उत्तर प्रदेश में स्वरोजगार और स्थानीय कारीगरों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार लगातार नए प्रयास कर रही है। एक जनपद एक उत्पाद योजना की सफलता के बाद अब अमेठी जिले में एक जनपद एक व्यंजन योजना की शुरुआत की गई है। इस महत्वाकांक्षी पहल का मुख्य उद्देश्य जिले के पारंपरिक खानपान को पहचान दिलाना और स्थानीय बेरोजगार युवाओं के लिए कमाई के नए अवसर पैदा करना है। इस योजना के माध्यम से युवा अपने पारंपरिक व्यंजनों को व्यावसायिक रूप देकर न केवल अपनी आजीविका चला सकेंगे, बल्कि जिले के खास व्यंजनों को पूरे राज्य में एक नई पहचान भी दिला सकेंगे।
अमेठी के तीन खास पारंपरिक व्यंजनों का हुआ चयन
एक जनपद एक व्यंजन अभियान के अंतर्गत अमेठी जिले के तीन प्रमुख पकवानों का चयन किया गया है। इनमें समोसा, गुड़ की खीर और बड़ी वाली पूड़ी शामिल हैं। राज्य सरकार अब इन व्यंजनों को धरातल पर उतारते हुए रोजगार की मुख्य धारा से जोड़ने की तैयारी में जुट गई है। इन परंपरागत व्यंजनों का उत्पादन बढ़ाकर और इन्हें बाजार में सही तरीके से प्रस्तुत करके स्थानीय कारीगरों और नए उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की योजना तैयार की गई है।
ब्रांडिंग, पैकेजिंग और खाद्य सुरक्षा पर दिया जाएगा ध्यान
भारतीय पैकेजिंग संस्थान लखनऊ के विशेषज्ञ डॉ अंशुमान के अनुसार यह अभियान लोगों को स्वरोजगार उपलब्ध कराने की एक बेहद प्रभावी पहल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समोसे का व्यापार तो बाजार में पहले से ही तेजी से फल-फूल रहा है, लेकिन गुड़ की खीर और बड़ी वाली पूड़ी का व्यावसायिक उत्पादन अभी बड़े पैमाने पर नहीं होता है। इसी कारण उद्यमियों और युवाओं के बीच जागरूकता बढ़ाई जा रही है कि वे किस तरह इन पारंपरिक पकवानों की आधुनिक पैकेजिंग और ब्रांडिंग करें। विभाग की ओर से खाद्य सुरक्षा मानक लाइसेंस और पंजीकरण प्रक्रिया में पूरी मदद दी जाएगी, ताकि उत्पाद गुणवत्ता के मानकों पर खरे उतर सकें।
व्यवसायिक प्रशिक्षण और वित्तीय अनुदान की व्यवस्था
संस्थान के विशेषज्ञों ने बताया कि योजना से जुड़ने वाले उद्यमियों को केवल विचार तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें व्यवसाय की सभी बारीकियों के बारे में बकायदा प्रशिक्षण दिया जाएगा। खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए उत्पाद को बाजार योग्य बनाने की तकनीक सिखाई जाएगी। इसके साथ ही, नया व्यवसाय शुरू करने वाले कारीगरों और उद्यमियों को सरकारी अनुदान भी उपलब्ध कराया जाएगा। इस वित्तीय सहायता का मुख्य मकसद उत्पादन क्षमता बढ़ाना, बेहतर पहचान बनाना और अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार देना है।
मूंज शिल्प की तर्ज पर व्यंजन उद्योग को मिलेगा बढ़ावा
जिला उपायुक्त उद्योग अभय कुमार सुमन ने जानकारी दी कि अमेठी में पहले से संचालित एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत मूंज से बने उत्पादों का व्यवसाय काफी तेजी से प्रगति कर रहा है। कई स्थानीय व्यवसायी इस काम में लगे हुए हैं। अब इसी तर्ज पर एक जनपद एक व्यंजन योजना के तहत युवाओं को खाद्य प्रसंस्करण का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रसंस्करण की तकनीक सीखने के बाद युवा अपने कुटीर उद्योग स्थापित कर सकेंगे। इस पूरी पहल से न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए द्वार खुलेंगे, बल्कि अमेठी के पारंपरिक व्यंजनों की ख्याति प्रदेश स्तर तक पहुंचेगी।



















