क्रिकेट को सामूहिक खेल माना जाता है जिसमें सफलता का श्रेय पूरे दल को जाता है और नाकामी की जिम्मेदारी भी सभी सदस्यों पर आती है। हार मिलने पर किसी अकेले सदस्य को दोषी नहीं ठहराया जाता, लेकिन जीत के पलों में बेहतरीन खेल दिखाने वाले खिलाड़ी को मैन ऑफ द मैच और पूरे दौरे या प्रतियोगिता में लगातार प्रभाव छोड़ने वाले को मैन ऑफ द सीरीज के सम्मान से नवाजा जाता है। हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ जोरदार खेल के बाद जब शुभमन गिल को श्रृंखला का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित किया गया, तब यह चर्चा जोर पकड़ने लगी कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की तरफ से यह कीर्तिमान सबसे अधिक बार किन दिग्गजों ने अपने नाम किया है।
भारतीय क्रिकेट के इतिहास के पन्नों को पलटने पर विश्वस्तरीय बल्लेबाजों की एक लंबी सूची सामने आती है जिन्होंने वैश्विक पटल पर अपना दबदबा कायम किया। उनके द्वारा हासिल किए गए श्रृंखला पुरस्कारों की संख्या इस बात का स्पष्ट प्रमाण देती है। देश के लिए सर्वाधिक मैन ऑफ द सीरीज जीतने वाले शीर्ष 7 खिलाड़ियों की तालिका में 6 बल्लेबाज शामिल हैं। इससे यह साफ हो जाता है कि शुभमन गिल के सामने अभी कई कद्दावर नाम खड़े हैं, जिन्होंने अपने निरंतर प्रदर्शन के बल पर इस पुरस्कार को कई मौकों पर अपने खाते में दर्ज कराया है।
श्रृंखला पुरस्कारों की सूची में विराट कोहली का दबदबा
किसी भी पेशेवर क्रिकेटर के लिए पूरे दौरे का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनना बेहद गौरव की बात होती है, क्योंकि यह मुकाम केवल वही हासिल कर पाते हैं जिनका खेल पूरे टूर्नामेंट में एक जैसा धारदार बना रहता है। भारतीय क्रिकेट के इतिहास में विराट कोहली ने रिकॉर्ड 22 बार मैन ऑफ द सीरीज का खिताब जीता है। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने अपने 24 साल के लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान 20 बार यह मुकाम हासिल किया था। इसके अलावा सौरव गांगुली और रोहित शर्मा ने 10-10 बार इस उपलब्धि को छुआ है। वहीं अपने अपेक्षाकृत छोटे करियर में शुभमन गिल अब तक 8 बार यह सम्मान हासिल कर चुके हैं और उन्होंने पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है।
गेंदबाजों में रविचंद्रन अश्विन का दबदबा
भारतीय क्रिकेट के इतिहास में मैच विजेता के रूप में अनिल कुंबले और जसप्रीत बुमराह जैसे नामों की गिनती बहुत सम्मान से की जाती है, लेकिन जब बात पूरी श्रृंखला के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी की आती है तो ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन सबसे आगे खड़े दिखाई देते हैं। अश्विन ने अपने करियर में 12 बार मैन ऑफ द सीरीज का पुरस्कार अपने नाम किया है। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने 7 बार, महान ऑलराउंडर कपिल देव ने 6 बार, स्विंग गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने 5 बार और टेस्ट क्रिकेट में भारत के सबसे सफल गेंदबाज अनिल कुंबले ने भी 5 बार यह सम्मान अर्जित किया है।
नई पीढ़ी के सामने निरंतरता की कठिन चुनौती
टी20 प्रारूप के आगमन के बाद अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की कुल संख्या में भारी इजाफा दर्ज किया गया है, लेकिन इसके बावजूद लगातार हर मैच में समान प्रभाव छोड़ने वाले खिलाड़ियों का अभाव साफ झलकता है। ऐसे बदलते दौर में शुभमन गिल, अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी जैसे उभरते हुए युवाओं के सामने यह एक बड़ा इम्तिहान है कि वे आधुनिक दौर की क्रिकेट में अपने प्रदर्शन को लगातार बनाए रखकर विराट कोहली के 22 मैन ऑफ द सीरीज जीतने के विशाल आंकड़े को किस तरह चुनौती देते हैं।



















