भारत के विरुद्ध हाल ही में संपन्न हुए दूसरे टी20 मुकाबले के दौरान मैदान पर अपना आपा खोने वाले वेस्टइंडीज टीम के कप्तान रोवमैन पॉवेल और बल्लेबाज शेरफेन रदरफोर्ड को अपनी हरकतों के लिए गंभीर परिणाम भुगतने पड़े हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने आचार संहिता के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में इन दोनों सीनियर खिलाड़ियों के खिलाफ आधिकारिक तौर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें फटकार लगाई है तथा उनके अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक-एक डिमेरिट पॉइंट भी दर्ज कर दिया गया है। रांची के जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम कॉम्प्लेक्स में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में वेस्टइंडीज ने 250 रन के विशाल लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल करते हुए 6 विकेट से शानदार जीत अपने नाम की थी, लेकिन मैच के दौरान खिलाड़ियों का गुस्सा उन पर भारी पड़ गया।
मैदान पर क्या हुआ था पूरा वाकया
रांची में खेले गए इस मुकाबले के दौरान वेस्टइंडीज की पारी के दौरान कैरेबियाई बल्लेबाज और कप्तान रोवमैन पॉवेल जब तेज गेंदबाज मयंक यादव की गेंद पर आउट होकर पवेलियन लौट रहे थे, तो निराशा और गुस्से में उन्होंने अपना बल्ला जोर से गेंद पर दे मारा। आईसीसी की आचार संहिता की नियमावली के अनुच्छेद 2.2 के प्रावधानों के मुताबिक यह मैदान पर खेल के साजो-सामान या अन्य उपकरणों के दुरुपयोग की श्रेणी में आता है, जिसके कारण उन पर यह कार्रवाई की गई है।
दूसरी तरफ पारी के 13वें ओवर के दौरान बल्लेबाज शेरफेन रदरफोर्ड उस समय अपना नियंत्रण खो बैठे जब मैदानी अंपायर द्वारा एक गेंद को वाइड करार नहीं दिया गया। उन्होंने मैदानी अंपायर के इस निर्णय पर तीखी नाराजगी जताते हुए बेहद आक्रामक अंदाज में अपना असंतोष प्रदर्शित किया था। आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.8 के तहत अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान मैदानी अंपायरों के फैसलों पर किसी भी प्रकार का असंतोष या विरोध जताना एक गंभीर अपराध माना जाता है, और इन्हीं दोनों अलग-अलग घटनाओं की वजह से इन कैरेबियाई खिलाड़ियों पर यह अनुशासनात्मक शिकंजा कसा गया है।
आईसीसी द्वारा तय की गई सजा और नियम
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने दोनों ही खिलाड़ियों को खेल की आचार संहिता के लेवल-1 के उल्लंघन का दोषी करार दिया है जिसके बाद उन्हें आधिकारिक रूप से फटकार का सामना करना पड़ा। इस सजा के तहत दोनों खिलाड़ियों के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक-एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ दिया गया है ताकि भविष्य में वे ऐसी किसी भी अनुशासनहीन हरकत से पूरी तरह तौबा करें और मैदान पर खेल की गरिमा तथा भावना को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
खिलाड़ियों ने अपनी गलती की स्वीकारोक्ति
मैदान पर इस तरह की अनुशासनात्मक चूक के बाद मुकाबले के मैदानी अंपायरों जयरामन मदानगोपाल और रोहन पंडित के साथ-साथ तीसरे अंपायर नितिन मेनन और चौथे अंपायर वीरेंद्र शर्मा ने मिलकर दोनों खिलाड़ियों के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय किए थे। राहत की बात यह रही कि रोवमैन पॉवेल और शेरफेन रदरफोर्ड दोनों ने अपनी गलती को बिना किसी आनाकानी के स्वीकार कर लिया और आईसीसी की तरफ से दी गई इस सजा को किसी भी प्रकार के विरोध के बिना पूरी तरह से मान लिया है।
























