वैश्विक बाजारों में बहुमूल्य धातुओं की मांग लौटने से राष्ट्रीय राजधानी के सराफा बाजार में सोने और चांदी के तेवर एक बार फिर तीखे हो गए हैं। बुधवार 5 अगस्त को दिल्ली में 99.9 फीसदी शुद्धता वाले सोने के भाव में 2,500 रुपये यानी 1.7 फीसदी की भारी बढ़त दर्ज की गई, जिससे यह 1,50,000 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) के स्तर पर जा पहुंचा। इसके साथ ही चांदी की कीमतों में भी 6,200 रुपये प्रति किलोग्राम की जबर्दस्त तेजी देखने को मिली है, जिससे यह सफेद धातु 2,32,700 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई है। दोनों ही धातुओं के दाम अब बीते एक महीने के अपने उच्चतम स्तर पर आ चुके हैं।
राष्ट्रीय राजधानी के सराफा बाजार में कीमतों का गणित
ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली सराफा बाजार में सोने के लिए यह लगातार दूसरा दिन रहा जब कीमतों में तेजी दर्ज की गई। इससे पहले मंगलवार को सोने का कारोबार 1,47,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। इस ताजा उछाल के बाद सोने की कीमतें करीब एक महीने के शीर्ष स्तर पर पहुंच गई हैं। इससे पूर्व 6 जुलाई को सोना इस स्तर के आसपास देखा गया था, जब बाजार 1,50,650 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था। इस कारोबारी सत्र में 2,500 रुपये की जोरदार तेजी ने सराफा कारोबारियों और निवेशकों का ध्यान फिर से सोने की ओर खींचा है।
दूसरी तरफ चांदी के बाजार में भी जोरदार तेजी का रुख रहा। मंगलवार को 2,26,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर बंद होने के बाद, बुधवार को चांदी की कीमत में 6,200 रुपये का बड़ा इजाफा हुआ। सभी टैक्स मिलाकर चांदी का नया भाव 2,32,700 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। चांदी में इससे पहले ऐसी मजबूती 9 जुलाई को देखने को मिली थी, जब यह 2,32,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बंद हुई थी।
ग्लोबल संकेत और विशेषज्ञों का विश्लेषण
अंतरराष्ट्रीय सराफा बाजार में हाजिर सोने की दरों में 85.28 डॉलर यानी 2.09 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया, जिससे इसका भाव 4,162.76 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी भी 3 फीसदी से ज्यादा चढ़कर 61.35 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है। वैश्विक स्तर पर आई इस मजबूती का सीधा असर घरेलू सराफा बाजार पर देखा जा रहा है।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी के अनुसार, "होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की उम्मीदों से वैश्विक बाजार की चिंताएं कम हुई हैं।" इसके अलावा अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा अपनी मौद्रिक नीति को सख्त न करने के संकेतों ने भी वैश्विक निवेशकों को सोने में खरीदारी के लिए प्रोत्साहित किया है।
मिरे एसेट शेयरखान में कमोडिटीज के प्रमुख प्रवीण सिंह ने बताया कि कच्चे तेल के घटते दामों ने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने के डर को कम कर दिया था। हालांकि यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा उत्तरी लाल सागर में सऊदी तेल टैंकरों को निशाना बनाने की धमकी के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट थम गई और इनमें फिर से उछाल आ गया, जिससे सोने की मांग को सहारा मिला। एलकेपी सिक्योरिटीज के वीपी रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी ने कहा कि आगामी आर्थिक आंकड़े ही सराफा बाजार की आगे की दिशा तय करेंगे।



















