छत्तीसगढ़ में मौसम के कड़े तेवर और लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन के साथ यातायात व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। कई निचले इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिसका सीधा असर अब रेल पटरियों पर भी देखने को मिल रहा है। पटरियों के नीचे की मिट्टी खिसकने और कई स्थानों पर ट्रैक के धंस जाने की घटनाओं के बाद रेलवे महकमे ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के तहत यह कदम उठाया है। यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा या जोखिम से बचाने के लिए 26 सितंबर 2026 को संचालित होने वाली कई ट्रेनों के आवागमन में बड़ा बदलाव किया गया है। रेलवे अधिकारियों ने घर से निकलने से पहले अपनी गाड़ियों की लाइव स्थिति और समय सारणी की पूरी जानकारी जुटाने की विशेष सलाह दी है।
रद्द की गई प्रमुख रेल सेवाएं और आंशिक फेरबदल
प्रशासन की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, पटरियों पर पानी भरने और तकनीकी खराबी आने के कारण कई रूटों पर ट्रेनों का संचालन पूरी तरह से रोक दिया गया है। ट्रेन संख्या 78816 अंतागढ़ से रायपुर के बीच चलने वाली सेवा को इस दिन के लिए पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है, यानी यह गाड़ी तय रूट पर नहीं दौड़ेगी। इसका मतलब यह है कि यह ट्रेन दल्लीराजहरा और रायपुर के बीच अपनी सेवाएं नहीं देगी। इसी प्रकार, वापसी की दिशा में चलने वाली ट्रेन संख्या 78815 रायपुर से अंतागढ़ जाने वाली गाड़ी को भी 26 सितंबर के लिए पूरी तरह निरस्त कर दिया गया है, जिससे इस मार्ग के नियमित यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
अन्य प्रभावित ट्रेनें और रूट में कटौती
इस मूसलाधार बारिश और तकनीकी संकट की जद में केवल रायपुर रूट की ही नहीं, बल्कि अन्य महत्वपूर्ण सेवाएं भी आई हैं। ट्रेन संख्या 78818 अंतागढ़ से दुर्ग के बीच चलने वाली गाड़ी भी 26 सितंबर को अपने तय और नियमित मार्ग पर पूरी क्षमता से संचालित नहीं हो पाएगी। सुरक्षा कारणों के चलते इस ट्रेन को उसके शुरुआती स्टेशन की बजाय दल्लीराजहरा से दुर्ग के बीच ही चलाया जाएगा, जबकि अंतागढ़ और दल्लीराजहरा के बीच के हिस्से के लिए इसकी सेवाएं पूरी तरह से रद्द रहेंगी। इसके अलावा, ताड़ोकी से रायपुर के बीच चलने वाली ट्रेन संख्या 68765 के पहिए भी इसी दिन पूरी तरह थमे रहेंगे और इस गाड़ी का परिचालन नहीं होगा।
पटरियों की मरम्मत और सुधार कार्य में जुटी इंजीनियरिंग टीम
बारिश के थमने के बाद भी स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में लाने के लिए रेलवे का अमला युद्ध स्तर पर काम कर रहा है। जिन स्थानों पर पानी का भराव अधिक है या पटरियों को नुकसान पहुंचा है, वहां रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग की विशेष तकनीकी टीमें मुस्तैदी से तैनात की गई हैं। ये तकनीकी दल लगातार प्रभावित हिस्सों का बारीकी से निरीक्षण कर रहे हैं और ट्रैक की युद्धस्तर पर मरम्मत का कार्य चल रहा है। पटरियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें पूरी तरह सामान्य बनाने के बाद ही इस रूट पर ट्रेनों का सामान्य परिचालन दोबारा शुरू किया जाएगा, तब तक यात्रियों को संयम बनाए रखने की अपील की गई है।























