नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज ने नीट पीजी परीक्षा में शामिल होने वाले डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों के पर्सनल स्कोरकार्ड आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध करवा दिए हैं। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद अब उम्मीदवार सीधे आधिकारिक पोर्टल से अपना व्यक्तिगत विवरण और अंक पत्र प्राप्त कर सकते हैं। देश भर के मेडिकल कॉलेजों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया का आयोजन होता है, जिसमें यह स्कोरकार्ड सबसे आवश्यक दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत करना अनिवार्य है। इसके अभाव में किसी भी मेडिकल संस्थान में काउंसलिंग की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है।
रिजल्ट पीडीएफ और पर्सनल स्कोरकार्ड के बीच का अंतर
परीक्षा में बैठे कई अभ्यर्थियों के मन में परिणाम की सामान्य सूची और व्यक्तिगत स्कोरकार्ड के अंतर को लेकर दुविधा रहती है। बोर्ड द्वारा पहले जारी की गई परिणाम सूची में केवल रोल नंबर और कुल प्राप्त अंकों का विवरण दर्ज होता है। इसके विपरीत व्यक्तिगत स्कोरकार्ड में अभ्यर्थी की ऑल इंडिया रैंक (AIR), श्रेणीवार स्थिति और विभिन्न विषयों में मिले विस्तृत अंक शामिल होते हैं। इस सत्र में बोर्ड की तरफ से आधिकारिक आंसर-की और रिस्पॉन्स शीट भी उपलब्ध कराई जा रही है। इससे छात्र आसानी से यह मिलान कर सकते हैं कि उन्होंने किस प्रश्न का क्या उत्तर दिया था और कहां चूक रह गई।
स्कोरकार्ड डाउनलोड करने की सिलसिलेवार प्रक्रिया
स्कोरकार्ड प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया डिजिटल और अत्यंत सरल है, जिसके लिए उम्मीदवार के पास अपने सही लॉगिन विवरण होने चाहिए। स्कोरकार्ड डाउनलोड करने के लिए इन चरणों का पालन करें
- सबसे पहले एनबीईएमएस की आधिकारिक वेबसाइट natboard.edu.in अथवा इसके निर्दिष्ट पोर्टल को खोलें।
- वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर नीट पीजी स्कोरकार्ड से जुड़ा सक्रिय लिंक दिखाई देगा।
- उस लिंक पर क्लिक करने के पश्चात अभ्यर्थी को अपनी यूजर आईडी और पासवर्ड दर्ज करके लॉगिन करना होगा।
- लॉगिन प्रक्रिया पूरी होते ही स्क्रीन पर स्कोरकार्ड प्रदर्शित हो जाएगा, जिसे पीडीएफ प्रारूप में सुरक्षित डाउनलोड किया जा सकता है।
- भविष्य की जरूरतों और दाखिला प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए स्कोरकार्ड की कम से कम दो से तीन प्रिंट प्रतियां सुरक्षित रख लें।
स्कोरकार्ड में दर्ज महत्वपूर्ण जानकारियां
उम्मीदवार के स्कोरकार्ड में व्यक्तिगत और परीक्षा से जुड़े कई अहम विवरण स्पष्ट रूप से दर्ज होते हैं। इसमें परीक्षार्थी का पूरा नाम, रोल नंबर, माता-पिता का नाम और जन्मतिथि जैसी बुनियादी सूचनाएं शामिल रहती हैं। इसके अलावा स्कोरकार्ड के मुख्य हिस्से में कुल प्राप्त अंक, ऑल इंडिया रैंक (AIR), आरक्षित श्रेणी की रैंक और न्यूनतम अर्हक कटऑफ पर्सेंटाइल का पूरा ब्योरा अंकित होता है। इस बार क्वेश्चन आईडी और आंसर-की साथ जुड़े होने से परीक्षार्थी यह भी जांच सकते हैं कि प्रत्येक प्रश्न पर उन्हें कितने अंक प्राप्त हुए हैं।
दस्तावेज की कानूनी मान्यता और आधिकारिक वैधता
काउंसलिंग में शामिल होने वाले कई छात्रों को यह संशय रहता है कि ऑनलाइन डाउनलोड किया गया यह दस्तावेज मान्य होगा या नहीं। बोर्ड द्वारा डिजिटल रूप से जारी किया गया यह स्कोरकार्ड शत-प्रतिशत मूल और कानूनी रूप से पूर्णतः वैध होता है। इस पर परीक्षा बोर्ड का डिजिटल हस्ताक्षर अथवा सुरक्षा वेरिफिकेशन कोड मौजूद रहता है, जिसे काउंसलिंग समितियां अपने कंप्यूटर सिस्टम से सत्यापित करती हैं। इस स्कोरकार्ड को किसी राजपत्रित अधिकारी से सत्यापित या अटेस्ट कराने की कोई आवश्यकता नहीं होती है। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे इसकी सॉफ्ट कॉपी हमेशा किसी सुरक्षित डिजिटल फोल्डर या क्लाउड स्टोरेज पर सुरक्षित रखें।
आगे की प्रवेश रणनीति और काउंसलिंग प्रक्रिया
स्कोरकार्ड प्राप्त करने के बाद छात्रों के लिए अगला महत्वपूर्ण पड़ाव काउंसलिंग में भाग लेने का होता है। देश भर की 50 प्रतिशत ऑल इंडिया कोटा (50% AIQ) सीटों पर प्रवेश के लिए मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) के आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। वहीं राज्यों के अधीन आने वाली सीटों के लिए संबंधित राज्यों के मेडिकल काउंसलिंग बोर्ड अलग से आवेदन और आवंटन प्रक्रिया का संचालन करेंगे। काउंसलिंग में शामिल होते समय परीक्षार्थियों के पास नीट पीजी स्कोरकार्ड, परीक्षा का एडमिट कार्ड और एमबीबीएस डिग्री सहित सभी जरूरी दस्तावेज उपलब्ध होने चाहिए। इसलिए समय रहते स्कोरकार्ड डाउनलोड करके दाखिले के अगले चरण की योजना तैयार कर लें।



















