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जनगणना 2027 को सबसे पहले पूरा करने का लक्ष्य लेकर चल रहा मिजोरममिजोरम
10 अक्तू॰ 2026, 7:46 pm (24 मिनट पहले)· 1

जनगणना 2027 को सबसे पहले पूरा करने का लक्ष्य लेकर चल रहा मिजोरम

मिजोरम ने राष्ट्रीय स्तर पर आगामी जनगणना को समयबद्ध और त्रुटिरहित तरीके से सबसे पहले पूरा करने की व्यापक प्रशासनिक तैयारी शुरू कर दी है।

पूर्वोत्तर का राज्य मिजोरम आगामी जनगणना 2027 की प्रक्रिया को देश भर में सबसे पहले संपन्न कराने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। आइजोल में आयोजित एक राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव खिल्ली राम मीणा ने इस वृहद अभियान के दूसरे चरण की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने रेखांकित किया कि समय पर और सटीक आबादी का ब्योरा जुटाना बेहद जरूरी है, क्योंकि यह नीति निर्माण को दिशा देने के साथ विकसित भारत 2047 के व्यापक लक्ष्यों को हासिल करने में केंद्रीय भूमिका निभाता है।

शरणार्थियों की गिनती और आधार की अनिवार्यता पर स्पष्टीकरण

प्रशासनिक अधिकारियों ने बैठक में स्पष्ट किया कि इस गणना के दायरे में राज्य की सभी 16 अनुसूचित जातियों के साथ वहां रह रहे शरणार्थियों को भी शामिल किया जाएगा। हालांकि, प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि जनगणना रजिस्टर में दर्ज होने मात्र से किसी भी शरणार्थी को भारत की नागरिकता का कानूनी अधिकार प्राप्त नहीं होगा। इसके अलावा, नागरिकों की प्राइवेसी का ध्यान रखते हुए यह नियम तय किया गया है कि जो लोग अपना आधार विवरण साझा करने के अनिच्छुक हैं, उन पर किसी प्रकार का दबाव नहीं बनाया जाएगा। साथ ही, जिन निवासियों के नाम मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन प्रक्रिया में छूट गए थे, उन्हें भी गणना से बाहर नहीं रखा जाएगा।

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प्रशिक्षण का ढांचा, कार्यभार और केंद्रीय बजट

जमीनी स्तर पर काम को सुचारु रूप से चलाने के लिए मास्टर ट्रेनर्स, फील्ड ट्रेनर्स, प्रगणकों (इन्यूमरेटर्स) और सुपरवाइजर्स का व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम नवंबर तक समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। तय कार्ययोजना के तहत प्रत्येक प्रगणक को औसतन लगभग 800 व्यक्तियों का डेटा दर्ज करने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। केंद्र सरकार ने जनगणना के दूसरे चरण की गतिविधियों को समय पर पूरा करने के लिए राज्य को 19.19 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी कर दी है।

सवाल-जवाब

जनगणना 2027 को लेकर मिजोरम का क्या लक्ष्य है?
मिजोरम देश में सबसे पहले जनगणना 2027 की प्रक्रिया को पूरा करने वाला राज्य बनने का लक्ष्य लेकर काम कर रहा है।
जनगणना के दूसरे चरण के लिए केंद्र सरकार ने कितना बजट जारी किया है?
केंद्र सरकार ने मिजोरम को दूसरे चरण के संचालन के लिए 19.19 करोड़ रुपये की राशि जारी की है।
क्या जनगणना में आधार नंबर देना अनिवार्य है?
नहीं, आधार नंबर साझा करना पूरी तरह से स्वैच्छिक है और किसी को भी इसे देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।
क्या शरणार्थियों की गणना से उन्हें भारतीय नागरिकता मिल जाएगी?
नहीं, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शरणार्थियों की गिनती करने से उन्हें भारतीय नागरिकता का अधिकार नहीं मिलता।
प्रत्येक प्रगणक को कितने लोगों की गणना का काम सौंपा जाएगा?
प्रत्येक प्रगणक द्वारा लगभग 800 व्यक्तियों का डेटा दर्ज किए जाने की उम्मीद है।
प्रगणकों और सुपरवाइजर्स का प्रशिक्षण कब तक पूरा होगा?
मास्टर ट्रेनर्स, फील्ड ट्रेनर्स, प्रगणकों और सुपरवाइजर्स का प्रशिक्षण नवंबर तक समाप्त होने की संभावना है।
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टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·5 मिनट पहले

मिजोरम जनगणना सबसे पहले पूरी करने में लगा है, ये तो अच्छी बात है लेकिन शरणार्थियों की गिनती से बाद में कोई कानूनी या सुरक्षा से जुड़ा झंझट तो नहीं खड़ा होगा?

Ravikash Gupta@ravikash·4 मिनट पहले

करण भाई, शरणार्थियों वाली बात तो ठीक है, पर क्या बिना नागरिकता अधिकार के इनकी गिनती से राज्य के बजट पर कोई सीधा असर पड़ेगा?

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