छत्तीसगढ़ के सरकारी दफ्तरों पर बिजली बिल का बकाया अब तीन हजार करोड़ रुपए की सीमा पार कर चुका है और राज्य की बिजली वितरण कंपनी ने इसे वसूलने के लिए सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। कई सरकारी कार्यालयों की बिजली सप्लाई काटी जा रही है, जिससे विभागों में हलचल मच गई है।
बकाया की असली तस्वीर
जून 2026 तक के आंकड़ों में राज्य के सरकारी विभागों पर बिजली बिल के रूप में कुल 3035 करोड़ 37 लाख रुपए बकाया दिखाया गया है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा नगरीय प्रशासन विभाग का है, जिस पर अकेले 1525.18 करोड़ रुपए बकाया है। इसके बाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का नंबर आता है, जिस पर 1057.56 करोड़ रुपए चुकाने बाकी हैं। राज्यभर में कुल 1 लाख 57 हजार 341 सरकारी बिजली कनेक्शन हैं, और इनमें से एक बड़ी संख्या लंबे समय से बिल जमा नहीं कर रही थी।
प्रीपेड व्यवस्था लागू होते ही बढ़ी सख्ती
राज्य सरकार ने बीते 1 अगस्त से ब्लॉक स्तर और उससे बड़े सभी सरकारी कार्यालयों में बिजली की प्रीपेड व्यवस्था अनिवार्य कर दी है, यानी अब पहले भुगतान करने पर ही बिजली मिलेगी। इस नई व्यवस्था के साथ ही बिजली वितरण कंपनी ने पुराने बकाए की वसूली का अभियान भी तेज कर दिया है, ताकि विभागों पर जमा हुई पुरानी देनदारी भी निकल सके।
स्ट्रीट लाइट और पानी टंकियों तक असर
वसूली अभियान के तहत नगर निकायों से जुड़ी पानी की टंकियों, स्ट्रीट लाइट और अन्य सार्वजनिक सेवाओं की बिजली आपूर्ति काटी जाने लगी है। बिलासपुर नगर निगम में इस तरह के कुछ कनेक्शन पहले ही काटे जा चुके हैं। इसके अलावा हाउसिंग बोर्ड पर भी बकाया चुकाने का दबाव बनाया जा रहा है, ताकि आगे कनेक्शन कटने की नौबत न आए।
कांग्रेस का वार, मंत्री ने दी सफाई
इस मामले पर कांग्रेस ने राज्य सरकार को घेरते हुए कहा है कि इस कार्रवाई की असली मार आम जनता पर पड़ेगी, क्योंकि स्ट्रीट लाइट और पानी सप्लाई जैसी सुविधाएं बाधित हो सकती हैं। मंत्री राम विचार नेताम ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि सरकार इस मुद्दे पर पहले भी अपना रुख साफ कर चुकी है और विभाग को भी स्थिति की जानकारी है। उन्होंने कहा
"अगर स्ट्रीट लाइट, पानी सप्लाई और दूसरी सार्वजनिक सुविधाएं प्रभावित होती हैं, तो इसकी कीमत आखिर आम जनता को ही चुकानी पड़ेगी."
अब यह देखना बाकी है कि विभाग तय समय में बकाया चुका पाते हैं, या बिजली कंपनी की सख्ती आने वाले दिनों में और बढ़ती है।





















