हरियाणा के नूंह और गुरुग्राम में बिजली वितरण का जिम्मा किसी निजी कंपनी को सौंपे जाने के विरोध में राज्यभर के बिजली कर्मचारी तीन दिवसीय हड़ताल पर उतर आए हैं। इस कदम का असर अब मैदानी स्तर पर साफ तौर पर दिखाई देने लगा है, जिसके चलते गुरुग्राम और फरीदाबाद के बड़े हिस्से में बिजली गुल हो गई है और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
गुरुग्राम में 12 घंटे में मिलीं तीन हजार से अधिक शिकायतें
गुरुग्राम में बीती रात 10 बजे से ही विभिन्न सेक्टरों और रिहायशी इलाकों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप होनी शुरू हो गई थी। हड़ताल के प्रभाव का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि महज 12 घंटों के भीतर ही बिजली निगम के पास बिजली बाधित होने की 3 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं। कर्मचारियों के अनुसार, बीती रात से ही शिकायतों का तांता लग गया था, जिसमें रात के वक्त 945 शिकायतें प्राप्त हुईं, जबकि सुबह के वक्त महज दो घंटे के भीतर ही 2245 शिकायतें आ गईं। इसके अलावा ऑनलाइन माध्यमों और कॉल सेंटर नंबरों पर भी लगातार शिकायतें दर्ज कराने का सिलसिला बना हुआ है।
40 प्रतिशत इलाके में अंधेरा, पानी के लिए लोग परेशान
बिजली निगम यूनियन के पदाधिकारियों का आरोप है कि सरकार की वादाखिलाफी के कारण ही कर्मचारियों को मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ा है। अधिकारियों को दो दिन पहले ही चेतावनी दी गई थी, लेकिन जब मांगों को नजरअंदाज किया गया तो बुधवार रात 10 बजे से कर्मचारियों ने सांकेतिक हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल के चलते रात से ही लाइनों में आने वाले तकनीकी फाल्टों को ठीक नहीं किया जा रहा है, जिसकी वजह से गुरुग्राम का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा अंधेरे में डूब गया है। बिजली न होने के कारण लोगों को पीने का पानी तक मयस्सर नहीं हो पा रहा है और महिलाओं को रसोई में टॉर्च जलाकर खाना तैयार करना पड़ रहा है।
फरीदाबाद में भी पसरा सन्नाटा, कार्यालयों पर लगे ताले
सिर्फ गुरुग्राम ही नहीं, बल्कि फरीदाबाद में भी बिजली कर्मचारियों की इस हड़ताल का असर शहरी इलाकों से लेकर ग्रामीण अंचलों तक साफ तौर पर महसूस किया गया। कई गांवों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप रही और शहर के विभिन्न सेक्टरों में ब्लैकआउट जैसे हालात बन गए। आपूर्ति बाधित होने के कारण आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हड़ताल के दौरान जिले के अधिकांश बिजली कार्यालयों के बाहर ताले लटके नजर आए।
कर्मचारियों का प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
अपनी मांगों के समर्थन में और हड़ताल को सफल बनाने के लिए कर्मचारियों ने विभिन्न बिजली कार्यालयों के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिकारियों के साथ मिलकर विरोध जताया गया और आदेशों की प्रतियां जलाकर अपना कड़ा रोष प्रकट किया गया। एचएसईबी वर्कर यूनियन फरीदबाद सर्कल के सचिव लेखराज ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में तीन दिन की हड़ताल का ऐलान किया गया है, लेकिन यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
सरकार का पक्ष और अनिल विज की प्रतिक्रिया
दूसरी ओर, राज्य के बिजली मंत्री अनिल विज का कहना है कि इस हड़ताल का कोई बहुत बड़ा असर नहीं पड़ा है और सरकार ने इसके पुख्ता इंतजाम किए हुए हैं। उनका तर्क है कि यह हड़ताल पूरी तरह से बेवजह है क्योंकि हरियाणा बिजली विनियामक आयोग ने ही निजी कंपनी को बिजली आपूर्ति देने के आदेश दिए थे। मंत्री ने कहा कि विभाग और उन्होंने स्वयं एक बड़े वकील को खड़ा करके विनियामक के सामने इस कंपनी का पूरी ताकत से विरोध किया था, लेकिन चूंकि यह एक स्वायत्त संस्था है और हमने निजीकरण के लिए कोई आवेदन नहीं मांगा था, फिर भी केंद्रीय एक्ट के प्रावधानों के तहत कोई भी व्यक्ति या कंपनी इसके लिए आवेदन दे सकती है।





















