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थाईलैंड में $300 मिलियन का चीनी क्रिप्टो माइनिंग और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क बेनकाबव्यापार
23 जून 2026, 11:20 pm (45 दिन पहले)· 6

थाईलैंड में $300 मिलियन का चीनी क्रिप्टो माइनिंग और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क बेनकाब

थाईलैंड के विशेष जांच विभाग (DSI) ने अवैध क्रिप्टो माइनिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के एक विशाल नेटवर्क की जांच का दायरा बढ़ाया है, जो हर साल 300 मिलियन डॉलर से अधिक की काली कमाई को सफेद करता था। इस मामले में 6,390 से अधिक मशीनें जब्त हुई हैं, आठ गिरफ्तारी वारंट जारी हुए हैं और अमेरिकी गुप्त सेवा की नजर में एक प्रमुख संदिग्ध का नाम सामने आया है।

थाईलैंड की शीर्ष जांच एजेंसी, विशेष जांच विभाग (DSI), ने शुक्रवार को खुलासा किया कि उसने एक ऐसे आपराधिक नेटवर्क की जांच का दायरा और बढ़ा दिया है जो अवैध क्रिप्टो माइनिंग की आड़ में हर साल 10 अरब थाई बात यानी करीब 300 मिलियन डॉलर की काली कमाई को सफेद कर रहा था। यह पूरा नेटवर्क चीन से जुड़े अपराध सिंडिकेट के लिए एक लॉन्ड्रिंग मशीन की तरह काम कर रहा था।

ग्रे कैपिटल का संगठित जाल

DSI की प्रेस रिलीज के अनुसार, जांच का निशाना "ग्रे" चीनी पूंजी का एक संगठित नेटवर्क है। "ग्रे कैपिटल" वह अवैध धन होता है जिसे वैध दिखने वाले रास्तों से घुमाया जाता है। एजेंसी का कहना है कि यह नेटवर्क अवैध माइनिंग के साथ-साथ सीमा पार मनी लॉन्ड्रिंग में भी सक्रिय था और इसकी सालाना वित्तीय गतिविधि 10 अरब बात से ज्यादा आंकी गई है।

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2025 की छापेमारी और बिजली चोरी का खुलासा

यह मामला 2025 में हुई उन छापेमारियों से उभरा जिनमें DSI के टेक्नोलॉजी और साइबर क्राइम ब्यूरो ने बिजली चोरी कर माइनिंग करने वाले तीन अलग-अलग नेटवर्क ध्वस्त किए। अधिकारियों ने 6,390 से अधिक मशीनें जब्त कीं। इन माइनरों ने सरकारी प्रांतीय बिजली प्राधिकरण को 953 मिलियन बात से ज्यादा यानी करीब 29 मिलियन डॉलर का नुकसान पहुंचाया, जो हाल के समय में बिजली चोरी के सबसे बड़े मामलों में से एक माना जा रहा है।

स्कैम का पैसा साफ करने का अड्डा

जांचकर्ताओं ने पाया कि ये माइनिंग ऑपरेशन सिर्फ क्रिप्टोकरेंसी बनाने का काम नहीं करते थे, बल्कि कॉल सेंटर स्कैम और ऑनलाइन जुए से आई अवैध कमाई को ठिकाने लगाने का केंद्र भी थे। इस काम के लिए म्यांमार के नागरिकों को भर्ती किया गया था, जो थाई बैंकों से हर दिन 30 मिलियन से 50 मिलियन बात यानी करीब 920,000 से 1.5 मिलियन डॉलर नकद निकालते थे।

आठ गिरफ्तारी वारंट, और लिस्ट लंबी होती जा रही है

DSI ने अब तक आठ संदिग्धों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं, जिनमें चार चीनी वित्तपोषक और चार म्यांमार नागरिक शामिल हैं। सात और संदिग्धों की सक्रिय तलाश जारी है, जबकि पांच अन्य लोगों को आरोपों का सामना करने के लिए तलब किया गया है।

मुख्य संदिग्ध वांग यीचेंग: दो देशों की नजर में

इस मामले में सबसे चर्चित नाम वांग यीचेंग का है, जिन्हें DSI ने एक बड़े डिजिटल एसेट फ्रॉड मामले में प्रमुख संदिग्ध बताया है। अमेरिकी गुप्त सेवा ने उनसे जुड़े क्रिप्टो में 17.8 मिलियन डॉलर यानी करीब 620 मिलियन बात से अधिक की संपत्ति जब्त की है और इस पूरे मामले में पीड़ितों को हुए नुकसान की रकम 2 अरब बात से भी ज्यादा है।

बैंकॉक में कारोबार करने वाले वांग इससे पहले भी अमेरिकी जांचकर्ताओं की नजर में आ चुके थे। अमेरिकी गुप्त सेवा ने एक अमेरिकी घोटाले के शिकार व्यक्ति की रकम को उनके नाम पर दर्ज एक क्रिप्टो अकाउंट तक ट्रेस किया था, जिसे अधिकारियों ने "पिग बचरिंग" ऑपरेशन से जोड़ा। यह एक ऐसा लंबा धोखा है जिसमें पहले पीड़ित का भरोसा जीता जाता है और फिर क्रिप्टो में बड़ी रकम ठगी जाती है।

थाई अधिकारी भी जांच की जद में

इस नेटवर्क की पहुंच थाईलैंड की अपनी सरकारी व्यवस्था तक भी थी। DSI ने राष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी आयोग (NACC) को दो अलग मामले रेफर किए हैं, जिनमें बिजली विभाग के सात अधिकारी, एक कानून प्रवर्तन अधिकारी और 13 निवेशक या कथित साथी शामिल हैं। इन सभी पर माइनरों को बिजली तक अवैध पहुंच दिलाने और जांच की नजर से बचाने में मदद करने का आरोप है।

दिसंबर से चला आ रहा यह अभियान

यह ताजा विस्तार पिछले दिसंबर में शुरू हुए एक अभियान पर आधारित है, जब DSI ने म्यांमार से संचालित चीनी स्कैम नेटवर्क से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी कर 3,642 माइनिंग रिग्स जब्त किए थे, जिनकी कुल कीमत 8.6 मिलियन डॉलर थी।

पूरे दक्षिण-पूर्व एशिया में फैली यह समस्या

थाईलैंड की यह कार्रवाई दक्षिण-पूर्व एशिया में क्रिप्टो से जुड़ी बिजली चोरी और वित्तीय अपराध के खिलाफ चल रहे व्यापक संघर्ष का हिस्सा है। मलेशिया की सरकारी बिजली कंपनी ने पिछले पांच वर्षों में करीब 1.1 अरब डॉलर की बिजली चोरी की रिपोर्ट दी है। संयुक्त राष्ट्र के ड्रग्स और अपराध कार्यालय ने भी चेतावनी दी है कि अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गिरोह अरबों डॉलर की काली कमाई को ठिकाने लगाने के लिए तेजी से अवैध क्रिप्टो माइनिंग का सहारा ले रहे हैं।

सवाल-जवाब

थाईलैंड की DSI किस नेटवर्क की जांच कर रही है?
DSI एक ऐसे नेटवर्क की जांच कर रही है जो अवैध क्रिप्टो माइनिंग के जरिए हर साल 10 अरब थाई बात यानी करीब 300 मिलियन डॉलर की अवैध रकम को सफेद करता था और चीन से जुड़े अपराध सिंडिकेट के लिए काम करता था।
2025 की छापेमारी में कितनी मशीनें जब्त हुईं और कितना नुकसान सामने आया?
DSI ने 6,390 से अधिक माइनिंग मशीनें जब्त कीं और सरकारी प्रांतीय बिजली प्राधिकरण को 953 मिलियन बात यानी करीब 29 मिलियन डॉलर का नुकसान पहुंचाने का अनुमान लगाया गया, जो हाल के समय में बिजली चोरी के सबसे बड़े मामलों में से एक है।
वांग यीचेंग कौन हैं और उन पर क्या आरोप हैं?
वांग यीचेंग बैंकॉक स्थित एक कारोबारी हैं जिन्हें DSI ने बड़े डिजिटल एसेट फ्रॉड मामले में प्रमुख संदिग्ध बताया है। अमेरिकी गुप्त सेवा ने उनसे जुड़े क्रिप्टो में 17.8 मिलियन डॉलर से अधिक जब्त किए हैं और इस मामले में पीड़ितों को 2 अरब बात से अधिक का नुकसान हुआ है।
म्यांमार के नागरिकों की इस नेटवर्क में क्या भूमिका थी?
म्यांमार के नागरिकों को थाई बैंकों से रोजाना 30 मिलियन से 50 मिलियन बात यानी करीब 920,000 से 1.5 मिलियन डॉलर नकद निकालने के लिए भर्ती किया गया था, ताकि कॉल सेंटर स्कैम और ऑनलाइन जुए की काली कमाई को सफेद किया जा सके।
DSI ने अब तक कितने संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई की है?
DSI ने आठ संदिग्धों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं, जिनमें चार चीनी वित्तपोषक और चार म्यांमार नागरिक हैं। सात और की तलाश जारी है और पांच अन्य को तलब किया गया है।
क्या इस मामले में थाईलैंड के सरकारी अधिकारी भी शामिल हैं?
हां, DSI ने NACC को दो मामले रेफर किए हैं जिनमें बिजली विभाग के सात अधिकारी, एक कानून प्रवर्तन अधिकारी और 13 कथित साथी शामिल हैं।
'पिग बचरिंग' स्कैम क्या होता है?
यह एक लंबा धोखा है जिसमें जालसाज पहले पीड़ित का भरोसा जीतते हैं, फिर उन्हें क्रिप्टो में बड़ी रकम निवेश या ट्रांसफर करने के लिए राजी करते हैं और अंत में पूरी रकम लेकर गायब हो जाते हैं।
दक्षिण-पूर्व एशिया में क्रिप्टो से जुड़ी बिजली चोरी की स्थिति कैसी है?
मलेशिया की बिजली कंपनी ने पांच वर्षों में करीब 1.1 अरब डॉलर की बिजली चोरी रिपोर्ट की है और संयुक्त राष्ट्र के ड्रग्स कार्यालय ने चेतावनी दी है कि अपराधी गिरोह अरबों की काली कमाई को सफेद करने के लिए अवैध माइनिंग का सहारा ले रहे हैं।
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