पश्चिम बंगाल के आसनसोल शहर में 25 से 30 अगस्त के बीच आयोजित हुई 10वीं ईस्ट जोन शूटिंग चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। बिलासपुर जिले की दो प्रतिभाशाली महिला निशानेबाजों, वसुधा डड़सेना और महज़ 14 वर्ष की सानवी मारू ने अपनी बेहतरीन निशानेबाजी के दम पर पूरे राज्य का नाम ऊंचा किया। इस प्रतियोगिता में राज्य भर से लगभग 50 खिलाड़ियों का दल शामिल हुआ था। दोनों महिला एथलीटों ने कुल मिलाकर 6 पदक अपनी झोली में डाले, जिसकी मदद से छत्तीसगढ़ को पहली बार इस जोनल प्रतियोगिता में कुल 9 पदक प्राप्त हुए हैं।
आसनसोल चैंपियनशिप में मेडल का विवरण
आसनसोल की राइफल और पिस्टल शूटिंग रेंज में छह दिनों तक चले इस मुकाबले में बिलासपुर की सानवी मारू ने अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया। 14 साल की सानवी ने 10 मीटर राइफल प्रतिस्पर्धा में हिस्सा लेते हुए सब यूथ, जूनियर तथा सीनियर तीनों श्रेणियों में अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने 1 रजत और 3 कांस्य पदक जीतकर कुल 4 मेडल पर कब्जा किया। दूसरी ओर, बिलासपुर के मंगला इलाके की रहने वाली वसुधा डड़सेना ने पिस्टल स्पर्धा में अपनी सटीकता दिखाई। वसुधा ने जूनियर और सीनियर दोनों वर्गों के पिस्टल मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए 2 स्वर्ण पदक अपने नाम किए।
दो वर्षों की कड़ी मेहनत और दैनिक दिनचर्या
इन दोनों महिला खिलाड़ियों की यह सफलता रातों-रात नहीं मिली है, बल्कि इसके पीछे पिछले दो सालों की निरंतर ट्रेनिंग और अनुशासन की बड़ी भूमिका रही है। सानवी मारू के अनुसार, इस राष्ट्रीय स्तर की जोनल चैंपियनशिप के लिए वे लंबे समय से पसीना बहा रही थीं। उनकी दैनिक दिनचर्या में हर दिन कम से कम दो घंटे शूटिंग अभ्यास के साथ-साथ शारीरिक वार्मअप और विशेष एक्सरसाइज शामिल रहती है। सानवी अपनी इस उपलब्धि का पूरा श्रेय अपने माता-पिता के प्रोत्साहन और अपने कोच के सटीक मार्गदर्शन को देती हैं। वहीं वसुधा डड़सेना ने अपनी सफलता के राज पर बात करते हुए बताया कि उन्होंने पिछले दो वर्षों से बेहद कड़े अनुशासन का पालन किया है। सुबह जल्दी जागना, रोजाना व्यायाम करना और अपनी डाइट तथा खान-पान पर सख्त नियंत्रण रखना उनकी जीवनशैली का हिस्सा बन चुका है। दोनों निशानेबाजों का अंतिम लक्ष्य अब ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करना और देश के लिए मेडल जीतना है।
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता से जोनल तक का सफर
ईस्ट जोन चैंपियनशिप में मिली यह कामयाबी उस मजबूत नींव का परिणाम है जो इन खिलाड़ियों ने राज्य स्तर पर रखी थी। इससे पहले रायपुर स्थित माना शूटिंग रेंज में आयोजित 25वीं छत्तीसगढ़ राज्य शूटिंग चैंपियनशिप में भी बिलासपुर के निशानेबाजों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया था। राज्य स्तरीय स्पर्धा में बिलासपुर के एथलीटों ने 21 स्वर्ण पदकों सहित कुल 32 मेडल हासिल किए थे। उस प्रतियोगिता में वसुधा डड़सेना ने 4 गोल्ड मेडल जीते थे, जबकि सानवी मारू ने 6 गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया था। राज्य प्रतियोगिता के इसी प्रदर्शन के आधार पर छत्तीसगढ़ के 17 निशानेबाजों ने जोनल और प्री-नेशनल स्पर्धाओं के लिए अपनी पात्रता सिद्ध की थी।
कोच शशांक मसीह का मार्गदर्शन और सफलता का मंत्र
खिलाड़ियों के इस शानदार सफर पर रोशनी डालते हुए कोच शशांक मसीह ने कहा कि किसी भी खिलाड़ी को बड़े मंच पर पहुंचाने के लिए सिर्फ शारीरिक ट्रेनिंग ही नहीं, बल्कि उसके भीतर की मजबूत इच्छाशक्ति भी सबसे ज्यादा मायने रखती है। उन्होंने बताया कि एक दौर ऐसा भी था जब राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक हासिल करना कठिन होता था, लेकिन इन निशानेबाजों ने अपनी अटूट मेहनत और अनुशासन के बल पर अपनी स्थिति पूरी तरह बदल दी है। कोच शशांक मसीह ने युवा खिलाड़ियों को सलाह दी कि खेल में सफलता पाने के लिए सबसे पहले बड़े लक्ष्य निर्धारित करना जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने उभरते हुए खिलाड़ियों को सोशल मीडिया के अत्यधिक इस्तेमाल और जंक फूड से पूरी तरह दूर रहकर अपने खेल पर ध्यान केंद्रित करने का सुझाव दिया। वसुधा और सानवी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से बिलासपुर के साथ-साथ पूरे प्रदेश में खुशी का माहौल है।



















