हाल ही में लॉन्च हुए अनोखे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल जेव को तैयार करने वाले स्टार्टअप टाइपसेफ एआई ने भारी-भरकम पूंजी जुटाई है। कंपनी ने 870 मिलियन डॉलर की नई फंडिंग हासिल की है, जिसके साथ ही इसका मूल्यांकन 7.5 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है। निवेश के इस दौर का नेतृत्व आंद्रीसेन होरोविट्ज़ ने किया, जबकि इसमें सिकोइया और मौजूदा निवेशक डीसीवीसी की भी भागीदारी रही। यह बड़ा निवेश कंपनी के आधिकारिक ब्लॉग पर घोषित किया गया है, जिसके विवरण टाइपसेफ एआई के जरिए साझा किए गए हैं।
लॉन्च के फौरन बाद कॉरपोरेट जगत में बढ़ा इस्तेमाल
सितंबर 15 को पहली बार पेश किए जाने के बाद से ही जेव मॉडल तकनीकी जगत में तेजी से चर्चा का विषय बन गया था। इस नए सिस्टम को बड़े उद्यमों ने अप्रत्याशित गति से अपनाया है। स्टार्टअप के मुताबिक, फॉर्च्यून 500 सूची की लगभग एक तिहाई कंपनियां अपने कामकाज में इस मॉडल का इस्तेमाल शुरू कर चुकी हैं। केवल कुछ हफ्तों के भीतर इतने बड़े पैमाने पर कंपनियों का जुड़ना उद्यम क्षेत्र में इसकी उपयोगिता और मांग को रेखांकित करता है।
पारंपरिक एलएलएम से अलग है काम करने का तरीका
हालांकि जेव ट्रांसफॉर्मर आर्किटेक्चर पर ही आधारित है, लेकिन यह कोई लार्ज लैंग्वेज मॉडल यानी एलएलएम नहीं है। अधिकांश मौजूदा मॉडलों के उलट यह टेक्स्ट आउटपुट नहीं देता, बल्कि संभावित परिणाम तय करने वाली प्रोबेबिलिटी तैयार करता है, जिसे कंपनी कैलिब्रेटेड डिसीजन्स कहती है। टाइपसेफ का कहना है कि यह सिस्टम सामान्य एलएलएम की तुलना में काफी तेज गति से काम करता है और इसमें टोकन्स की खपत भी बेहद कम होती है। टेक्स्ट या कोड लिखने के बजाय इसे मुख्य रूप से जटिल कार्यों के ऑटोमेशन के लिए तैयार किया गया है।
संस्थापकों का अनुभव और ऑटोमेशन की नई सोच
ओपनएआई में पूर्व शोधकर्ता रहे टाइपसेफ के सह-संस्थापक डियोगो अल्मेडा के मुताबिक, उद्योग पिछले चार वर्षों से इंसानी भाषा पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, लेकिन कंप्यूटर की भाषा अलग होने के कारण यह ऑटोमेशन के लिए पूरी तरह मुफीद नहीं है। कंपनी की स्थापना 2024 में डियोगो अल्मेडा, मेटा के पूर्व रिसर्च इंजीनियर साशा शेंग और इंजीनियर व उद्यमी एरिक गैफनी ने मिलकर की थी।



















