भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने महाद्वीपीय क्रिकेट में एक बार फिर अपना परचम लहराते हुए एशिया कप की चमचमाती ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया है। दुबई में रविवार को आयोजित किए गए खिताबी भिड़ंत में टीम इंडिया ने शानदार खेल दिखाते हुए श्रीलंका को 72 रनों के भारी अंतर से पराजित किया। इस धमाकेदार विजय के बाद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला टीम के शानदार प्रदर्शन की मुक्तकंठ से सराहना की और खिलाड़ियों को इस बड़ी उपलब्धि पर बधाई संदेश भेजा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर जताई खुशी
खिताबी मुकाबले में जीत दर्ज करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खिलाड़ियों की हौसलाअफजाई की। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर संदेश साझा करते हुए कहा कि यह दिन भारतीय क्रिकेट के इतिहास में अत्यंत गौरव का क्षण है। उन्होंने टीम को एशिया कप जीतने पर बधाई देते हुए विश्वास जताया कि यह ऐतिहासिक विजय देशभर के लाखों युवाओं को खेलों की दुनिया में कदम रखने, लगातार मेहनत करने और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए गहरी प्रेरणा देगी। इसके साथ ही उन्होंने रेखांकित किया कि समूचे टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ियों का अटूट आत्मविश्वास, खेल में निरंतरता और जुझारू जज्बा पूरी तरह स्पष्ट दिखाई दिया।
बल्लेबाजों ने खड़ा किया 183 रनों का विशाल स्कोर
फाइनल के इस महामुकाबले में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का साहसिक निर्णय लिया। दोनों सलामी बल्लेबाजों ने आते ही विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों के खेल में 5 विकेट गंवाकर 183 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया। सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने बेहतरीन लय का प्रदर्शन करते हुए 39 गेंदों का सामना करके 59 रनों की बहुमूल्य पारी खेली। दूसरी छोर पर मौजूद शेफाली वर्मा ने भी ठीक 39 गेंदों में ही आतिशी 69 रन बनाए। शीर्ष क्रम के इस शानदार खेल के अलावा ऋचा घोष ने 17 रन तथा कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 14 रनों की उपयोगी पारियां खेलकर स्कोर को 180 के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
गेंदबाजों के आगे 111 रनों पर ढेर हुई श्रीलंकाई टीम
जीत के लिए मिले 184 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के सामने बिल्कुल बेबस नजर आई। पूरी श्रीलंकाई टीम 20 ओवरों में केवल 111 रन ही बना सकी और खिताबी मुकाबले में बुरी तरह बिखर गई। श्रीलंका की तरफ से चमारी अटापटु ने सर्वाधिक संघर्ष दिखाया और 32 गेंदों में 36 रन बनाए। उनके अलावा निलाक्षिका सिल्वा ने 22 रन और विस्मी गुनारत्ने ने 20 रनों का योगदान दिया, जबकि टीम के बाकी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा छूने के लिए भी तरसते रहे।
भारतीय गेंदबाजों का असाधारण प्रदर्शन
भारतीय गेंदबाजों ने शुरू से ही कसी हुई लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करते हुए विपक्षी बल्लेबाजों पर शिकंजा कस दिया। गेंदबाजी विभाग में श्री चारणी ने सबसे घातक स्पैल डालते हुए 4 बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया। अनुभवी दीप्ति शर्मा ने भी शानदार नियंत्रण दिखाते हुए श्रीलंका के 3 महत्वपूर्ण विकेट झटके। इनके अलावा क्रांति गौड़, शेफाली वर्मा और प्रेमा रावत ने भी एक-एक विकेट चटकाकर अपनी टीम को 72 रनों की एकतरफा जीत दिलाने में सक्रिय भागीदारी निभाई।



















