छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के अंतर्गत आने वाले जगदलपुर शहर में बाढ़ ने विकराल रूप ले लिया है। इंद्रावती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण प्रवीर वार्ड और विजय वार्ड पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि इन इलाकों की सड़कें किसी विशाल तालाब जैसी नजर आ रही हैं। स्थानीय जानकारों के अनुसार जगदलपुर में साल 2010 के बाद बाढ़ की ऐसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हुई है, जिसने प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
पानी में डूबे घर और छतों पर शरण
बाढ़ के पानी का स्तर इतना बढ़ चुका है कि दोनों वार्डों के अधिकांश मकान पूरी तरह डूब गए हैं। अपनी जान बचाने के लिए स्थानीय लोगों को घरों की छतों पर शरण लेनी पड़ी है। जैसे ही शाम ढलती है, इन जलमग्न इलाकों में जहरीले सांपों और बिच्छुओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है, जिससे फंसे हुए लोगों की मुश्किलें और अधिक हो गई हैं। मौसम विभाग द्वारा दी गई चेतावनी के अनुसार नदी के जलस्तर में अभी और भी बढ़ोतरी होने की पूरी आशंका बनी हुई है।
रातभर चल रहा राहत और बचाव अभियान
प्रशासन की टीमों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मोर्चा संभाल लिया है और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। अब तक 300 से ज्यादा लोगों को सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया जा चुका है। इस संकट की घड़ी में वार्ड के युवा भी मदद के लिए आगे आए हैं और ट्रैक्टरों की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। हालांकि इसके बावजूद अभी भी 100 से अधिक लोग इन इलाकों में फंसे हुए हैं, जिनमें से अंदरूनी हिस्सों में लगभग 50 लोगों के होने की सूचना है।
хеलीकॉप्टर की मदद लेने की तैयारी
प्रशासन की सबसे पहली प्राथमिकता कच्चे मकानों में रहने वाले लोगों को तुरंत बाहर निकालना है, जिसके बाद पहली और दूसरी मंजिल के लोगों पर ध्यान दिया जा रहा है। दूसरी मंजिल पर मौजूद लोग फिलहाल सुरक्षित हैं। राहत कार्यों के लिए मौके पर दो नावें तैनात की गई हैं, जिनमें टॉर्च और अन्य जरूरी राहत सामग्री मौजूद है। राजस्व विभाग का पूरा अमला और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर डटे हुए हैं और रातभर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। बातचीत के दौरान एसडीएम मनीष वर्मा ने जानकारी दी कि अंदर फंसे लोगों को निकालने के लिए हेलीकॉप्टर की मदद भी ली जा सकती है, जिसके संबंध में बस्तर कलेक्टर द्वारा पत्र जारी कर दिया गया है। यदि एसडीआरएफ की टीम अंदरूनी इलाकों तक नहीं पहुंच पाती है, तो कल सुबह हेलीकॉप्टर के माध्यम से रेस्क्यू अभियान चलाया जाएगा।



















