त्रिपुरा में नागरिकों तक जरूरी खाद्य सामग्री और ईंधन की सुचारू सप्लाई बनाए रखने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री सुशांत चौधरी ने सोमवार को राजधानी में दो अलग-अलग अहम बैठकें कीं। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य राज्यभर में जरूरी उपभोक्ता वस्तुओं और पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता, उनके दाम और वितरण व्यवस्था की मौजूदा स्थिति की बारीकी से समीक्षा करना था।
थोक विक्रेताओं के साथ खाद्यान्न और कीमतों पर चर्चा
सचिवालय में आयोजित पहली बैठक के दौरान मंत्री सुशांत चौधरी ने त्रिपुरा होलसेल ग्रोसर मर्चेंट एसोसिएशन के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श किया। इस उच्च स्तरीय चर्चा में खाद्य विभाग के प्रधान सचिव, निदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में चावल, खाद्य तेल, दाल, चीनी, आलू और प्याज जैसी दैनिक उपयोग की प्रमुख वस्तुओं के स्टॉक और खुदरा-थोक मूल्यों पर विस्तार से मंथन किया गया।
समीक्षा के दौरान मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता आम जनता के लिए हर जरूरी वस्तु का पर्याप्त भंडार सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही खुले बाजार में अनुचित कीमतों पर लगाम कसना और आपूर्ति श्रृंखला में पूरी तरह से स्थिरता बनाए रखना सरकार का मुख्य लक्ष्य है।
पेट्रोलियम उत्पादों और डिपो संचालन की समीक्षा
इसके तुरंत बाद सचिवालय में ही एक और महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसका केंद्र बिंदु राज्यभर में पेट्रोल और डीजल जैसी ऊर्जा जरूरतों की निर्बाध सप्लाई को बनाए रखना था। इस सत्र में खाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रतिनिधि और त्रिपुरा पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के सदस्य शामिल हुए। चर्चा का मुख्य केंद्र नव-निर्मित पेट्रोलियम, ऑयल एंड लुब्रिकेंट्स डिपो का संचालन शुरू करना और पूरे राज्य में ईंधन वितरण के बुनियादी ढांचे को अधिक मजबूत बनाना था।
टैंकर प्रबंधन और परिवहन व्यवस्था पर विशेष जोर
बैठक के दौरान ईंधन ले जाने वाले टैंक ट्रकों के प्रबंधन और संचालन पर खास ध्यान केंद्रित किया गया। मंत्री ने सेकरकोट से विभिन्न जिलों तक ईंधन के सुरक्षित और समयबद्ध परिवहन के लिए एक अत्यधिक कुशल और सुव्यवस्थित व्यवस्था तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया।
सुशांत चौधरी ने स्पष्ट किया कि खाद्य विभाग, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड और पेट्रोलियम डीलर्स के बीच आपसी तालमेल ही वह मजबूत कड़ी है जो उपभोक्ताओं तक ईंधन की समय पर और बिना किसी रुकावट के डिलीवरी सुनिश्चित करेगी। सत्र के दौरान नवनिर्मित डिपो के कामकाज से जुड़ी तकनीकी अड़चनों और राज्य के व्यापक वितरण नेटवर्क में आने वाली बाधाओं पर भी खुलकर चर्चा हुई, ताकि समय रहते उनका समाधान निकाला जा सके।


















