ब्रिटेन के ऑटम बजट और ब्याज दरों के फैसलों से पहले यूरो के मुकाबले मजबूत हुआ ब्रिटिश पाउंडसऊदी अरब की रास तनुरा तेल रिफाइनरी पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले का हूती विद्रोहियों ने किया दावाकरवाचौथ पर जीवनसंगिनी को दें ये खास तोहफे, चेहरे पर आ जाएगी प्यारी मुस्कानफेडरल रिजर्व की सख्ती और पश्चिम एशिया में खिंचाव के बीच अमेरिकी डॉलर दो हफ्ते के शीर्ष पर, वैश्विक बाजारों में हलचलइथेरियम ईटीएफ से भारी निकासी के बीच $2,310 के अहम स्तर पर टिकी ईटीएच की कीमतकरवाचौथ पर हल्के और शाही गहनों से सजाएं अपना रूप, ये पांच शानदार विकल्प देंगे राजसी अंदाजमेष से मीन राशि तक 28 अक्टूबर का भविष्यफल: सूर्य के नक्षत्र में चंद्रमा का गोचर, जानिए किन राशियों को मिलेगा महालाभजब नाथन एस्टल ने पानी पूरी बेचने वाले को थमा दिया मैन ऑफ द मैच का अवॉर्ड और 1000 पाउंड का इनामहरी पत्तेदार सब्जी सोआ से सुधरेगा हाजमा और घटेगा वजन, जानिए दिल और त्वचा के लिए इसके फायदेखाना खाने के तुरंत बाद आराम करना खतरनाक, डॉक्टर ने दी ब्लड शुगर बढ़ने की चेतावनी
छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान का कहर, बारिश के बीच बस्तर से लेकर दंतेवाड़ा तक स्कूल बंदछत्तीसगढ़
27 अक्तू॰ 2026, 7:14 pm (10 घंटे पहले)· 1

छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान का कहर, बारिश के बीच बस्तर से लेकर दंतेवाड़ा तक स्कूल बंद

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में चक्रवाती तूफान के असर के चलते बारिश शुरू हो गई है। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करते हुए दंतेवाड़ा और कोंडागांव समेत कई जिलों में स्कूलों की छुट्टियां बढ़ा दी हैं।

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के खतरे को भांपते हुए प्रशासनिक अमला पूरी तरह से सतर्क हो गया है। क्षेत्र में बारिश का दौर भी शुरू हो चुका है, जिससे मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। इस संभावित प्राकृतिक आपदा और खराब मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए, संभाग के विभिन्न जिलों में सुरक्षा और राहत कार्यों के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। जिला मुख्यालय जगदलपुर से भी बारिश शुरू होने के समाचार मिले हैं, जिसके बाद प्रशासन ने चौकसी बढ़ा दी है।

दंतेवाड़ा में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों का अवकाश

चक्रवाती तूफान और तेज हवाओं से उत्पन्न होने वाले खतरों के मद्देनजर दंतेवाड़ा जिला प्रशासन ने एक अहम कदम उठाया है। दंतेवाड़ा कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने आगामी 28 अक्टूबर के लिए एक दिन का अवकाश बढ़ाने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। इस निर्देश के अनुसार, जिले के अंतर्गत आने वाले सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र पूरी तरह बंद रहेंगे। यह छुट्टी केवल विद्यार्थियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह सभी शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर भी समान रूप से लागू होगी ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।

ये भी पढ़ें

सांसद के निर्देश पर बस्तर में विशेष समीक्षा

दूसरी तरफ, बस्तर में भी 28 अक्टूबर को सभी शैक्षणिक संस्थानों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। बस्तर सांसद ने चक्रवाती तूफान 'अरनब' के हालातों की उच्च स्तरीय समीक्षा की है और प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। सांसद ने बस्तर संभाग के सभी जिला कलेक्टरों और राजस्व महकमे को 28 अक्टूबर से लेकर 29 अक्टूबर तक पूरी तरह से सतर्क रहने का हुक्म दिया है। अधिकारियों को यह दो टूक चेतावनी दी गई है कि राहत और बचाव कार्य में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, इस चक्रवात का सबसे ज्यादा प्रभाव बस्तर संभाग पर ही पड़ने की आशंका जताई गई है।

इंद्रावती नदी किनारे के लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर भेजने की तैयारी

संभावित खतरे को देखते हुए बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिलों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। विशेष तौर पर इंद्रावती नदी के तटीय इलाकों में बसर करने वाले नागरिकों को तुरंत सुरक्षित राहत शिविरों में शिफ्ट करने के निर्देश जारी किए गए हैं। किसी भी आपातकालीन परिस्थिति से तुरंत निपटने के लिए SDRF और NDRF के कुल 50 प्रशिक्षित जवानों को आधुनिक उपकरणों के साथ मुस्तैद रखा गया है। सरकार की ओर से यह भी सुनिश्चित किया गया है कि राहत शिविर चौबीसों घंटे क्रियाशील रहें। इसके साथ ही, गर्भवती महिलाओं को जरूरत पड़ने पर फौरन सुरक्षित स्थानों और अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए विशेष परिवहन प्रबंध किए गए हैं।

बिजली, सड़क और कृषि व्यवस्था पर खास नजर

प्रशासन ने इस आपदा के दौरान विद्युत आपूर्ति, दूरसंचार नेटवर्क और सड़क मार्ग के यातायात को निर्बाध बनाए रखने पर अपना पूरा जोर दिया है। कोंडागांव जिले में राजस्व विभाग, नगरीय प्रशासन, स्वास्थ्य महकमा, बिजली विभाग और पंचायतों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रखा गया है। इसके अलावा, अन्नदाताओं की फसलों को संभावित नुकसान से बचाने के लिए एक विशेष कृषि एडवाइजरी भी जारी की गई है, ताकि किसान समय रहते एहतियाती कदम उठा सकें।

कोंडागांव में भी अवकाश का ऐलान

मझधार में भारी बारिश होने की प्रबल संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए कोंडागांव प्रशासन ने भी 28 अक्टूबर को सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। जिला शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। आदेश के तहत 28 अक्टूबर को जिले के सभी शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त विद्यालयों में अवकाश रहेगा, ताकि बच्चों और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

सवाल-जवाब

छत्तीसगढ़ के किन जिलों में चक्रवात का सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है?
चक्रवात का सबसे अधिक असर बस्तर संभाग के बस्तर, दंतेवाड़ा, कोंडागांव, सुकमा और बीजापुर जिलों में देखने को मिल रहा है।
दंतेवाड़ा में स्कूलों की छुट्टी कब बढ़ाई गई है?
दंतेवाड़ा जिला प्रशासन ने 28 अक्टूबर के लिए एक दिन की छुट्टी बढ़ाने का आदेश जारी किया है।
दंतेवाड़ा में छुट्टी किस-किस पर लागू होगी?
यह छुट्टी जिले के सभी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यार्थियों, शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर लागू होगी।
प्रशासन ने इंद्रावती नदी के पास रहने वाले लोगों के लिए क्या निर्देश दिए हैं?
इंद्रावती नदी के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं।
आपात स्थिति से निपटने के लिए किन टीमों को तैनात किया गया है?
एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों के 50 जवानों को अत्याधुनिक उपकरणों के साथ तैयार रखा गया है।
कोंडागांव में स्कूलों का अवकाश कब रहेगा?
कोंडागांव जिले के सभी शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूलों में 28 अक्टूबर को अवकाश रहेगा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Rohan Gupta@rohan-gupta·2 घंटे पहले

सिर्फ बच्चों की नहीं, टीचर्स और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की छुट्टी भी कर दी, ये अच्छा लगा। कम से कम किसी को रिस्क लेकर बाहर नहीं निकलना पड़ेगा।

Arjun Mehta@arjun-mehta·2 घंटे पहले

बस्तर और दंतेवाड़ा में चक्रवात के खतरे को देखते हुए स्कूलों की छुट्टी बढ़ाना और एनडीआरएफ को तैनात करना सही कदम है। प्रशासन की यह मुस्तैदी समय पर दिखनी भी चाहिए, खासकर इंद्रावती नदी के किनारे बसे लोगों को निकालने में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए।

Ravikash Gupta@ravikash·2 घंटे पहले

अर्जुन जी, आप बिल्कुल सही कह रहे हैं। जब मैं खुद बस्तर गया था, तब बारिश में इंद्रावती नदी का बढ़ता जलस्तर देखकर ही डर लग रहा था, ऐसे में बच्चों की छुट्टी बढ़ाना और लोगों को निकालना बहुत जरूरी था।

Rohan Verma@rohan-verma·2 घंटे पहले

दंतेवाड़ा कलेक्टर ने बच्चों के साथ-साथ शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की छुट्टी का भी बढ़िया फैसला लिया है, वरना जान जोखिम में डालने का क्या मतलब।

Karan Malhotra@karan-malhotra·2 घंटे पहले

रोहन भाई, बिल्कुल सही कहा आपने। मुझे खुद पिछली बार ऐसे ही मौसम में फील्ड पर फंसने पर समझ आया था कि जान जोखिम में डालना कितनी बड़ी मूर्खता है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp