हमारे दैनिक आहार में दूध एक बहुत ही अहम भूमिका निभाता है। सुबह की चाय और कॉफी से लेकर बच्चों के लिए बनने वाले मिल्कशेक और विभिन्न प्रकार की मिठाइयों तक, इसका इस्तेमाल हर घर में बड़े पैमाने पर होता है। यही वजह है कि दूध की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी हो जाता है। खुले बाज़ार में बिकने वाले दूध में अक्सर पानी या अन्य हानिकारक पदार्थों की मिलावट की आशंका बनी रहती है। हालांकि, घर पर किए जाने वाले सामान्य परीक्षण केवल शुरुआती जांच का काम करते हैं और हर प्रकार की मिलावट की शत-प्रतिशत पुष्टि नहीं कर सकते हैं। इसके बावजूद, कुछ आसान तरीकों से दूध की क्वालिटी का अंदाज़ा आसानी से लगाया जा सकता है।
कांच की सतह पर बूंद का परीक्षण
दूध की शुद्धता परखने के लिए एक साफ और सूखी कांच की सतह पर इसकी एक बूंद गिराएं। अब इस बूंद को नीचे की दिशा में बहने दें। अगर दूध बहुत धीमी गति से बहता है और अपने पीछे एक सफेद निशान छोड़ जाता है, तो यह उसमें मौजूद ठोस पदार्थों की ओर इशारा करता है। इसके ठीक विपरीत, यदि दूध की बूंद बहुत तेजी से बह जाती है, तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि दूध में पानी की मात्रा जरूरत से ज्यादा मिलाई गई है।
उबालने और ठंडा करने की प्रक्रिया
बाज़ार से लाए गए दूध को सामान्य तरीके से उबालें और फिर उसे पूरी तरह से ठंडा होने दें। अच्छी तरह उबालने के बाद शुद्ध दूध के ऊपर मलाई की एक परत जम सकती है। हालांकि, यह मलाई कितनी मोटी होगी, यह पूरी तरह से दूध के प्रकार और उसमें मौजूद फैट की मात्रा पर निर्भर करता है। इसलिए, केवल मलाई की परत की मोटाई देखकर ही यह तय कर देना कि दूध पूरी तरह शुद्ध है या मिलावटी, सही नहीं माना जा सकता है।
आयोडीन टेस्ट और लैब जांच की जरूरत
दूध में स्टार्च या अन्य अशुद्धियों का पता लगाने के लिए प्रयोगशालाओं में आयोडीन टेस्ट किया जाता है। बिना उचित जानकारी और सुरक्षा सावधानियों के घर पर किसी भी तरह के केमिकल टेस्ट को करना खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे में किसी भी रासायनिक परीक्षण के लिए प्रमाणित फूड टेस्टिंग किट का उपयोग करना या फिर किसी मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला से संपर्क करना हमेशा एक बेहतर विकल्प साबित होता है।
गंध, रंग और स्वाद की जांच
किसी भी रूप में दूध का सेवन करने से पहले उसकी गंध, रंग और स्वाद पर खास ध्यान दें। यदि दूध में से किसी प्रकार की अजीब दुर्गंध आ रही है, उसका रंग बदला हुआ दिखाई दे रहा है या फिर उसका स्वाद सामान्य से बिल्कुल अलग है, तो ऐसे दूध के सेवन से बचना ही समझदारी है। इसके अलावा, दूध का खट्टापन हमेशा मिलावट की तरफ इशारा नहीं करता है, क्योंकि कई बार गलत तापमान पर रखे जाने की वजह से भी दूध खराब हो जाता है।
पैकेज्ड दूध और लेबल की अनिवार्यता
जब भी आप पैकेट वाला दूध खरीदें, तो उस पर FSSAI लाइसेंस नंबर, निर्माण और एक्सपायरी की तारीख, स्टोरेज से जुड़े निर्देश और अन्य जरूरी लेबल की जांच अवश्य करें। यदि दूध का पैकेट फूला हुआ है, कहीं से लीक हो रहा है या उसकी पैकेजिंग खराब है, तो उसे बिल्कुल न खरीदें। पैकेट खरीदने के बाद भी यह बहुत जरूरी है कि दूध को पैकेट पर बताए गए सही तापमान पर ही स्टोर किया जाए ताकि वह लंबे समय तक सुरक्षित रहे।


















