भारतीय खेल प्रशंसकों के लिए रविवार, 13 सितंबर का दिन यादगार उपलब्धियों से भरा रहा, जब देश के एथलीटों ने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में तीन बड़े खिताब जीतकर दबदबा कायम किया। क्रिकेट और हॉकी के मैदानों पर शानदार प्रदर्शन की गूंज के बीच तीरंदाजी से भी देश को गौरवान्वित करने वाली खबर सामने आई। युवा तीरंदाज धीरज बोम्मादेवरा ने आर्चरी वर्ल्ड कप फाइनल में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया। वह इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में गोल्ड मेडल जीतने वाले भारत के पहले पुरुष रिकर्व आर्चर बन गए हैं।
शूट-ऑफ के रोमांचक मुकाबले में पछाड़ा जापानी प्रतिद्वंद्वी
धीरज बोम्मादेवरा ने स्वर्ण पदक के खिताबी मुकाबले में जापान के प्रतिभाशाली तीरंदाज जुन्या नाकानिशी के खिलाफ अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाया। दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला बेहद कड़ा रहा और फैसला शूट-ऑफ तक खिंच गया। दबाव भरे पलों में धीरज ने गजब की एकाग्रता दिखाई और सटीक निशाना साधते हुए 6(10)–5(9) के स्कोर से मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस निर्णायक जीत के साथ ही उन्होंने विश्व पटल पर भारत के लिए सोने का तमगा पक्का किया।
जूनियर हॉकी में भारतीय पुरुष और महिला टीमों का दोहरा दबदबा
तीरंदाजी में मिली इस कामयाबी से पहले रविवार की शुरुआत हॉकी के मैदान से शानदार जीत के साथ हुई थी, जहां भारत की जूनियर टीमों ने एशिया कप टूर्नामेंट में जोरदार खेल दिखाया। भारत की पुरुष और महिला दोनों टीमों ने अपने-अपने फाइनल मुकाबलों में विपक्षी टीमों को पछाड़कर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।
पुरुष वर्ग के खिताबी मुकाबले में टीम इंडिया की भिड़ंत साउथ कोरिया की मजबूत टीम से हुई। इस मैच में भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल दिखाते हुए साउथ कोरिया को 4-1 के बड़े अंतर से मात दी। वहीं महिला वर्ग के फाइनल में भारतीय टीम का सामना चीन से हुआ। इस बेहद कड़े और तनावपूर्ण मुकाबले में भारतीय महिला जूनियर टीम ने उत्कृष्ट रक्षात्मक और आक्रामक खेल का संतुलन बनाए रखते हुए चीन को 1-0 से हराकर एशियाई चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।



















