छत्तीसगढ़ में शराब माफिया पर पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। कांकेर जिले में एक सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार से भारी मात्रा में तस्करी की जा रही शराब बरामद हुई है और तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब पड़ोसी मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से 15 लोगों की जान जा चुकी है और 84 से ज्यादा लोग बीमार पड़े हैं, जहां प्रशासन अब सख्ती से जांच में जुटा है।
मुखबिर की सूचना पर बिछाया गया जाल
कांकेर के कोरर थाना क्षेत्र में पुलिस को 5 और 6 सितंबर की दरमियानी रात एक गुप्त सूचना मिली थी कि एक सफेद स्विफ्ट डिजायर कार में बड़ी खेप शराब लेकर तस्कर गुजरने वाले हैं। सूचना मिलते ही कोरर पुलिस ने चारामा इलाके के चिल्हाटी चौक पर घेराबंदी करके मोबाइल चेकपोस्ट लगा दिया। कुछ ही देर में वही सफेद कार वहां पहुंची, जिसे पुलिस ने तुरंत रोक लिया। कार में सवार तीनों युवकों की पहचान चारामा निवासी प्रेम कुमार सिन्हा, नरहरपुर निवासी उमेंद्र बघेल और जगदलपुर निवासी रोहित देवांगन के रूप में हुई।
तलाशी में निकलीं बीयर और व्हिस्की की 16 पेटियां
पुलिस ने जब कार की गहनता से तलाशी ली तो उसमें 7 पेटी बीयर और 9 पेटी व्हिस्की यानी कुल 16 पेटी शराब भरी मिली। पूछताछ में तीनों आरोपी शराब से जुड़ा कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके, जिसके बाद पुलिस ने पूरी खेप को अवैध मानते हुए जब्त कर लिया। साथ ही जिस कार में शराब लाई जा रही थी, उसे भी जब्त कर लिया गया।
कुल 5 लाख 18 हजार रुपए का माल जब्त
जब्त की गई 132 लीटर शराब की कीमत करीब 73 हजार रुपए आंकी गई है। इसके अलावा आरोपियों के पास से 25 हजार रुपए नकद और तीन स्मार्टफोन भी बरामद हुए हैं। कार समेत जब्त किए गए इन सभी सामानों की कुल कीमत 5 लाख 18 हजार रुपए से अधिक बताई जा रही है। कांकेर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश साहू ने बताया, "एसपी सर के निर्देश पर पूरे जिले में अवैध नशे के खिलाफ 'उजियारा अभियान' के तहत कार्रवाई की जा रही है।"
एक आरोपी पहले से आबकारी विभाग का ब्लैकलिस्टेड चेहरा
पूछताछ में सामने आया कि पकड़े गए तीन आरोपियों में से प्रेम कुमार सिन्हा को आबकारी विभाग पहले ही ब्लैकलिस्ट कर चुका है। बताया जा रहा है कि वह चारामा की एक शराब दुकान में पहले कर्मचारी रह चुका है, यानी उसे शराब कारोबार की पूरी जानकारी और पहचान पहले से रही है। बाकी दोनों आरोपियों, उमेंद्र बघेल और रोहित देवांगन, की भूमिका को लेकर पुलिस अलग से जांच कर रही है।
कहां से आ रही थी, कहां जानी थी शराब?
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जब्त की गई शराब आखिर कहां से लाई जा रही थी और किस ठिकाने तक पहुंचाई जानी थी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि जब्त शराब में से कुछ खेप खुद छत्तीसगढ़ के भीतर से ही तैयार होकर आई थी। आरोपियों से जब्त तीनों स्मार्टफोन को भी जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी सीडीआर की जांच से तस्करी के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है।
जिले भर में इसी तरह की कार्रवाइयां लगातार जारी हैं, जिससे अवैध शराब कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि 'उजियारा अभियान' के तहत आने वाले दिनों में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ जांच और चेकिंग अभियान और तेज किया जाएगा, ताकि तस्करी के पूरे नेटवर्क तक पहुंचा जा सके।



















