उत्तर प्रदेश में खेती को आसान और मुनाफे का सौदा बनाने के लिए राज्य सरकार ने किसानों को कृषि यंत्र खरीदने पर भारी छूट देने का इंतजाम किया है। रायबरेली के राजकीय कृषि केंद्र शिवगढ़ के प्रभारी अधिकारी शिव शंकर वर्मा के मुताबिक, सरकार की इस पहल से किसान कम कीमत में आधुनिक मशीनें खरीदकर अपनी फसल की पैदावार बढ़ा सकते हैं।
योजना का मकसद और फायदा
राज्य सरकार किसानों की कमाई बढ़ाने और खेती में नई तकनीक लाने के इरादे से लगातार अलग-अलग योजनाएं ला रही है। इसी मकसद से चलाई जा रही कृषि यंत्रीकरण योजना का सीधा फायदा यह है कि किसान अपनी पसंद का कोई भी कृषि यंत्र खरीदते समय सरकारी अनुदान का लाभ उठा सकते हैं। इससे महंगी मशीनों की खरीद पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ काफी हद तक कम हो जाता है और छोटे तथा मझोले किसान भी आधुनिक संसाधनों तक पहुंच पाते हैं।
बुकिंग और जमानत राशि का नियम
शिव शंकर वर्मा बताते हैं कि इच्छुक किसान विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर मनचाहे यंत्र की बुकिंग करा सकते हैं, क्योंकि हर मशीन पर मिलने वाला अनुदान अलग-अलग तय किया गया है। जिन यंत्रों पर 10 हजार रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक का अनुदान मिलता है, उनकी बुकिंग के समय 2500 रुपये की जमानत राशि ऑनलाइन जमा करनी पड़ती है। वहीं 1 लाख रुपये से अधिक अनुदान वाले यंत्रों के लिए यह राशि बढ़कर 5000 रुपये हो जाती है, जो इंटरनेट के जरिए ही जमा करानी होती है।
आवेदन कहां करें और आखिरी मौका कब तक
अनुदान पाने के इच्छुक किसानों को कृषि विभाग की वेबसाइट https://agriculture.up.gov.in पर जाकर फॉर्म भरना होगा। इसके लिए समय सीमा भी तय कर दी गई है, आवेदन 10 अगस्त 2026 की आधी रात यानी 12 बजे तक ही स्वीकार किए जाएंगे। इसके बाद फॉर्म भरने वालों को इस चरण का लाभ नहीं मिल पाएगा, इसलिए किसानों को समय रहते आवेदन पूरा करने की सलाह दी जा रही है।
बड़े यंत्रों पर भी राहत, फार्म मशीनरी बैंक को सबसे ज्यादा छूट
केंद्र की SMAM योजना के अंतर्गत रोटावेटर, पावर ऑपरेटेड चिप कटर, सुपर SMS वाली कंबाइन हार्वेस्टर, हेरो, एक्स्ट्रा रीपर लगा कल्टीवेटर और किसान ड्रोन जैसे उपकरणों की खरीद पर 40 प्रतिशत तक का अनुदान तय किया गया है। खास बात यह है कि सामूहिक रूप से इस्तेमाल होने वाली फार्म मशीनरी बैंक इकाइयों और किसान उत्पादक संगठनों यानी FPO को इससे भी बड़ी राहत मिलेगी, इन्हें 80 प्रतिशत तक अनुदान देने का प्रावधान है।
इन यंत्रों पर मिलेगी 40 से 50% तक सब्सिडी
विभाग ने छोटे और मझोले किसानों के काम आने वाले दर्जनों यंत्रों की सूची भी जारी की है, जिन पर कीमत का 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा। इनमें शामिल हैं
- सुपर सीडर और बेलिंग मशीन
- स्ट्रारेक और सेल्फ प्रोपेल्ड रीपर कम बाइंडर
- मेज सेलर और बैच ड्रायर
- पॉपिंग मशीन और मल्टी क्रॉप थ्रेशर
- लेजर लैंड लेबलर और मिनी दाल मिल
- मिनी राइस मिल और फिल्टर प्रेस वाली ऑयल मिल
- स्ट्रारीपर और पावर टिलर
- मल्टीक्रॉप प्लांटर और ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रेयर
- कस्टम हायरिंग के लिए हाईटेक हब
- आलू खुदाई मशीन और आलू बोने की मशीन
- शुगर केन रिटोन मैनेजर, सेटलिंग प्लांटर और पावर वीडर
जो किसान इन यंत्रों का लाभ लेना चाहते हैं, वे विभागीय पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ध्यान रहे कि महंगी और बड़ी मशीनों के लिए आवेदकों में से लाभार्थी का चुनाव सीधे नहीं बल्कि ई-लॉटरी प्रक्रिया से किया जाएगा, ताकि वितरण में पारदर्शिता बनी रहे।




















