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चक्रवाती तूफान अर्नब से छत्तीसगढ़ में तेज हवाओं संग मूसलाधार बारिश की चेतावनी, कई जिलों के शैक्षणिक संस्थान बंदछत्तीसगढ़
29 अक्तू॰ 2026, 9:17 am (1 घंटे पहले)· 2

चक्रवाती तूफान अर्नब से छत्तीसगढ़ में तेज हवाओं संग मूसलाधार बारिश की चेतावनी, कई जिलों के शैक्षणिक संस्थान बंद

चक्रवात अर्नब के चलते छत्तीसगढ़ के 12 जिलों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर समेत अनेक जिलों के स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं।

समुद्री चक्रवात अर्नब के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में मौसमी गतिविधियां तेज हो गई हैं, जिससे जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है। प्रांतीय राजधानी रायपुर के अलावा आसपास के अनेक क्षेत्रों में तड़के से ही झमाझम पानी बरस रहा है। आगामी चौबीस घंटों के दौरान बादलों के और अधिक गहराने तथा अत्यधिक पानी बरसने की चेतावनी दी गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस दौरान जमीन की सतह पर पचास से साठ किलोमीटर प्रति घंटे की तेज गति से आंधीनुमा हवाएं चलने की पूरी संभावना है।

बारह संवेदनशील जिलों में सतर्कता जारी

बिगड़ते मौसमी मिजाज और तेज आंधी को देखते हुए प्रांतीय आपदा प्रबंधन तथा स्थानीय प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने सूबे के एक दर्जन प्रमुख जिलों को विशेष निगरानी में रखा है। जिन बारह जिलों में भारी बारिश को लेकर गंभीर चेतावनी दी गई है, उनमें रायपुर, दुर्ग, बालोद, बलौदाबाजार, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, धमतरी, कांकेर, महासमुंद, नारायणपुर तथा सुकमा सम्मिलित हैं। इन सभी इलाकों में सरकारी मशीनरी को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हर समय तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।

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छात्रों की सुरक्षा हेतु विभिन्न जिलों में शैक्षणिक अवकाश

अत्यधिक वर्षा और तूफानी हवाओं से होने वाले संभावित खतरों से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए विभिन्न जिलाधिकारियों ने शिक्षण संस्थाओं को अस्थायी रूप से बंद करने के निर्देश दिए हैं। विभिन्न जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों ने इस संबंध में अलग अलग आदेश निर्गत किए हैं

  • रायपुर में कदम: स्थानीय प्रशासन ने ऐहतियात बरतते हुए उनतीस अक्टूबर को समूचे रायपुर जिले के सभी निजी व सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में एक दिवस की छुट्टी कर दी है।
  • दुर्ग में दो दिवसीय बंदी: मौसम की गंभीरता को भांपते हुए कलेक्टर अभिजीत सिंह ने दुर्ग जिले में उनतीस और तीस अक्टूबर को समस्त स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया है, जो पूरे राज्य में सबसे लंबा अवकाश है।
  • बेमेतरा का निर्णय: बेमेतरा जिले की कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने छात्र-छात्राओं के हित और सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए उनतीस अक्टूबर के लिए सभी शिक्षण केंद्रों में अवकाश लागू किया है।
  • रायगढ़ में तात्कालिक आदेश: कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी की स्वीकृति मिलने के बाद जिला शिक्षा कार्यालय ने उनतीस अक्टूबर को प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल व हायर सेकेंडरी कक्षाओं के लिए तत्काल अवकाश का आदेश दिया।
  • बिलासपुर एवं मुंगेली: तूफानी परिस्थितियों और जलभराव के खतरे को देखते हुए बिलासपुर तथा मुंगेली में उनतीस अक्टूबर को सरकारी व गैर सरकारी स्कूल बंद रहेंगे। मुंगेली में आंगनबाड़ी केंद्रों में भी ताला रहेगा, जहां के प्रशासन ने आम लोगों से भ्रामक सूचनाओं से दूर रहने और सावधानी बरतने को कहा है।
  • बलरामपुर तथा पेंड्रा: बलरामपुर के सभी सरकारी और निजी शैक्षणिक संस्थानों में उनतीस अक्टूबर को पठन-पाठन स्थगित रहेगा। वहीं गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यालयों में और महिला एवं बाल विकास अधिकारी ने आंगनबाड़ियों में उनतीस अक्टूबर की छुट्टी घोषित की है।
  • जांजगीर-चांपा: इसी क्रम में जांजगीर-चांपा जिले के सभी स्कूलों को भी उनतीस अक्टूबर के दिन बंद रखने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद

मौसम के इस अप्रत्याशित रुख को देखते हुए राज्य शासन ने सभी संबंधित विभागों को उच्चतम स्तर पर अलर्ट रहने को कहा है। जल निकासी, राहत कार्य, स्वास्थ्य सेवाएं तथा बिजली आपूर्ति से जुड़े अमले को चौबीसों घंटे निगरानी रखने और किसी भी जलजमाव अथवा पेड़ गिरने की घटना पर तत्काल प्रतिक्रिया देने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

सवाल-जवाब

छत्तीसगढ़ में तेज आंधी और भारी बारिश का मुख्य कारण क्या है?
राज्य में यह मौसमी बदलाव चक्रवाती तूफान अर्नब के व्यापक प्रभाव के चलते हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार हवाओं की रफ्तार कितनी रहने की संभावना है?
मौसम वैज्ञानिकों ने राज्य में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान जताया है।
भारी बारिश की चेतावनी किन जिलों के लिए जारी की गई है?
रायपुर, दुर्ग, बालोद, बलौदाबाजार, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, धमतरी, कांकेर, महासमुंद, नारायणपुर और सुकमा सहित 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है।
दुर्ग जिले में स्कूलों की छुट्टी कब तक रहेगी?
कलेक्टर अभिजीत सिंह के आदेशानुसार दुर्ग जिले में 29 और 30 अक्टूबर को दो दिनों के लिए सभी स्कूल बंद रहेंगे।
रायपुर में शिक्षण संस्थानों को लेकर क्या फैसला लिया गया है?
सुरक्षा के मद्देनजर रायपुर जिले के सभी स्कूलों और कॉलेजों में 29 अक्टूबर को एक दिन का अवकाश दिया गया है।
किन जिलों में आंगनबाड़ी केंद्रों को भी बंद रखने के आदेश दिए गए हैं?
मुंगेली तथा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिलों में स्कूलों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में भी 29 अक्टूबर की छुट्टी घोषित की गई है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·32 मिनट पहले

दुर्ग में दो दिन की छुट्टी — बाकी जिलों ने एक दिन से काम चलाया, कलेक्टर अभिजीत सिंह ने थोड़ा ज़्यादा सतर्कता दिखाई।

Ravikash Gupta@ravikash·54 मिनट पहले

दुर्ग कलेक्टर ने सीधे दो दिन की छुट्टी कर दी, लगता है वहां मौसम सच में बहुत ज्यादा खराब होने वाला है। बच्चों की सुरक्षा के लिए यह फैसला ठीक ही है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·53 मिनट पहले

रविकेश जी, बात सही है आपकी। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना ही चाहिए, खासकर जब हवाएं इतनी तेज चल रही हों।

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

छत्तीसगढ़ में चक्रवात का असर इतना ज्यादा है कि एक साथ इतने जिलों में स्कूल बंद करने पड़े हैं। क्या बाकी विभागों के दफ्तरों या खुले में काम करने वाले मजदूरों के लिए भी प्रशासन ने कोई हिदायत दी है?

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

रोहन भाई, सच कहा आपने। बच्चों की छुट्टी तो हो गई, पर बाहर धूप या बारिश में काम करने वाले मजदूरों का क्या, इस पर भी प्रशासन को कुछ सोचना चाहिए।

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