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विदेश जाना है तो पहले पास करनी होगी यह चार हिस्सों वाली अंग्रेजी परीक्षा, समझें पूरा फॉर्मेटकरियर
6 सित॰ 2026, 10:54 am (48 मिनट पहले)· 1

विदेश जाना है तो पहले पास करनी होगी यह चार हिस्सों वाली अंग्रेजी परीक्षा, समझें पूरा फॉर्मेट

ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में पढ़ाई, नौकरी या सेटलमेंट के लिए जरूरी IELTS परीक्षा का ढांचा, बैंड स्कोर सिस्टम और फीस को आसान भाषा में समझिए.

विदेश की किसी यूनिवर्सिटी में दाखिला लेना हो, बाहर नौकरी तलाशनी हो या फिर परमानेंट रेजिडेंसी का इरादा हो, हर रास्ते में एक अंग्रेजी भाषा परीक्षा जरूर आड़े आती है, जिसका नाम है IELTS. यह टेस्ट दरअसल यह परखने का जरिया है कि उम्मीदवार किसी अंग्रेजी बोलने वाले मुल्क में सुनकर, पढ़कर, लिखकर और बोलकर अपना रोजमर्रा का काम आराम से चला पाएगा या नहीं. इसे मिलकर आयोजित करने का जिम्मा ब्रिटिश काउंसिल, आईडीपी और कैंब्रिज इंग्लिश के पास है.

बहुत से उम्मीदवार सिर्फ इसके नाम से ही तनाव में आ जाते हैं, जबकि हकीकत में अगर इसका ढांचा एक बार ठीक से समझ लिया जाए तो यह उतना कठिन नहीं रह जाता. एक बदलाव यह भी हो रहा है कि परंपरागत पेन-पेपर तरीके की जगह अब ज्यादातर सेंटरों पर यह परीक्षा कंप्यूटर आधारित और ऑनलाइन ढंग से ली जा रही है, जिससे नतीजे भी जल्दी आ जाते हैं.

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Academic या General Training, कौन सा वर्जन आपके लिए सही है

यह परीक्षा दो अलग-अलग रूपों में ली जाती है और दोनों का उद्देश्य बिल्कुल जुदा है। जो उम्मीदवार विदेश में ग्रेजुएशन, मास्टर्स या पीएचडी जैसी उच्च शिक्षा हासिल करना चाहते हैं, उन्हें Academic वर्जन में बैठना पड़ता है। वहीं जिनका लक्ष्य नौकरी हासिल करना, वर्क वीजा हासिल करना या स्थायी निवास यानी पीआर पाना है, उनके लिए General Training वाला विकल्प बनाया गया है। दोनों वर्जन में सवालों की शैली और मुश्किल स्तर अलग रखा जाता है ताकि यह उम्मीदवार की असली जरूरत से मेल खाए।

पूरी परीक्षा का ढांचा, चार अलग-अलग कौशल परखे जाते हैं

पूरी परीक्षा को खत्म करने में उम्मीदवार को कुल मिलाकर पौने तीन घंटे का समय देना पड़ता है। सुनने, पढ़ने और लिखने वाले तीनों हिस्से एक ही दिन बिना रुके कराए जाते हैं, जबकि बोलने वाला हिस्सा उसी दिन अलग समय पर या फिर आगे-पीछे किसी दूसरी तारीख पर भी रखा जा सकता है।

सुनने का हिस्सा तीस मिनट का होता है, जिसमें चार अलग-अलग ऑडियो क्लिप बजाई जाती हैं और उन पर आधारित चालीस सवालों के जवाब देने होते हैं। जवाब लिखने के लिए दस मिनट का अतिरिक्त समय भी मिलता है।

पढ़ने वाले हिस्से में साठ मिनट के भीतर लंबे-लंबे गद्यांश पढ़कर चालीस सवालों के सही जवाब चुनने होते हैं, जिसमें समय प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आता है।

लिखने वाले हिस्से के लिए भी साठ मिनट तय हैं, जिसमें उम्मीदवार को रिपोर्ट, पत्र या निबंध जैसे दो अलग-अलग विषयों पर लिखना पड़ता है।

बोलने वाला हिस्सा ग्यारह से चौदह मिनट के बीच चलने वाला आमने-सामने का इंटरव्यू होता है, जिसमें परीक्षक तीन अलग चरणों में बातचीत करके उम्मीदवार की रवानगी और आत्मविश्वास परखता है।

बैंड स्कोर व्यवस्था, यहां पास-फेल जैसा कोई झंझट नहीं

इस परीक्षा की खासियत यह है कि इसमें पास या फेल होने का कोई सवाल नहीं उठता, बल्कि शून्य से नौ के बीच बैंड के रूप में नतीजा दिया जाता है। नौ बैंड हासिल करने वाले को एक्सपर्ट यूजर माना जाता है, यानी उसकी अंग्रेजी पर पूरी पकड़ मानी जाती है। सात बैंड हासिल करने वाले को गुड यूजर कहा जाता है और ज्यादातर विदेशी यूनिवर्सिटी इसी स्तर के उम्मीदवारों को तरजीह देती हैं। छह बैंड कॉम्पिटेंट यूजर की श्रेणी में आता है, जिसका मतलब है औसत लेकिन कामचलाऊ पकड़।

कहां मिलती है मान्यता और भारत में फीस का गणित

भारत में फिलहाल इस परीक्षा के लिए करीब सत्रह हजार से अठारह हजार रुपये के बीच शुल्क चुकाना पड़ता है, जो समय और वर्जन के हिसाब से थोड़ा ऊपर-नीचे हो सकता है। एक बार अच्छा स्कोर मिल जाने के बाद दुनिया भर के एक सौ चालीस से ज्यादा देशों में उम्मीदवार का रास्ता खुल जाता है। अमेरिका, यूके, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, आयरलैंड और जर्मनी जैसे मुल्कों के नामी संस्थान इस स्कोर को बिना किसी हिचक के स्वीकार करते हैं।

अच्छा बैंड चाहिए तो अपनाएं ये तीन आसान तरीके

अगर पहले ही प्रयास में सात या उससे ऊपर का बैंड चाहिए तो सिर्फ किताबी तैयारी काफी नहीं होती।

  • अलग-अलग लहजे के पॉडकास्ट सुनें: सुनने वाले हिस्से में अलग-अलग देशों का उच्चारण सुनने को मिलता है, इसलिए ब्रिटिश और अमेरिकी पॉडकास्ट व समाचार सुनने की आदत डालना फायदेमंद रहता है।
  • घड़ी लगाकर अभ्यास करें: पढ़ने वाले हिस्से में सबसे बड़ी दिक्कत समय की कमी से आती है, इसलिए घर पर साठ मिनट के भीतर गद्यांश हल करने की प्रैक्टिस करनी चाहिए।
  • अंग्रेजी में सोचने की आदत डालें: बोलते वक्त बीच में अटकने से बचने के लिए रोजमर्रा की बातों को मन ही मन अंग्रेजी में सोचने का अभ्यास करना उपयोगी साबित होता है।

सवाल-जवाब

IELTS का पूरा नाम क्या है?
इंटरनेशनल इंग्लिश लैंग्वेज टेस्टिंग सिस्टम, इसे ब्रिटिश काउंसिल, आईडीपी और कैंब्रिज इंग्लिश मिलकर आयोजित करते हैं।
IELTS Academic और General Training में क्या फर्क है?
Academic विदेश में उच्च शिक्षा के लिए है, जबकि General Training नौकरी, वर्क वीजा या पीआर के लिए लिया जाता है।
पूरी परीक्षा में कितना समय लगता है?
कुल 2 घंटे 45 मिनट, जिसमें लिसनिंग, रीडिंग, राइटिंग और स्पीकिंग चार मॉड्यूल शामिल हैं।
बैंड स्कोर कैसे काम करता है?
0 से 9 के बीच स्कोर मिलता है, इसमें पास-फेल नहीं होता, बैंड 7 को गुड यूजर और बैंड 9 को एक्सपर्ट यूजर माना जाता है।
भारत में IELTS की फीस कितनी है?
फिलहाल करीब 17,000 से 18,000 रुपये के बीच, जो समय और टेस्ट टाइप पर निर्भर करती है।
IELTS स्कोर कितने देशों में मान्य है?
अच्छा स्कोर मिलने पर दुनिया के 140 से ज्यादा देशों में आवेदन किया जा सकता है, जिसमें अमेरिका, यूके, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं।
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