झारखंड के पलामू जिले में मैट्रिक और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं में असफल रहने वाले या किसी कारणवश बीच में ही अपनी पढ़ाई छोड़ चुके विद्यार्थियों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। जिला शिक्षा विभाग ने ऐसे सभी छात्र-छात्राओं को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक विशेष पहल शुरू की है। इसके तहत नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) के माध्यम से विद्यार्थियों को 10वीं और 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने का सीधा अवसर प्रदान किया जा रहा है। इस व्यवस्था से युवाओं को अपना शैक्षणिक वर्ष गंवाए बिना आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
30 अगस्त तक जमा किए जा सकते हैं आवेदन फॉर्म
पलामू के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अंबुज पांडेय ने इस योजना की आधिकारिक जानकारी देते हुए स्पष्ट किया है कि इच्छुक छात्र-छात्राएं 30 अगस्त तक अपना आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं। इसके लिए अभ्यर्थियों को दूर जाने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि वे अपने निकटतम प्रखंड स्तर या विद्यालय स्तर पर जाकर फॉर्म जमा कर सकते हैं। शिक्षा विभाग की ओर से यह आवेदन पत्र पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि किसी भी विद्यार्थी पर आर्थिक बोझ न पड़े।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज और प्रक्रिया
इस प्रक्रिया के अंतर्गत नामांकन कराने वाले विद्यार्थियों को आवेदन पत्र के साथ अपनी कुछ बुनियादी जानकारियां और दस्तावेज संलग्न करने होंगे। आवेदकों को अपना पूरा नाम, पिता का नाम, आधार नंबर तथा स्थायी पते का पूर्ण विवरण देना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही आवश्यक दस्तावेजों की एक छायाप्रति भी आवेदन पत्र के साथ जमा करनी होगी। प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी रखा गया है ताकि अधिक से अधिक छात्र इसका लाभ उठा सकें।
265 पंचायतों में स्थापित किए गए अध्ययन केंद्र
विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए पलामू जिले में बड़े पैमाने पर अध्ययन केंद्र तैयार किए गए हैं। जिले की सभी 265 पंचायतों में स्थित विद्यालयों को अध्ययन केंद्र के रूप में चिन्हित किया गया है। इन केंद्रों के अलावा प्रखंड स्तर पर भी विशेष केंद्र संचालित होंगे, जहां विशेषज्ञ शिक्षक छात्रों को विषयों को समझने तथा आगामी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी करने में मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
इसी शैक्षणिक सत्र में मिलेगा पढ़ाई का अवसर
इस योजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि पंजीकृत विद्यार्थियों का नामांकन वर्तमान शैक्षणिक सत्र में ही स्वीकार किया जा रहा है। इसका सीधा अर्थ यह है कि आवेदकों को अगले वर्ष का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और वे तुरंत अपनी तैयारी शुरू कर सकेंगे। शिक्षा विभाग ने सभी योग्य अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना 30 अगस्त से पूर्व अपना पंजीकरण सुनिश्चित कराएं और अपने भविष्य को संवारने के इस अवसर का लाभ उठाएं।



















