हरियाणा राज्य के फरीदाबाद शहर में स्थित एक निजी शिक्षण संस्थान में मंगलवार को एक अत्यंत दुखद हादसा सामने आया। गाजीपुर रोड पर संचालित नवोदय विद्या निकेतन सीनियर सेकेंडरी स्कूल में अध्ययनरत 11वीं कक्षा की एक छात्रा ने स्कूल भवन की तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। गंभीर हालत में छात्रा को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, परंतु रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। मृतका सुबह अपने दो छोटे भाइयों के साथ हंसते-खेलते स्कूल पहुंची थी। इस घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है और पुलिस मामले की पूरी गहराई से तहकीकात में जुट गई है।
माता-पिता के गंभीर आरोप और चार घंटे की सजा का दावा
मृतक छात्रा के माता-पिता का आरोप है कि स्कूल परिसर में एक शिक्षिका ने उनकी बेटी के साथ अत्यधिक सख्त व्यवहार किया। परिजनों के अनुसार, छात्रा बिना किसी को पूर्व सूचना दिए बिरयानी खाने चली गई थी, जिससे नाराज होकर शिक्षिका ने उसे कड़ी सजा दी। आरोप है कि छात्रा को अनुशासनात्मक कार्रवाई के नाम पर लगातार चार घंटे तक खड़े रहने पर मजबूर किया गया। परिजनों का कहना है कि इतने लंबे समय तक सार्वजनिक रूप से प्रताड़ित किए जाने के कारण छात्रा मानसिक रूप से बुरी तरह टूट गई और इसी ग्लानि तथा तनाव में आकर उसने इमारत से कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
स्कूल प्रशासन का खंडन और डबुआ पुलिस की कार्रवाई
दूसरी तरफ, नवोदय विद्या निकेतन सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रधानाध्यापक आर के शर्मा ने परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। स्कूल प्रशासन का दावा है कि छात्रा को किसी भी प्रकार की शारीरिक या मानसिक सजा नहीं दी गई थी। प्रबंधन के मुताबिक, छात्रा अपनी कक्षा से प्रसाधन गृह जाने की अनुमति लेकर निकली थी और वहां से चुपके से सीढ़ियों के रास्ते छत पर चली गई। डबुआ थाना प्रभारी सुमेर सिंह ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस टीम द्वारा मृतका के पिता, सहपाठियों और स्कूल प्रबंधन के विस्तृत बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच अधिकारियों का कहना है कि सभी तकनीकी और परिस्थितिजन्य पहलुओं की समीक्षा के बाद ही वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
दिल्ली के पूर्वी विनोद नगर में भी घटित हुआ था ऐसा ही मामला
छात्र-छात्राओं को दी जाने वाली प्रताड़ना से जुड़ा यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व 27 अगस्त को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पूर्वी विनोद नगर क्षेत्र में भी एक ऐसी ही दर्दनाक घटना दर्ज की गई थी। वहां एक विद्यालय में पाठ्यपुस्तक न लाने पर शिक्षिका ने सजा के रूप में एक छात्रा को भीषण धूप में दोनों हाथ ऊपर करवाकर खड़ा कर दिया था। कड़ी धूप और शारीरिक थकावट के कारण छात्रा की स्थिति बिगड़ गई और वह मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़ी। बाद में उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने स्कूलों में अनुशासन और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।





















