भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज आशीष नेहरा को अक्सर मुख्य कोच पद के बड़े दावेदार के रूप में आंका जाता रहा है। इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल में गुजरात टाइटंस के मुख्य कोच की जिम्मेदारी निभाते हुए नेहरा ने अपने पहले ही सत्र में टीम को चैंपियन बना दिया था, जबकि इसके अगले सत्र में भी टीम खिताबी मुकाबले तक पहुंचने में सफल रही थी। नेहरा ने गुजरात टाइटंस फ्रेंचाइजी के साथ अपने कार्यकाल के दौरान शुभमन गिल और हार्दिक पंड्या दोनों के ही साथ बहुत करीब से काम किया है। हाल ही में जब नेहरा से यह सवाल किया गया कि इन दोनों खिलाड़ियों में बेहतर कप्तान कौन है, तो उन्होंने इस पर बहुत ही दिलचस्प और बेबाक प्रतिक्रिया दी।
नेहरा ने स्पष्ट किया कि भारत के सीमित ओवरों और टेस्ट फॉर्मेट में अपनी पहचान बना रहे शुभमन गिल अभी नेतृत्व क्षमता के मामले में सीखने के शुरुआती चरण से गुजर रहे हैं। जैसे-जैसे उन्हें अनुभव मिलेगा, उनकी कप्तानी में लगातार निखार आता जाएगा। नेहरा और हार्दिक पंड्या की जोड़ी ने साल 2022 में गुजरात टाइटंस के आईपीएल पदार्पण के साथ ही एक बेहद सफल कप्तान और कोच के रूप में साझेदारी की नींव रखी थी। इन दोनों ने अपनी बेहतरीन रणनीति के दम पर टीम को पहले ही साल में विजेता का ताज दिलाया और फिर साल 2023 में भी टीम को फाइनल मैच तक का सफर तय कराया।
जब हार्दिक पंड्या ने टीम का साथ छोड़कर मुंबई इंडियंस का रुख किया, तब युवा बल्लेबाज शुभमन गिल को गुजरात टाइटंस की कमान सौंप दी गई। इस युवा बल्लेबाज ने अपनी नई भूमिका को बखूबी निभाते हुए टीम का नेतृत्व किया। पंड्या और गिल की कप्तानी के तरीकों और उनके स्वभाव की तुलना करते हुए आशीष नेहरा ने विस्तार से बताया कि दोनों किस प्रकार एक-दूसरे से पूरी तरह से अलग हैं। उन्होंने कहा कि यह दोनों खिलाड़ी ऐसे थे जिन्होंने बहुत अधिक कप्तानी नहीं की थी, ठीक वैसे ही जैसे उन्होंने खुद भी बतौर कोच बहुत ज्यादा अनुभव के साथ शुरुआत नहीं की थी। मैदान पर समय बीतने के साथ लोग चीजें सीखते हैं और जब कोई खिलाड़ी अचानक से देश के लिए दो प्रारूपों की कप्तानी करने लगे, तो वह वक्त के साथ निश्चित रूप से और अधिक परिपक्व होता जाता है।
हार्दिक पंड्या और शुभमन गिल के स्वभाव में अंतर
आशीष नेहरा के अनुसार, हार्दिक पंड्या मैदान पर उन पर पूरी तरह से भरोसा करते थे और हमेशा नई चीजें सीखने के लिए मानसिक रूप से तैयार रहते थे। इसके विपरीत, शुभमन गिल स्वभाव से काफी शांत और थोड़े संकोची मिजाज के हैं, लेकिन खेल को बेहतर ढंग से समझने और खुद को मांजने के प्रति उनकी उत्सुकता में कोई कमी नहीं है। नेहरा ने आगे बताया कि गिल अभी युवा हैं और अपनी कप्तानी के शुरुआती दौर से गुजर रहे हैं। उनकी उम्र करीब छब्बीस से सत्ताईस साल के आसपास है और ऐसा बिल्कुल नहीं है कि उन्होंने बहुत लंबे समय तक कप्तानी की हो। उन्होंने इस जिम्मेदारी को संभाले हुए अभी बमुश्किल एक या दो सत्र ही बिताए हैं। वह हर दिन नए अनुभव ले रहे हैं और आने वाले समय में एक बेहतर कप्तान के रूप में उभरकर सामने आएंगे।



















