पाकिस्तान के विमानन प्राधिकरण ने एक महत्वपूर्ण नोटिस (NOTAM) जारी करते हुए 19 अगस्त और 20 अगस्त के लिए लगभग 750 किलोमीटर लंबे हवाई क्षेत्र को उड़ानों के लिए पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है। इस अचानक की गई एयरस्पेस बंदी का कोई स्पष्ट आधिकारिक कारण पाकिस्तान की ओर से नहीं दिया गया है। हालांकि, इतने व्यापक क्षेत्र में उड़ानों की आवाजाही रोकने की असामान्य समय-सीमा और विशाल दायरे को देखते हुए रक्षा विशेषज्ञों के बीच नई सैन्य गतिविधियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई सैन्य विश्लेषक इसे लंबी दूरी की किसी आधुनिक मिसाइल या रॉकेट प्रणाली के संभावित परीक्षण से जोड़कर देख रहे हैं।
लंबी दूरी की सैन्य गतिविधि और एयरस्पेस बंदी का दायरा
सामान्य तौर पर सैन्य अभ्यासों या नियमित प्रशिक्षण अभियानों के दौरान हवाई क्षेत्र को सीमित करना एक आम प्रक्रिया मानी जाती है। लेकिन जब प्रतिबंध का दायरा 750 किलोमीटर जैसे विशाल क्षेत्र तक फैला हो, तो यह वैश्विक रक्षा रणनीतिकारों का ध्यान तुरंत अपनी ओर खींचता है। इतने लंबे कॉरिडोर में नागरिक उड़ानों को रोकना यह संकेत देता है कि पाकिस्तान किसी ऐसी हथियार प्रणाली का परीक्षण कर सकता है, जिसकी मारक क्षमता काफी लंबी दूरी तक फैली हुई है। हालांकि अभी तक यह पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हुआ है कि इस प्रस्तावित सैन्य गतिविधि का मुख्य उद्देश्य फतह प्रणाली का परीक्षण करना है या फिर यह किसी अन्य बड़े सैन्य अभ्यास का हिस्सा है।
फतह मिसाइल श्रृंखला और पाकिस्तान की रणनीतिक तैयारी
पाकिस्तान रक्षा बलों की पारंपरिक सटीक मारक क्षमता को मजबूत करने के लिए फतह सीरीज को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस हथियार श्रृंखला में फतह-1 और फतह-2 पहले ही रक्षा विशेषज्ञों के बीच अपनी सटीक हमला करने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। इसके अतिरिक्त, फतह-4 को लेकर भी पूर्व में कई सैन्य रिपोर्ट सामने आती रही हैं। पाकिस्तान की ओर से फतह-3 और फतह-5 प्रणालियों के निर्माण की आधिकारिक घोषणा तो की जा चुकी है, परंतु इन नए संस्करणों की मारक क्षमता और तकनीकी विशेषताओं से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक रूप से काफी सीमित रखी गई है। 750 किलोमीटर के इस हवाई प्रतिबंध के बाद इस बात की संभावना काफी बढ़ गई है कि पाकिस्तान अपनी इसी फतह श्रृंखला के किसी नए या उन्नत संस्करण को परखने की तैयारी में है।



















