रायपुर में हुई विष्णुदेव साय कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के विकास और आम नागरिकों की सुविधाओं से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए हैं। इन सभी महत्वपूर्ण निर्णयों की आधिकारिक जानकारी उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दी है, जिससे विभिन्न वर्गों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
बिजली बिल छूट और ठेकेदारों के लिए वित्तीय प्रावधान
राज्य सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए यह स्पष्ट किया है कि 200 यूनिट तक बिजली बिल में मिलने वाली छूट की व्यवस्था आगे भी जारी रहेगी। इसके साथ ही एम-ऊर्जा योजना की पात्रता की समयसीमा को आगे बढ़ाकर अब 31 मार्च 2027 तक कर दिया गया है। सड़क निर्माण कार्यों में लगे ठेकेदारों को डामर के दाम बढ़ने के कारण आर्थिक नुकसान हो रहा था, जिससे उबरने के लिए कैबिनेट ने 130.88 करोड़ रुपए के विशेष प्रावधान को अपनी स्वीकृति प्रदान की है।
सरकारी कर्मचारियों और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े निर्णय
राज्य के शासकीय कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखते हुए कैबिनेट ने एक बड़ा और अहम कदम उठाया है। अब से राज्य सरकार के सभी कर्मचारियों के साथ-साथ उनके परिजनों को भी कैशलेस चिकित्सा इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उन्हें स्वास्थ्य संबंधी खर्चों में बड़ी सहूलियत मिलेगी।
बुनियादी ढांचे और पर्यटन के लिए नई योजनाएं
छत्तीसगढ़ में आधारभूत इंफ्रास्ट्रक्चर के तेजी से विकास के लिए मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन-2026 को आधिकारिक रूप से हरी झंडी दे दी गई है। इसके अलावा राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन को भी मंजूरी दे दी गई है। इस महत्वाकांक्षी पर्यटन मिशन के तहत आगामी 5 वर्षों की अवधि में कुल 500 करोड़ रुपए खर्च किए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
नाम परिवर्तन और औद्योगिक परियोजनाओं को प्रोत्साहन
प्रशासनिक स्तर पर रायपुर जिले के अंतर्गत आने वाली नगर पंचायत कूंरा का नाम बदलकर अब कुंवरगढ़ करने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी मिल गई है। औद्योगिक गतिविधियों को गति देने के लिए राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों में 1000 करोड़ रुपए या उससे अधिक का भारी निवेश करने वाली कोल गैसीफिकेशन परियोजनाओं को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा।
रेल नेटवर्क का विस्तार और कृषि से जुड़े बदलाव
राज्य में परिवहन और रेल संपर्क को मजबूत बनाने के लिए कटघोरा, तखतपुर, मुंगेली, कवर्धा, खैरागढ़, डोंगरगढ़ नई रेल परियोजना को कैबिनेट की तरफ से मंजूरी दे दी गई है। इसके अलावा राजनांदगांव जिले के सोमनी में लगभग 400 करोड़ रुपए की लागत से एक आधुनिक मल्टी फ्रूट प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की जाएगी। खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत वर्ष 2026-27 के दौरान 100 करोड़ रुपए का वित्तीय बजट प्रावधान तय किया गया है। इसके साथ ही किसानों के लिए चलाई जा रही कृषक उन्नति योजना के नियमों में संशोधन किया गया है, जिसके तहत अब धान पर मिलने वाली आदान सहायता प्रति क्विंटल की बजाय सीधे प्रति एकड़ के हिसाब से प्रदान की जाएगी।



















