छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में केंद्रीय जांच एजेंसी ने एक बार फिर अपनी सक्रियता दिखाई है। मंगलवार की सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक टीम ने भिलाई इलाके में अचानक छापा मारा। यह कार्रवाई राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निजी सचिव रह चुके केके चंद्राकर के आवास पर की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अधिकारी सुबह तड़के ही भिलाई-3 स्थित उनके निवास स्थान पर पहुंच गए थे और दस्तावेजों की गहन छानबीन शुरू कर दी थी।
अधिकारियों की भारी मौजूदगी और सुरक्षा व्यवस्था
इस पूरी रेड में आधा दर्जन से अधिक अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि जांच प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा न आए। निवास स्थल के बाहर सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है और जांच पूरी होने तक किसी भी बाहरी व्यक्ति के भीतर प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। सुबह-सुबह एजेंसी की इस अचानक दबिश की खबर जैसे ही आसपास के इलाकों में फैली, स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर इकट्ठा हो गई और पूरे दिन इलाके में इसी बात की चर्चा होती रही।
छत्तीसगढ़ में लगातार जारी हैं जांच एजेंसियों की कार्रवाई
पिछले कुछ समय से छत्तीसगढ़ का राजनीतिक गलियारा जांच एजेंसियों की रडार पर रहा है। राज्य में पिछली सरकार के कार्यकाल से जुड़े कई राजनेताओं, प्रशासनिक अधिकारियों और उनके करीबी सहयोगियों के ठिकानों पर लगातार इस तरह के छापे मारे जाते रहे हैं। भिलाई में हुई इस ताज़ा कार्रवाई ने एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मी को बढ़ा दिया है और सियासी हलकों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
आधिकारिक बयान का इंतजार
फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय की ओर से इस पूरी छापेमारी को लेकर कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यह भी अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह ताज़ा दबिश किस पुराने या नए मामले के सिलसिले में दी गई है। एजेंसी के अधिकारी घर के भीतर मौजूद तमाम कागजातों और अन्य सामग्रियों की बारीकी से पड़ताल कर रहे हैं। जांच की प्रक्रिया पूरी होने और अधिकारियों के बाहर आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि टीम को मौके से क्या सबूत या दस्तावेज हाथ लगे हैं।



















