छत्तीसगढ़ में विजयादशमी के पावन पर्व पर एक अनोखा और चर्चा का विषय बनने वाला नजारा देखने को मिला। राज्य के राजनांदगांव जिले की तेज-तर्रार पुलिस अधीक्षक और जानी-मानी आईपीएस अधिकारी अंकिता शर्मा ने शस्त्र पूजन के बाद पारंपरिक परिधान यानी साड़ी पहने हुए ही आधुनिक एके-47 राइफल थाम ली और निशाना साधते हुए फायरिंग की। अंकिता शर्मा ने हथियारों की मारक क्षमता को परखते हुए यह फायरिंग की, जिसके बाद उनका यह बेखौफ और दबंग अंदाज सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया। भारत में सदियों से दशहरे के खास मौके पर शस्त्र पूजन की प्राचीन परंपरा चली आ रही है और देश के तमाम पुलिस तथा सुरक्षा बलों में भी इस दिन विधि-विधान के साथ हथियारों की पूजा की जाती है।
पुलिस लाइन में हुआ शस्त्र पूजन का आयोजन
इसी स्थापित परंपरा के तहत राजनांदगांव पुलिस लाइन के भीतर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम के दौरान एसपी अंकिता शर्मा ने स्वयं आगे बढ़कर पूरी आस्था के साथ पूजा-अर्चना की और उसके बाद उन्होंने एके-47 राइफल उठाई और ताबड़तोड़ फायरिंग कर डाली। साड़ी पहने हुए किसी महिला पुलिस अधिकारी द्वारा अत्याधुनिक असॉल्ट राइफल का इस्तेमाल करते हुए इस प्रकार फायरिंग करने का वीडियो जैसे ही इंटरनेट पर सामने आया, लोगों ने उनके इस अनूठे अंदाज की तारीफ करनी शुरू कर दी। हालांकि वायरल वीडियो की इस चकाचौंध और लोकप्रियता से इतर यह समझना भी उतना ही आवश्यक है कि देश के पुलिस अधिकारियों के लिए हथियारों का कड़ा प्रशिक्षण लेना, सुरक्षा से जुड़े सभी प्रोटोकॉल का पालन करना और अपनी पेशेवर दक्षता को हमेशा धार देना उनकी ड्यूटियों का सबसे अहम हिस्सा होता है।
कड़ी मेहनत और संघर्ष के बाद मिला मुकाम
अंकिता शर्मा छत्तीसगढ़ कैडर की 2018 बैच की एक बेहद काबिल आईपीएस अधिकारी हैं। उनका नाम पूरे राज्य में सख्त पुलिसिंग और कानून-व्यवस्था को पूरी मुस्तैदी से संभालने के लिए हमेशा चर्चा का विषय रहता है। पुलिस महकमे में उन्हें लेडी सिंघम के नाम से भी पुकारा जाता है। अपने कामकाज के तौर-तरीकों और सोशल मीडिया पर उनकी सक्रिय मौजूदगी की वजह से वह अक्सर सुर्खियों में बनी रहती हैं। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में 25 जून 1990 को जन्मीं अंकिता शर्मा ने संघ लोक सेवा आयोग की अत्यंत कठिन सिविल सेवा परीक्षा 2017 में ऑल इंडिया स्तर पर 203वीं रैंक हासिल करने में सफलता पाई थी और उन्हें उनका गृह कैडर छत्तीसगढ़ ही मिला था। यूपीएससी की यह परीक्षा पास करना उनके लिए आसान नहीं था क्योंकि यह उनका तीसरा प्रयास था। इससे पहले के दो प्रयासों में उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा था, जहां वह अपने पहले प्रयास में मुख्य परीक्षा तक ही पहुंच पाई थीं जबकि दूसरे प्रयास में वह प्रारंभिक परीक्षा भी पार नहीं कर सकी थीं। इन असफलताओं से निराश होने के बजाय उन्होंने अपनी कमियों को सुधारा और आखिरकार सफलता हासिल की।
नक्सल प्रभावित इलाकों में संभाला मोर्चा
अपनी सफलता के बाद अंकिता शर्मा को छत्तीसगढ़ के भाटापारा में अपनी सबसे पहली पोस्टिंग मिली थी। इसके अलावा उन्होंने राजधानी रायपुर के आजाद चौक की सीएसपी के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। मई 2022 में उन्हें खैरागढ़ का पुलिस अधीक्षक बनाकर भेजा गया, जहां उनके नाम एक और खास उपलब्धि जुड़ गई और वह खैरागढ़ की पहली महिला एसपी बनने का गौरव प्राप्त करने में सफल रहीं। इसके अतिरिक्त उन्होंने छत्तीसगढ़ के बेहद संवेदनशील और नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में भी नक्सलियों के खिलाफ चलाए जाने वाले कड़े ऑपरेशन्स की कमान बहुत सफलतापूर्वक संभाली थी। छत्तीसगढ़ की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और चुनौतीपूर्ण इलाकों में अपनी पोस्टिंग के दौरान उन्होंने अपराधियों के साथ-साथ नक्सलियों के विरुद्ध कई बड़े और कड़े ऑपरेशन अंजाम दिए। स्थानीय जनता के बीच उनका संवाद बहुत बेहतरीन रहा है और उनके कड़े प्रशासनिक निर्णयों की वजह से पुलिस महकमे में उन्हें लेडी सिंघम की उपाधि दी गई है। वर्तमान समय में वह राजनांदगांव जिले की पुलिस कप्तान के रूप में अपनी जिम्मेदारियां संभाल रही हैं।
शस्त्र पूजन की परंपरा का महत्व
दशहरे के पावन अवसर पर किए जाने वाले शस्त्र पूजन की परंपरा का गहरा संबंध शक्ति, सुरक्षा और अपने कर्तव्य के प्रति निष्ठा के प्रतीकात्मक सम्मान से जुड़ा हुआ है। देश के पुलिस विभाग में भी हर साल इस विशेष अवसर पर हथियारों और सुरक्षा उपकरणों की पूरे विधि-विधान से पूजा की जाती है। इस पूरी रस्म का मुख्य उद्देश्य सदियों पुरानी परंपरा का निर्वाह करना तो है ही, साथ ही इसके माध्यम से सुरक्षा बलों को उनके दायित्वों और देश की रक्षा के प्रति उनके संकल्प की याद भी दिलाई जाती है। कुल मिलाकर देखा जाए तो दशहरे के दिन सामने आया अंकिता शर्मा का यह वीडियो पुलिस सेवा की एक महिला अधिकारी के पारंपरिक लिबास और उनकी पेशेवर और सख्त भूमिका के अनूठे मेल को बहुत खूबसूरती से दुनिया के सामने पेश करता है। हालांकि इस वायरल वीडियो से कहीं आगे बढ़कर उनकी वास्तविक पहचान उनके शानदार पुलिसिंग कार्यों, उनके कंधों पर मौजूद भारी जिम्मेदारियों और उनके बेदाग सेवा रिकॉर्ड से गहराई से जुड़ी हुई है।



















