भारतीय क्रिकेट टीम के पिछले कुछ महीनों के प्रदर्शन की समीक्षा करने और आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए भावी योजना तैयार करने के उद्देश्य से मुंबई स्थित बीसीसीआई मुख्यालय में 3 सितंबर को एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। इस उच्च स्तरीय बैठक में टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं के सामने कई अहम विषय रखे जाएंगे, लेकिन फैंस और क्रिकेट विशेषज्ञों का ध्यान सबसे ज्यादा पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के भविष्य पर टिका हुआ है। टेस्ट क्रिकेट और टी20 अंतरराष्ट्रीय प्रारूप को अलविदा कह चुके रोहित शर्मा फिलहाल भारतीय टीम के लिए केवल वनडे क्रिकेट में सक्रिय हैं। जुलाई में इंग्लैंड दौरे के समय से ही ऐसी चर्चाएं चल रही थीं कि वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले वनडे वर्ल्ड कप में उनका खेलना संदिग्ध है। ऐसे में मुंबई की इस बैठक को रोहित शर्मा के वनडे करियर और भारतीय टीम के भावी रोडमैप के लिहाज से बेहद निर्णायक माना जा रहा है।
लॉर्ड्स वनडे से पहले सेलेक्टर का संदेश और उपजी नाराजगी
जुलाई के महीने में भारतीय टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में भाग लिया था। इस श्रृंखला के शुरुआती दो मुकाबलों में रोहित शर्मा का बल्ला उम्मीद के मुताबिक रन बनाने में नाकाम रहा था। इसके बाद चयन समिति के एक सदस्य, जो समिति के अध्यक्ष नहीं हैं, ने तीसरे वनडे से ठीक पहले रोहित शर्मा से सीधा संपर्क साधा था। उस सदस्य ने रोहित को स्पष्ट रूप से सूचित किया कि चयन समिति अब भविष्य की योजनाओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है और नए विकल्पों के साथ आगे बढ़ने का निर्णय ले चुकी है। इसका सीधा संदेश यह था कि रोहित अब चयनकर्ताओं की लंबी अवधि की योजनाओं में शामिल नहीं हैं। इसके साथ ही उनसे यह भी पूछा गया था कि क्या वह इंग्लैंड दौरे के अंतिम यानी लॉर्ड्स वनडे मैच के बाद अपने अंतरराष्ट्रीय संन्यास का ऐलान कर देंगे। रोहित शर्मा और उनके नजदीकी सूत्रों ने इस घटनाक्रम पर सार्वजनिक रूप से मौन बनाए रखा, लेकिन अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक रोहित इस तरह के संदेश और उसके समय से काफी नाराज थे। नाराजगी के बावजूद उस समय रोहित इस फैसले को स्वीकार करने के लिए मानसिक रूप से तैयार दिखाई दे रहे थे।
लॉर्ड्स में जड़ा शानदार शतक और बदला संन्यास का माहौल
लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे वनडे मुकाबले में मैदान पर जो कुछ हुआ, उसने पूरे परिदृश्य को बदलकर रख दिया। भारी दबाव और कयासों के बीच मैदान पर उतरे पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए एक बेहतरीन शतकीय पारी खेली। हालांकि भारतीय टीम को उस तीसरे मुकाबले में इंग्लैंड के हाथों हार का सामना करना पड़ा, लेकिन रोहित शर्मा के इस दमदार शतक ने आलोचकों का मुंह पूरी तरह बंद कर दिया। इस शतकीय पारी के दम पर रोहित ने यह साबित कर दिया कि वनडे क्रिकेट में अब भी उनका फॉर्म और रन बनाने की क्षमता बरकरार है। इस पारी के तुरंत बाद रोहित शर्मा के तत्काल संन्यास लेने की तमाम संभावनाओं और चर्चाओं पर फिलहाल विराम लग गया। इसी वजह से चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन को अपने फैसलों पर पुनर्विचार करने का अवसर मिला और मामला 3 सितंबर को मुंबई में होने वाली बीसीसीआई की आधिकारिक बैठक तक टल गया।
विराट कोहली और रवींद्र जडेजा के भविष्य पर भी होगी चर्चा
मुंबई में बीसीसीआई मुख्यालय के भीतर होने वाली इस अहम बैठक में सिर्फ रोहित शर्मा ही एकमात्र चर्चा का विषय नहीं होंगे। चयन समिति और बोर्ड अधिकारी टीम इंडिया के दो अन्य दिग्गज खिलाड़ियों विराट कोहली और रवींद्र जडेजा के भविष्य को लेकर भी विस्तृत विचार विमर्श करेंगे। आगामी द्विपक्षीय सीरीज और भविष्य की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं को ध्यान में रखते हुए सीनियर खिलाड़ियों के वर्कलोड और टीम में उनकी भूमिका पर रोडमैप तैयार किया जाएगा। हालांकि, विराट कोहली और रवींद्र जडेजा पर इस समय संन्यास या टीम से बाहर होने का कोई तत्काल दबाव नहीं है और उनकी स्थिति रोहित के मुकाबले काफी अलग है। यही वजह है कि मुंबई की इस बैठक में रोहित शर्मा का मुद्दा ही सबसे प्रमुखता से उठाया जाएगा और सभी की नजरें इसी बात पर टिकी रहेंगी कि बोर्ड उनके वनडे करियर को लेकर क्या अंतिम रुख अपनाता है।



















