्रतिशत तक का उछाल देखने को मिला था।
दूसरी ओर, भारत का 315 अरब डॉलर का आईटी उद्योग नीतिगत स्तर पर पैदा हुई अनिश्चितताओं से भी जूझ रहा है। ट्रंप प्रशासन ने गुरुवार को टीसीएस, इंफोसिस और एचसीएलटेक समेत प्रमुख आईटी आउटसोर्सिंग कंपनियों को एक महत्वपूर्ण ग्रीन कार्ड कार्यक्रम से निलंबित कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम धोखाधड़ी रोकने और स्थानीय नौकरियों की रक्षा के उद्देश्य से की जा रही कार्रवाई का हिस्सा है।


















