छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक बेहद दुखद मामला प्रकाश में आया है, जहाँ पारिवारिक कलह और प्रताड़ना से त्रस्त होकर 40 वर्षीय महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह दर्दनाक हादसा कोतवाली थाना क्षेत्र के लक्ष्मणबंध इलाके में घटित हुआ। मृतका की पहचान लक्ष्मी मानिकपुरी के रूप में हुई है। खुदकुशी जैसा खौफनाक कदम उठाने से पहले महिला ने अपने मोबाइल कैमरे से एक वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे अपनी बहनों को भेजा। वीडियो में महिला ने बेहद भावुक होकर कहा कि वह बार-बार हो रही बेइज्जती को सहन करते हुए आगे नहीं जी सकती। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुँचकर मामले की वैधानिक जांच आरंभ कर दी है।
पारिवारिक विवाद और सुसाइड वीडियो का पूरा विवरण
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस आत्मघाती कदम को उठाने से कुछ ही देर पहले घर में पति, बेटे और बहू के बीच किसी बात को लेकर तीखा विवाद हुआ था। कहासुनी इतनी अधिक बढ़ गई कि घर का माहौल पूरी तरह बिगड़ गया। इस विवाद से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है। इसके अलावा लक्ष्मी का अपने पति और सौतेले बेटे के साथ हुए झगड़े का भी एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह अपनी पीड़ा व्यक्त कर रही हैं। इस वीडियो में लक्ष्मी अपने पहले पति के बेटे और बहू पर लगातार मानसिक प्रताड़ना देने का आरोप लगाती दिख रही हैं। वीडियो में वह साफ कहती सुनाई दे रही हैं कि इस तरह अपमानित होकर रहना उनके बस में नहीं है और वह अपनी जान दे रही हैं। इसी मानसिक तनाव के कारण 27 अगस्त को उन्होंने फांसी लगा ली।
कमरे की दीवार पर मिला संदेश और पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना प्राप्त होते ही कोतवाली थाना पुलिस तुरंत घटनास्थल लक्ष्मणबंध स्थित मकान में पहुँची। जब पुलिस अधिकारियों ने कमरे का निरीक्षण किया, तो दीवार पर हाथ से लिखा हुआ एक सुसाइड नोट पाया गया। दीवार पर लिखे संदेश में मृतका ने स्पष्ट रूप से अपनी बहू पूर्णिमा महंत को अपनी अकाल मृत्यु के लिए जिम्मेदार ठहराया। कोरबा के नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि महिला द्वारा आत्महत्या किए जाने की जानकारी मिलने के तुरंत बाद पुलिस बल मौके पर भेजा गया था। दीवार पर पाई गई लिखावट की प्रामाणिकता जांचने के लिए हैंडराइटिंग विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। इसके साथ ही घटना से संबंधित सभी वीडियो और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है तथा परिजनों के बयान भी कलमबद्ध किए जा रहे हैं।
मृतका की पृष्ठभूमि और दो शादियों का इतिहास
लक्ष्मी मानिकपुरी का मायका आरामशीन पारा बस्ती में स्थित है, जबकि विवाह के पश्चात वह लक्ष्मणबंध क्षेत्र में रह रही थीं। कोरोना काल के दौरान उनके पहले पति की असमय मृत्यु हो गई थी। पहली शादी से उनके दो बेटे हैं। पहले पति के जाने के बाद लक्ष्मी ने पिछले साल 13 जून को सामाजिक रीति-रिवाज और परंपराओं के अनुसार कार्तिक दास से दूसरा विवाह रचाया था। पेशे से ठेकेदारी का काम करने वाले कार्तिक दास के भी अपनी पहली पत्नी से दो बेटे हैं। विवाह के बाद से ही परिवार में बेटों और बहू के साथ अनबन और विवाद की स्थितियाँ बन रही थीं, जिसने आखिरकार लक्ष्मी को इतना कठोर कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।



















