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नया छात्र बनकर फ्रेशर्स के बीच बैठे प्रोफेसर वी. कामकोटि, 90 मिनट तक किसी को नहीं हुई भनककरियर
6 अग॰ 2026, 4:44 pm (84 दिन पहले)· 2

नया छात्र बनकर फ्रेशर्स के बीच बैठे प्रोफेसर वी. कामकोटि, 90 मिनट तक किसी को नहीं हुई भनक

आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटि ने फ्रेशर्स पार्टी में नए छात्रों का रूप धरकर ऑडिटोरियम में डेढ़ घंटे बिताए और सभी को चौंका दिया।

आईआईटी मद्रास परिसर में नए सत्र के विद्यार्थियों का स्वागत करने के लिए आयोजित फ्रेशर्स पार्टी में एक अनूठा और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला। संस्थान के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटि ने औपचारिक भाषण देने या रिबन काटने की पारंपरिक परंपरा को छोड़कर एक नए छात्र का रूप धारण किया। वे नए विद्यार्थियों के लिए निर्धारित फ्रेशर्स किट की टी-शर्ट, सिर पर टोपी और कंधे पर बैकपैक टांगकर सादगी से समारोह में पहुंचे।

प्रवेश द्वार से ऑडिटोरियम तक सादगी भरा प्रवेश

कार्यक्रम के दिन प्रोफेसर कामकोटि सुबह लगभग 8:15 बजे ऑडिटोरियम के मुख्य द्वार से अंदर आए। उन्होंने बिल्कुल वही पोशाक और बैग ले रखा था जो कुछ दिन पहले ही नए विद्यार्थियों को वितरित किया गया था। मुख्य द्वार पर उपस्थित कुछ सहयोगियों को उन्होंने नमस्ते भी किया, लेकिन किसी ने उन्हें ध्यान से नहीं देखा और वे बिना किसी विशेष पहचान के भीड़ में शामिल हो गए।

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डेढ़ घंटे तक विद्यार्थियों के बीच अज्ञात बने रहे

ऑडिटोरियम के भीतर पहुंचकर निदेशक महोदय चुपचाप विद्यार्थियों के बीच एक खाली सीट पर बैठ गए। उनके आसपास बैठे छात्र अपनी बातचीत और गानों में व्यस्त थे, इस बात से पूरी तरह अनजान कि उनके ठीक बगल में संस्थान के सर्वोच्च अधिकारी बैठे हैं। वे लगभग 90 मिनट तक वहीं बैठकर कार्यक्रम का आनंद लेते रहे। इसके बाद जब एक-दो विद्यार्थियों का ध्यान उनके चेहरे पर गया, तब उनकी पहचान उजागर हुई।

मंच से साझा कीं दिल की बातें और कॉलेज की यादें

विद्यार्थियों द्वारा पहचाने जाने के बाद जब उन्हें मंच पर आमंत्रित किया गया, तो पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा। माइक संभालते ही प्रोफेसर कामकोटि ने मजाकिया अंदाज में कहा, "मैं अब बूढ़ा हो रहा हूं! पहले जब मैं ऐसे प्रैंक करता था तो बहुत देर तक कोई नहीं पकड़ पाता था। इस बार तो सिर्फ डेढ़ घंटे में ही पकड़ लिया।" उन्होंने यह भी कहा कि हालांकि वे अब बीटेक के छात्र नहीं हैं, लेकिन उन 90 मिनटों में उन्होंने अपने पुराने दिनों को दोबारा जी लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि निदेशक की कुर्सी की ताकत एक तरफ है और छात्रों के बीच बैठने का अनुभव एक तरफ, जो उनके लिए बेहद खास था।

संस्थान से गहरा जुड़ाव और शैक्षणिक पृष्ठभूमि

प्रोफेसर वी. कामकोटि स्वयं भी आईआईटी मद्रास के पूर्व छात्र रह चुके हैं। उन्होंने इसी संस्थान से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विषय में MS और PhD की डिग्रियां प्राप्त की हैं। वर्ष 2001 में वे आईआईटी मद्रास में फैकल्टी के रूप में जुड़े थे और जनवरी 2022 में उन्होंने निदेशक का पदभार संभाला था। वे अक्सर छात्रों का मनोबल बढ़ाने के लिए ऐसे नवाचार करते रहते हैं। उनका मानना है कि जीवन में असफलता जैसी कोई चीज नहीं होती, बल्कि यह सीखने की दिशा में पहला कदम है।

राष्ट्रीय स्तर पर प्रशासनिक एवं तकनीकी योगदान

शैक्षणिक नेतृत्व के अलावा प्रोफेसर कामकोटि ने राष्ट्रीय नीतियों के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वे भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टास्क फोर्स के अध्यक्ष के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। इसके अतिरिक्त, वर्तमान समय में वे राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित परीक्षाओं में सुधार लाने के उद्देश्य से गठित हाई पावर्ड टास्क फोर्स के सदस्य के रूप में कार्यरत हैं।

सवाल-जवाब

आईआईटी मद्रास के फ्रेशर्स कार्यक्रम में प्रोफेसर वी. कामकोटि ने क्या सरप्राइज दिया?
प्रोफेसर कामकोटि ने वीआईपी प्रोटोकॉल छोड़कर फ्रेशर्स किट की टी-शर्ट, टोपी और बैकपैक पहनकर लगभग 90 मिनट तक नए छात्रों के बीच बैठकर सभी को चौंका दिया।
प्रोफेसर कामकोटि कितनी देर तक छात्रों के बीच बिना पहचाने बैठे रहे?
वे ऑडिटोरियम में सुबह करीब 8:15 बजे पहुंचे और लगभग 1.5 घंटे (90 मिनट) तक नए छात्रों के बीच बिना किसी को भनक लगे बैठे रहे।
प्रोफेसर वी. कामकोटि का आईआईटी मद्रास से क्या शैक्षणिक संबंध रहा है?
वे स्वयं आईआईटी मद्रास के पूर्व छात्र रहे हैं, जहां से उन्होंने कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में MS और PhD की डिग्रियां हासिल कीं।
वर्तमान में प्रोफेसर वी. कामकोटि किन अन्य प्रमुख प्रशासनिक दायित्वों में शामिल हैं?
वे राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की परीक्षा सुधारों से जुड़ी हाई पावर्ड टास्क फोर्स के सदस्य हैं तथा पूर्व में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की AI टास्क फोर्स के अध्यक्ष रह चुके हैं।
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