पंजाब के औद्योगिक शहर लुधियाना के पॉश इलाके में मंगलवार की रात ताबड़तोड़ गोलीबारी की एक दुस्साहसिक घटना सामने आई है। भाई रणधीर सिंह नगर, जिसे बीआरएस नगर के नाम से भी जाना जाता है, के जे ब्लॉक स्थित पिज्जा वार्म मेक्सिको आउटलेट के अंदर घुसकर दो अज्ञात हमलावरों ने अंधाधुंध गोलियां चलाईं। महज 3 सेकंड के भीतर 3 राउंड फायरिंग करके दोनों हमलावर मौके से फरार हो गए। इस सनसनीखेज वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ले ली है और सोशल मीडिया पर ली गई जिम्मेदारी के दावों की जांच शुरू कर दी है।
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई 3 सेकंड की दहशत
आउटलेट के भीतर लगे सुरक्षा कैमरों की सीसीटीवी फुटेज में पूरी वारदात का घटनाक्रम साफ तौर पर रिकॉर्ड हुआ है। फुटेज के अनुसार, दो संदिग्ध युवक सामान्य ग्राहकों की तरह आउटलेट के दरवाजे से अंदर दाखिल हुए। अंदर पहुंचते ही एक युवक ने अपनी जेब से पिस्तौल निकाली और बिना किसी हिचकिचाहट के लगातार 3 गोलियां चला दीं। यह पूरी गोलीबारी महज 3 सेकंड के छोटे से अंतराल में अंजाम दी गई। उसी दौरान उसका दूसरा साथी भी अपनी पिस्तौल लोड करने की कोशिश करता नजर आया, लेकिन उसकी बंदूक से गोली नहीं चल सकी। हथियार में खराबी आने के बाद दोनों आरोपी तुरंत बाहर की तरफ भागे, जहां उनका तीसरा साथी स्पलेंडर बाइक स्टार्ट करके पहले से इंतजार कर रहा था। तीनों आरोपी उसी मोटरसाइकिल पर सवार होकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गए।
गोपी लहोरिया ग्रुप का दावा और साइबर सेल की कार्रवाई
घटना के कुछ ही घंटों बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर गोपी लहोरिया ग्रुप नाम के एक अकाउंट से एक विवादित पोस्ट शेयर की गई। इस पोस्ट में पिज्जा फ्रॉम मेक्सिको आउटलेट पर हुई गोलीबारी की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए कहा गया कि फोन कॉल को नजरअंदाज करने के कारण यह हमला करवाया गया है। पोस्ट में इस वारदात को महज एक छोटा ट्रैलर करार दिया गया और मांगें पूरी न होने पर भविष्य में जान से मारने की सीधी धमकी दी गई। लुधियाना पुलिस का साइबर सेल विभाग अब इस इंस्टाग्राम पोस्ट की तकनीकी जांच में जुट गया है। पुलिस अधिकारी पोस्ट के मूल स्रोत, आईपी एड्रेस और संबंधित लोकेशन को ट्रैक कर रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह अकाउंट किसी वास्तविक गैंग का है या किसी असामाजिक तत्व ने खौफ पैदा करने के लिए फर्जी प्रोफाइल बनाई है।
सराभा नगर थाने में एफआईआर दर्ज और चंडीगढ़ की पुरानी वारदात का साया
मामले की सूचना मिलते ही सराभा नगर पुलिस स्टेशन की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच पड़ताल शुरू कर दी। मौके का मुआयना करने के दौरान पुलिस को जमीन से 3 गोलियों के खाली खोल बरामद हुए हैं। पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109, जो हत्या के प्रयास से संबंधित है, और आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस की कई टीमें शूटरों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं, हालांकि जांच प्रभावित न हो इसलिए फिलहाल पुलिस अधिकारी मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं।
पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर इस तरह की गोलीबारी की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले जून महीने में केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के सेक्टर 11 स्थित एक मेडिकल स्टोर पर भी नकाबपोश बदमाशों ने इसी अंदाज में अंधाधुंध गोलियां बरसाई थीं। उस हमले में मेडिकल स्टोर के कैशियर जानकी दास को कई गोलियां लगी थीं और इलाज के दौरान अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी। चंडीगढ़ की उस वारदात का भी सीसीटीवी फुटेज सामने आया था, जिसने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।





















