हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में स्थित नालागढ़ उपमंडल के अंतर्गत बरुआ पंचायत के दयोली गांव में विस्फोटक सामग्री मिलने से सनसनी फैल गई है। इलाके में एक के बाद एक दो हथगोले बरामद होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गए हैं। कानून व्यवस्था से जुड़े इस संवेदनशील घटनाक्रम में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक दो लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें मुख्य आरोपी और उसकी पत्नी दोनों शामिल हैं।
खेत में दबा मिला दूसरा हथगोला, सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत किया गया नष्ट
जांच अधिकारियों की टीम ने बुधवार को जब मुख्य आरोपी के रिहायशी मकान के आसपास गहन छानबीन शुरू की, तो घर से ठीक सटे एक खेत से दूसरा हथगोला बरामद हुआ। इससे पहले मंगलवार को भी इसी इलाके से एक ग्रेनेड पुलिस के हाथ लग चुका था। दोनों विस्फोटकों की बरामदगी के बाद किसी भी संभावित खतरे को टालने के लिए तुरंत बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया गया। विशेषज्ञों की टीम ने स्थापित सुरक्षा प्रोटोकॉल और तकनीकी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए दोनों हथगोलों को नियंत्रित तरीके से सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया। इसके अतिरिक्त आरोपी के मकान और आसपास के पूरे इलाके में व्यापक तलाशी अभियान भी चलाया गया, हालांकि उस दौरान कोई अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई।
पति के बाद पत्नी भी गिरफ्तार, डीएसपी की अगुवाई में विशेष जांच दल गठित
इस पूरे मामले में पुलिस ने सबसे पहले मजरा निवासी मुख्य आरोपी रशीद मोहम्मद उर्फ बाऊ को पकड़ा था। उससे मिले इनपुट और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने उसकी पत्नी किरना को भी औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है। अब दोनों आरोपियों से संयुक्त और अलग-अलग पूछताछ कर यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि विस्फोटक सामग्री कहां से आई थी। मामले की संवेदनशीलता और खतरे के स्तर को ध्यान में रखते हुए पूरे प्रकरण की विस्तृत छानबीन के लिए डीएसपी नालागढ़ की अध्यक्षता में एक विशेष जांच टीम यानी एसआईटी गठित कर दी गई है।
आपसी विवाद के बाद सामने आया मामला, कड़ी धाराओं में केस दर्ज
घटना की पृष्ठभूमि 29 सितंबर 2026 से जुड़ी है, जब माजरा-दियोली क्षेत्र में दो पक्षों के बीच अचानक हिंसक टकराव और लड़ाई हो गई थी। इस झगड़े की सूचना मिलने के बाद जब पुलिस बल मौके पर जांच करने पहुंचा, तो आरोपी के घर के पास ग्रेनेड पड़ा मिला। खतरे को देखते हुए एहतियात के तौर पर आसपास के रिहायशी घरों को तुरंत खाली करा लिया गया था ताकि स्थानीय नागरिकों की जानमाल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। नालागढ़ पुलिस थाने में इस संबंध में 29 सितंबर 2026 को आर्म्स एक्ट की धारा 25(1)(a) और एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट, 1908 की धारा 4 के अंतर्गत गंभीर आपराधिक मामला दर्ज किया गया है।
क्षेत्र में यह चर्चा भी सामने आई कि विवाद के दौरान एक पक्ष द्वारा दूसरे पर ग्रेनेड फेंकने की कोशिश की गई थी, यद्यपि पुलिस अधिकारियों ने इस विशिष्ट दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन घातक विस्फोटकों का असली स्रोत क्या था और इन्हें सीमावर्ती अथवा अन्य इलाकों से नालागढ़ तक कौन लेकर आया था। उल्लेखनीय है कि नालागढ़ में पूर्व में भी एक पुलिस थाने के समीप विस्फोट की घटना घटित हो चुकी है, जिसकी जांच एनआईए कर रही है और उस मामले में कई आरोपियों को पहले ही दबोचा जा चुका है।





















