आगामी शैक्षणिक सत्र को ध्यान में रखते हुए, राजस्थान सरकार ने राज्य भर के सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में दाखिले की खिड़की खोल दी है। कौशल, नियोजन और उद्यमिता विभाग द्वारा उठाए गए एक बड़े कदम के तहत, इन संस्थानों में एडमिशन लेने वाली लड़कियों की पूरी ट्रेनिंग फीस माफ कर दी गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवतियों को बिना किसी आर्थिक बाधा के व्यावसायिक कौशल हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इन सरकारी केंद्रों में उम्मीदवारों का चयन पूरी तरह से मेरिट पर आधारित होगा, जिसका निर्धारण पिछली कक्षाओं में प्राप्त अंकों के जरिए किया जाएगा। दाखिले के लिए कोई अलग प्रवेश परीक्षा नहीं देनी होगी। छात्र अपनी पसंद और भविष्य के रोजगार लक्ष्यों के हिसाब से विभिन्न वोकेशनल कोर्सेज में से चुनाव कर सकते हैं। उपलब्ध प्रमुख ट्रेड विकल्पों में इलेक्ट्रीशियन, फिटर, टर्नर, जनरल पेंटर, डीजल मैकेनिक, एसी मैकेनिक, वेल्डर, कोपा (COPA), इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक, सिविल ड्राफ्ट्समैन, वायरमैन और सोलर टेक्नीशियन जैसे कोर्स शामिल हैं। इसके अलावा, एक बहुत ही सुविधाजनक व्यवस्था यह है कि युवा एक ही ऑनलाइन फॉर्म का उपयोग करके अपनी आठवीं और दसवीं कक्षा की शैक्षणिक योग्यता के आधार पर एक साथ कई ट्रेड्स का विकल्प भर सकते हैं।
आयु सीमा, आवेदन शुल्क और जरूरी तारीखें
इन रोजगारपरक कोर्सेज में दाखिला पाने के लिए उम्मीदवारों की उम्र कम से कम चौदह साल होनी अनिवार्य है। इस न्यूनतम आयु मानदंड की गणना करने के लिए कटऑफ तारीख 1 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। फॉर्म भरने के लिए विभाग ने बेहद मामूली फीस स्ट्रक्चर तय किया है। अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग से ताल्लुक रखने वाले आवेदकों को केवल 175 रुपये का भुगतान करना होगा। इसके अलावा बाकी सभी आरक्षित व सामान्य श्रेणियों के उम्मीदवारों के लिए यह आवेदन शुल्क 200 रुपये रखा गया है। जब पहली कटऑफ और सीट आवंटन की सूची जारी हो जाएगी, उसके बाद सफल विद्यार्थियों को भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। ऐसे सभी चयनित युवाओं को 30 जुलाई से 3 अगस्त 2026 के बीच अपने आवंटित आईटीआई (ITI) कैंपस में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। इस दौरान उन्हें वेरिफिकेशन के लिए अपने सभी ओरिजिनल शैक्षणिक सर्टिफिकेट और पहचान पत्र साथ ले जाने होंगे।
वोकेशनल कोर्स के साथ ही मिलेगी स्कूली डिग्री
इन सरकारी संस्थानों में दाखिला लेने का एक सबसे बड़ा फायदा यह है कि युवाओं की नियमित पढ़ाई बिल्कुल भी बाधित नहीं होती है। छात्र अपनी तकनीकी ट्रेनिंग पूरी करने के साथ ही स्कूली शिक्षा के सर्टिफिकेट भी आसानी से हासिल कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई आठवीं पास छात्र किसी दो वर्षीय आईटीआई (ITI) कार्यक्रम में भाग लेता है, तो वह दसवीं के समकक्ष मान्यता प्राप्त कर सकता है। इसके लिए उन्हें राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल या राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) के जरिए केवल हिंदी और अंग्रेजी की परीक्षा पास करनी होती है। ठीक इसी प्रकार, जो युवा पहले ही दसवीं पास कर चुके हैं, वे सीधे बारहवीं विज्ञान स्ट्रीम के बराबर शैक्षणिक योग्यता प्राप्त कर सकते हैं। इस विशेष लाभ को पाने के लिए छात्रों को अपनी रेगुलर आईटीआई ट्रेनिंग के साथ सिर्फ अंग्रेजी विषय का एग्जाम क्लियर करना होगा। यह अनूठी दोहरी व्यवस्था उन लोगों के लिए राह बहुत आसान बना देती है जो भविष्य में किसी विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा ग्रहण करने का सपना देखते हैं। जानकारों का कहना है कि यह इंटीग्रेटेड सिस्टम विशेषकर लड़कियों के लिए काफी मददगार साबित होता है, जिससे वे नाममात्र के खर्च में शानदार तकनीकी विशेषज्ञता और हाई स्कूल या इंटरमीडिएट की डिग्री एक साथ हासिल कर सकती हैं।



















