छत्तीसगढ़ राज्य के बिलासपुर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 130 (NH-130) के तहत बनने वाले प्रस्तावित 4-लेन उत्तर बायपास प्रोजेक्ट को निर्बाध गति देने के उद्देश्य से स्थानीय प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की सिफारिश पर कार्रवाई करते हुए बिलासपुर कलेक्टर ने बायपास मार्ग के 21 किलोमीटर के दायरे में स्थित 9 प्रभावित गांवों की भूमि के क्रय-विक्रय तथा किसी भी प्रकार के नए निर्माण कार्य पर तत्काल प्रभाव से पूरी तरह पाबंदी लगा दी है।
भू-माफियाओं और बिचौलियों की साजिश पर प्रशासनिक प्रहार
शासकीय तंत्र द्वारा जारी निर्देश के मुताबिक, आमतौर पर किसी बड़े बुनियादी ढांचा विकास कार्य की घोषणा होते ही इलाके में बिचौलिए और भू-माफिया सक्रिय हो उठते हैं। ये तत्व मुआवजे की राशि में हेरफेर करने की नीयत से जमीनों को छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजित कर देते हैं और उनका डायवर्जन (उपयोग परिवर्तन) करवाकर फर्जी मुआवजा राशि का खेल शुरू कर देते हैं। इस तरह की अनुचित गतिविधियों के कारण सरकारी खजाने पर जमीन अधिग्रहण की लागत का अत्यधिक बोझ पड़ता है और राज्य को भारी आर्थिक क्षति झेलनी पड़ती है।
इसके अतिरिक्त, जमीनों की इस अवैध खरीद-फरोख्त से वास्तविक ग्रामीण और मूल भू-स्वामी अपने जायज हक से वंचित रह जाते हैं, जबकि अवैध दलाल और मुनाफाखोर अनुचित लाभ समेट लेते हैं। इसी वित्तीय नुकसान पर नकेल कसने और निर्दोष जमीन मालिकों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए NHAI द्वारा प्रेषित 31 अगस्त 2026 के औपचारिक पत्र के संदर्भ में यह कड़ा प्रतिबंधात्मक फैसला लिया गया है।
इन 9 प्रभावित गांवों की जमीनों पर रहेगी पूर्ण पाबंदी
कलेक्टर के इस प्रशासनिक आदेश के तहत कुल 9 प्रमुख गांवों की भूमियों को चिन्हित कर उन पर प्रतिबंध लागू किया गया है। इनमें सेंदरी, रामतला, बिरकोना 01, बिरकोना 02, नगोई, बिजौर, मोपका, दोमुहानी और ढेंका शामिल हैं। सक्षम अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक संपूर्ण भूमि अधिग्रहण की विधिक प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक इन चिह्नित क्षेत्रों की जमीनों की रजिस्ट्री, स्वामित्व का हस्तांतरण, नामांतरण और लैंड यूज (उपयोग परिवर्तन) में किसी भी प्रकार का बदलाव पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही, इन जमीनों पर किसी भी नए भवन या ढांचे का निर्माण प्रारंभ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
यातायात सुगम होगा और शहर को मिलेगी भारी जाम से मुक्ति
प्रशासन की इस समयबद्ध और सख्त नाकेबंदी के कारण अनुचित लाभ कमाने की फिराक में बैठे भू-माफियाओं के मनसूबों पर पूरी तरह पानी फिर गया है। इसके साथ ही 4-लेन उत्तर बायपास निर्माण कार्य के जल्द पूरा होने का मार्ग भी प्रशस्त हो गया है। इस परियोजना के मूर्त रूप लेने के बाद बिलासपुर शहर के नागरिकों को रोजाना लगने वाले भारी व्यावसायिक ट्रैफिक और ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी, जिससे आम चालकों के समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।



















