छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के ग्राम मुजगहन में पुरानी रंजिश के कारण हुई चाकूबाजी की एक सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया है। आपसी रंजिश के चलते हुए इस खूनी संघर्ष में पूर्व सरपंच के बेटे दीपांशु साहू की जान चली गई, जबकि उसका साथी विक्की साहू गंभीर रूप से घायल हो गया है। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि यह पूरी वारदात ठीक दो साल पहले हुई एक अन्य युवक की हत्या का बदला लेने के मकसद से अंजाम दी गई थी। इस हाई-प्रोफाइल और संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थानीय पुलिस ने चार आरोपियों को दबोच लिया है और उनसे गहन पूछताछ जारी है।
बुधवार रात हुई वारदात से गांव में मची अफरा-तफरी
यह खूनी वारदात धमतरी जिले के ग्राम मुजगहन में बुधवार रात को हुई, जिसके बाद से पूरे गांव में दहशत और सनसनी का माहौल बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, जब पूर्व सरपंच का बेटा दीपांशु साहू अपने साथी विक्की साहू के साथ मौजूद था, तभी अचानक कुछ युवकों ने उन पर धारदार हथियारों से हमला बोल दिया। इस अचानक हुए हमले में दीपांशु बुरी तरह जख्मी हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। वहीं, दूसरा युवक विक्की साहू गंभीर हालत में लहूलुहान मिला, जिसे तुरंत स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। इस घटना के सामने आने के बाद से ही पूरे इलाके में सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि दो गुटों के बीच की यह आपसी दुश्मनी खूनी अंजाम तक पहुंच गई है।
दो साल पुराने कत्ल और जमानत से जुड़ा है पूरा मामला
इस सनसनीखेज हत्याकांड के पीछे की वजह बेहद पुरानी और गहरी दुश्मनी बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, इस पूरे प्रकरण का कनेक्शन ठीक दो साल पहले यानी 21 अक्टूबर 2024 को हुई एक अन्य युवक की हत्या से जुड़ा हुआ है। उस दौरान मृतक दीपांशु साहू और उसका साथी विक्की साहू मिलकर गांव के ही एक युवक अमित गोस्वामी की हत्या के मामले में आरोपी बने थे। इस गंभीर अपराध के आरोप में दोनों को जेल की हवा खानी पड़ी थी। हालांकि, वे करीब एक साल तक जेल में सजा काटने के बाद हाल ही में अदालत से जमानत पर बाहर आए थे। अमित गोस्वामी की हत्या के बाद से ही उसके करीबी और दोस्त इस बात की ताक में थे कि किसी तरह दीपांशु और विक्की से अपने साथी की मौत का बदला लिया जा सके। आरोप है कि इसी गहरी खुन्नस और पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने 21 अक्टूबर 2026 की रात को घात लगाकर दोनों पर हमला कर दिया, जिसमें दीपांशु की जान चली गई और विक्की जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और चार आरोपियों की गिरफ्तारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। हालात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत ऐक्शन लिया और इस मामले में संलिप्त चार आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार किए गए आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे। इसके अलावा वारदात से जुड़े अन्य तमाम पहलुओं और सबूतों की भी गहराई से जांच की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में आपसी रंजिश, बदलाखोरी और हिंसा की संस्कृति को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में आगे की विस्तृत जांच और पूछताछ पूरी होने के बाद ही हमले से जुड़ी सभी परिस्थितियों और हर एक आरोपी की सटीक भूमिका का पूरी तरह से खुलासा हो सकेगा।



















