श्रीलंका के सलामी बल्लेबाज लाहिरू उदारा ने एंटीगा के नॉर्थ साउंड में वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच के पहले ही दिन बल्ले से ऐसा तूफान खड़ा किया कि टेस्ट क्रिकेट की रिकॉर्ड बुक ही बदल गई। दाएं हाथ के इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने पहली पारी में 248 गेंदों पर 188 रन ठोक दिए, स्ट्राइक रेट रहा 75.81 का। इस पारी में उन्होंने 21 शानदार चौके और 5 गगनचुंबी छक्के लगाए और इसी के साथ श्रीलंका के महान सनथ जयसूर्या का 22 साल पुराना रिकॉर्ड इतिहास की किताबों में दफन हो गया।
पांच छक्कों वाला पहला सलामी बल्लेबाज
32 वर्षीय लाहिरू उदारा के लिए यह करियर का सिर्फ तीसरा टेस्ट मैच था, लेकिन उन्होंने वह कर दिखाया जो श्रीलंका के किसी सलामी बल्लेबाज ने आज तक नहीं किया था। टेस्ट क्रिकेट की एक पारी में 5 छक्के लगाने वाले वह श्रीलंका के पहले ओपनर बन गए। इससे पहले यह कीर्तिमान सनथ जयसूर्या के नाम दर्ज था, जिन्होंने अपने दो दशक से भी लंबे इंटरनेशनल करियर में बतौर ओपनर दो अलग अलग पारियों में 4-4 छक्के लगाए थे। उदारा ने पांच छक्के जड़कर जयसूर्या का यह पुराना कीर्तिमान पीछे छोड़ दिया और साबित कर दिया कि आधुनिक टेस्ट क्रिकेट में तेज बल्लेबाजी अब सलामी बल्लेबाजों का भी हथियार बन चुकी है।
जयसूर्या और बाकी दिग्गजों के आंकड़े
जयसूर्या ने पहली बार साल 2001 में कोलंबो के एसएससी मैदान पर बांग्लादेश के खिलाफ 56 गेंदों में 89 रन बनाते हुए 4 छक्के लगाए थे। इसके बाद साल 2004 में फैसलाबाद में पाकिस्तान के खिलाफ अपनी 253 रनों की मैराथन पारी में भी उन्होंने 4 छक्के जड़े थे। इसके अलावा जयसूर्या ने साल 2004 में हरारे में जिम्बाब्वे के खिलाफ 157 रन बनाकर और साल 2006 में कोलंबो के पीएसएस मैदान पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 73 रन बनाकर 3-3 छक्के लगाए थे। श्रीलंका के अन्य सलामी बल्लेबाजों में माइकल वैनडोर्ट ने साल 2007 में बांग्लादेश के खिलाफ 117 रनों की पारी में और ओशादा फर्नांडो ने साल 2022 में गॉल में पाकिस्तान के खिलाफ 50 रनों की पारी में 3-3 छक्के लगाए थे। इन सबके बीच उदारा के 5 छक्के अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा बन गए हैं और यह रिकॉर्ड फिलहाल अकेले उन्हीं के नाम है।
करुणारत्ने का रिकॉर्ड भी टूटा
लाहिरू उदारा की इस पारी में सिर्फ छक्कों की गिनती ही खास नहीं रही। वह वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट मैच में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाने वाले श्रीलंकाई सलामी बल्लेबाज भी बन गए। इससे पहले यह रिकॉर्ड पूर्व कप्तान दिमुथ करुणारत्ने के नाम था, जिन्होंने अक्टूबर 2015 में वेस्टइंडीज के श्रीलंका दौरे के दौरान गॉल टेस्ट की पहली पारी में 354 गेंदें खेलकर 186 रन बनाए थे। उदारा ने 188 रन बनाकर करुणारत्ने के इस 11 साल पुराने रिकॉर्ड को भी अपने नाम कर लिया। मैच के पहले ही दिन वह श्रीलंका के चौथे विकेट के रूप में आउट होकर पवेलियन लौटे, लेकिन तब तक वह एक साथ दो बड़े रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज करा चुके थे।
यशस्वी जायसवाल के नाम है वर्ल्ड रिकॉर्ड
बतौर सलामी बल्लेबाज टेस्ट की एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का वैश्विक रिकॉर्ड अब भी भारत के युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल के नाम दर्ज है। मुंबई के इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने जुलाई 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद फरवरी 2024 में राजकोट में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए टेस्ट की दूसरी पारी में जायसवाल ने नाबाद 214 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली, जिसमें उन्होंने रिकॉर्ड 12 छक्के लगाए थे।
10 से ज्यादा छक्कों वाले सिर्फ दो और सलामी बल्लेबाज
जायसवाल के अलावा दुनिया में सिर्फ दो सलामी बल्लेबाज ही एक टेस्ट पारी में 10 से ज्यादा छक्के लगा पाए हैं। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व आक्रामक ओपनर मैथ्यू हेडन ने साल 2003 में पर्थ के वाका मैदान पर जिम्बाब्वे के खिलाफ अपनी 380 रनों की पारी में 11 छक्के लगाए थे। वहीं न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान ब्रेंडन मैकुलम ने नवंबर 2014 में शारजाह में पाकिस्तान के खिलाफ 202 रनों की पारी खेलते हुए 11 छक्के जड़े थे।
भारतीय बल्लेबाजों का दबदबा
इस सूची में वेस्टइंडीज के क्रिस गेल का नाम भी शामिल है, जिन्होंने साल 2010 में गॉल में श्रीलंका के खिलाफ 333 रनों की पारी में 9 छक्के और साल 2008 में नेपियर में न्यूजीलैंड के खिलाफ 197 रनों की पारी में 7 छक्के लगाए थे। भारतीय बल्लेबाजों का भी इस सूची में हमेशा से दबदबा रहा है। नवजोत सिंह सिद्धू ने साल 1994 में लखनऊ में श्रीलंका के खिलाफ 124 रनों की पारी में 8 छक्के लगाए थे। मयंक अग्रवाल ने साल 2019 में इंदौर में बांग्लादेश के खिलाफ 243 रनों की पारी में 8 छक्के जड़े थे। वीरेंद्र सहवाग ने साल 2009 में मुंबई के ब्रेबोर्न स्टेडियम में श्रीलंका के खिलाफ अपनी मशहूर 293 रनों की पारी में 7 छक्के लगाए थे। रोहित शर्मा ने साल 2019 में विशाखापत्तनम में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 127 रनों की पारी में 7 छक्के जड़े थे, और यशस्वी जायसवाल ने भी विशाखापत्तनम में ही इंग्लैंड के खिलाफ अपनी 209 रनों की पारी में 7 छक्के लगाए थे।
लाहिरू उदारा की इस बेखौफ और रिकॉर्ड तोड़ पारी ने श्रीलंका को मैच में मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है। साथ ही यह भी साफ कर दिया है कि आधुनिक टेस्ट क्रिकेट में बड़े बड़े रिकॉर्ड तोड़ने का माद्दा उनके पास मौजूद है, और आने वाले वर्षों में वह श्रीलंकाई बल्लेबाजी की नई पहचान बन सकते हैं।













