भारतीय रसोई में मसालों का अपना विशेष महत्व है। अगर मसालों का चयन और उनका उपयोग सही तरीके से किया जाए, तो हर साधारण व्यंजन का स्वाद भी खास बन जाता है। देश के अलग-अलग कोनों में खानपान की शैलियों के अनुसार अलग-अलग मसालों का प्रयोग किया जाता है। इन्हीं में से एक बेहद लोकप्रिय और पारंपरिक मिश्रण पंचफोरन है, जिसका इस्तेमाल व्यंजनों का स्वाद और सुगंध बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है। यह मिश्रण मुख्य रूप से पूर्वी भारत, खासकर बंगाल, ओडिशा और बिहार के व्यंजनों की एक खास पहचान है। जब इस सुगंधित मिश्रण को सरसों के तेल में तड़का जाता है, तो किसी भी साधारण सब्जी का जायका कई गुना बढ़ जाता है। सबसे अच्छी बात यह है कि इसे घर पर बेहद आसानी से तैयार किया जा सकता है और इसके लिए किसी विशेष ग्राइंडर या मिक्सी की भी आवश्यकता नहीं होती है, क्योंकि पंचफोरन हमेशा साबुत ही इस्तेमाल किया जाता है। इस खुशबूदार मसाले का असली स्वाद इसके सही अनुपात पर टिका होता है। इसमें शामिल पांचों साबुत मसालों को आमतौर पर बराबर मात्रा में मिलाया जाता है, हालांकि मेथी दाने की कड़वाहट को ध्यान में रखते हुए कई लोग इसकी मात्रा थोड़ी कम रखना पसंद करते हैं। इस पारंपरिक मसाले को घर पर ही शुद्ध रूप से तैयार करने का पूरा तरीका नीचे विस्तार से बताया गया है।
पंचफोरन के लिए आवश्यक सामग्री
घर पर शुद्ध और खुशबूदार पंचफोरन तैयार करने के लिए आपको पांच खास साबुत मसालों की जरूरत होती है। सही अनुपात में इन चीजों को मिलाने से ही इसका असली स्वाद उभर कर आता है। इस मिश्रण में जीरा, सौंफ, राई या काली सरसों, कलौंजी और मेथी दाने को शामिल किया जाता है। सभी सामग्रियों की सटीक मात्रा इस प्रकार है
- जीरा: 2 चम्मच
- सौंफ: 2 चम्मच
- राई या काली सरसों: 2 चम्मच
- कलौंजी: 2 चम्मच
- मेथी दाना: 1.5 से 2 चम्मच
मसाला तैयार करने की सरल विधि
इस पारंपरिक मिश्रण को घर पर बनाना बहुत ही आसान है और इसमें बहुत कम समय लगता है। इसे तैयार करने के लिए सबसे पहले सभी साबुत मसालों को बहुत अच्छी तरह से बीन लें, ताकि उनमें किसी भी प्रकार का कंकड़, धूल या अशुद्धि न रहे। इसके बाद एक साफ और पूरी तरह सूखी कांच की कटोरी लें और उसमें जीरा, सौंफ, राई, कलौंजी तथा मेथी दाने को एक साथ डाल दें। अब एक चम्मच की सहायता से सभी साबुत मसालों को आपस में भली-भांति मिला लें, ताकि वे एकसमान रूप से मिल जाएं। इस तरह आपका ताज़ा पंचफोरन मिश्रण तैयार हो जाता है। अब इस तैयार मिश्रण को लंबे समय तक सुरक्षित रखने और इसकी महक बनाए रखने के लिए एक एयरटाइट कांच के जार में भरकर रख लें।
व्यंजनों का स्वाद बढ़ाने के लिए तड़के का सही तरीका
पंचफोरन का पूरा स्वाद इसके सही तरीके से इस्तेमाल करने पर निर्भर करता है। इसके लिए सबसे पहले एक कढ़ाई में सरसों का तेल डालकर अच्छी तरह गरम करें। जब तेल से हल्का धुआं निकलने लगे, तब गैस की आंच धीमी कर दें और उसमें तैयार किया हुआ पंचफोरन डालें। जैसे ही मसाले कढ़ाई में चटकने लगें और सौंफ व जीरे की सोंधी खुशबू हवा में फैलने लगे, तुरंत अपनी कटी हुई सब्जियां या दाल कढ़ाई में डाल दें। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि मसाले जलने न पाएं, क्योंकि यदि मसाले अधिक भुन गए तो मेथी और कलौंजी का स्वाद कड़वा हो सकता है, जिससे पूरी डिश का स्वाद बिगड़ सकता है। आप इस खुशबूदार तड़के का इस्तेमाल आलू-बैंगन की सब्जी, कद्दू की खट्टी-मीठी सब्जी, पंचमेल दाल और टमाटर की चटनी जैसी कई चीजों में कर सकते हैं, जो आपके खाने के स्वाद को दोगुना कर देगा। आप गरम मसाला बनाने की रेसिपी भी देख सकते हैं।



















