बिहार के खान सर की तर्ज पर दिल्ली में भी कुछ ऐसे शिक्षक हैं जो किसी पारंपरिक विश्वविद्यालय के प्रोफेसर नहीं होने के बावजूद छात्रों के बीच खासे लोकप्रिय हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र अपने कॉलेज के प्रोफेसरों से ज्यादा इन शिक्षकों को जानते और पहचानते हैं। युवाओं के बीच इनकी लोकप्रियता का आलम यह है कि छात्र ऑफलाइन कक्षाओं के साथ डिजिटल माध्यमों से भी भारी संख्या में इनसे पढ़ाई करते हैं।
जुगल चौहान का स्टार्टअप
जुगल चौहान का ‘कोर्स अनबॉक्स’ प्लेटफॉर्म युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने का काम कर रहा है। यह मंच डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे आधुनिक विषयों की शिक्षा देता है। आईआईटी और नीट जैसी परीक्षाओं में सफल न हो पाने वाले छात्रों के लिए यह एक बहुत अच्छा विकल्प साबित हो रहा है। यहाँ से शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र गूगल और मेटा जैसी दिग्गज वैश्विक कंपनियों में सेवाएँ दे रहे हैं। जब लोग लाखों रुपये के वेतन वाली आरामदायक जिंदगी जी रहे होते हैं, तब जुगल सिंह चौहान ने एक बड़ा जोखिम उठाते हुए 20 लाख रुपये के पैकेज वाली नौकरी छोड़ दी और इस स्टार्टअप की शुरुआत की।
विनोद कुमार यादव का सामाजिक योगदान
विनोद कुमार यादव ने एक स्कूटर मरम्मत की दुकान पर काम करते समय एक ऐसे गरीब बच्चे को देखा जिसकी शिक्षा केवल धन की कमी के कारण अधूरी रह गई थी। वह घटना उनके जीवन का एक बड़ा मोड़ साबित हुई। उन्होंने यह दृढ़ संकल्प लिया कि भविष्य में कोई भी बच्चा तंगी के कारण शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा। आज उनके विद्यालय में दर्जनों जरूरतमंद विद्यार्थियों को मुफ्त शिक्षा के साथ-साथ कॉपियां और किताबें भी दी जाती हैं। विनोद कुमार यादव दिल्ली के अनेक मंदिरों और गुरुद्वारों से संपर्क रखकर अपने इस सेवा कार्य का दायरा लगातार बढ़ा रहे हैं।
बी. सिंह की संघर्ष और सफलता की कहानी
देश के सबसे बड़े आईएएस कोचिंग संस्थानों में गिने जाने वाले संस्थान के प्रमुख बी. सिंह ने अपने शुरुआती दिनों में कड़ाके की ठंड के दौरान सड़कों पर पोस्टर चिपकाने का काम किया था। कृषि पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने वाले और हिंदी माध्यम से शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद बी. सिंह ने न सिर्फ आईईएस परीक्षा में शीर्ष रैंक प्राप्त की, बल्कि वर्तमान में वे ‘आईएएस फैक्ट्री’ के रूप में विख्यात संस्थान का संचालन कर रहे हैं। आज बी. सिंह देश भर के आकांक्षी युवाओं को सिविल सेवा परीक्षा पास करने के गुर सिखाते हैं। नेक्स्ट आईएएस का संचालन कर रहे उनके संस्थान से पढ़कर निकलने वाले छात्र लगातार आईएएस और आईपीएस पदों पर चयनित हो रहे हैं।
आशीष शर्मा का आईआईटी शिक्षण
आईआईटी जेईई की तैयारी के क्षेत्र में एक जाने-माने नाम आशीष शर्मा स्वभाव से बेहद शांत प्रतीत होते हैं लेकिन शैक्षणिक मामलों में वे खुद हमेशा से अव्वल रहे हैं। आईआईटी रुड़की से स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल करने वाले आशीष शर्मा यदि चाहते तो किसी अन्य क्षेत्र में भारी-भरकम पैकेज वाली नौकरी चुन सकते थे। इसके विपरीत उन्होंने शिक्षण कार्य को चुना और आज वे आईआईटी तथा जेईई जैसी कठिन प्रवेश परीक्षाओं को पास करने की तकनीक सिखाते हैं। आशीष शर्मा आईआईटी जेईई के शिक्षकों के बीच एक प्रतिष्ठित नाम बन चुके हैं।
हरप्रीत सिंह और नीट परीक्षा की तैयारी
जब भी नीट परीक्षा का जिक्र होता है, तो दिल्ली में यूँ तो इस परीक्षा की तैयारी कराने वाले कई शिक्षक मौजूद हैं लेकिन छात्रों के बीच एक ऐसा चेहरा सबसे पसंदीदा बना हुआ है जो सोशल मीडिया पर हमेशा चर्चा में रहता है। नीट परीक्षा के परिणाम हों, तैयारी के नुस्खे हों या परीक्षा की रणनीति से जुड़ी कोई अन्य जानकारी हो, हरप्रीत सिंह का चेहरा हमेशा आगे रहता है। वे दिल्ली की एक बड़ी कोचिंग संस्था में नीट की तैयारी करा रहे हैं और उनके मार्गदर्शन में पढ़ने वाले छात्र मेडिकल प्रवेश परीक्षा में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं.



















