वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में चीनी मुद्रा युआन और अमेरिकी डॉलर के बीच की हलचल लगातार निवेशकों का ध्यान खींच रही है। हाल ही में डॉलर के मुकाबले युआन की विनिमय दर में एक नया मोड़ देखने को मिला, जब अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले जोड़ी ने फरवरी 2023 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर को छू लिया। हालांकि, इसके तुरंत बाद केंद्रीय बैंक के हस्तक्षेप और मजबूत नीतिगत संकेतों के कारण इसमें आंशिक सुधार दर्ज किया गया और गिरावट की गति पर लगाम लग गई। बाजार विश्लेषकों का आकलन है कि मौद्रिक नीति से जुड़े अधिकारी मुद्रा के दीर्घकालिक रुझान को पलटने की कोशिश नहीं कर रहे हैं, बल्कि वे इसके उतार-चढ़ाव की रफ्तार को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं।
दैनिक फिक्सिंग और विनिमय दर में उतार-चढ़ाव
शुरुआती सत्र के दौरान डॉलर और युआन की विनिमय दर में तीव्र गिरावट देखी गई और यह न्यूनतम स्तर 6.7060 तक फिसल गया था। यह फरवरी 2023 के बाद का सबसे निचला स्तर था, जिसने बाजार में खलबली मचा दी थी। इसके तुरंत बाद पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने अपनी दैनिक फिक्सिंग दर को उम्मीद से अधिक ऊंचे स्तर यानी 6.7795 पर तय किया, जबकि इससे पिछले सत्र में यह दर 6.7787 पर थी। इस सख्त कदम के आते ही बाजार में तेज रिकवरी आई और जोड़ी ने अपनी शुरुआती रिकवरी दर्ज की।
नीति निर्माताओं का रुख और बाजार का आकलन
बाजार के जानकारों का अनुमान था कि केंद्रीय बैंक की फिक्सिंग दर वास्तविक आंकड़ों से सात सौ से अधिक पिप्स नीचे रह सकती है। इसके विपरीत, बैंक द्वारा तय की गई मजबूत दर ने इस धारणा को और पुख्ता कर दिया कि नियामक केवल मुद्रा के मूल्य में होने वाले बदलाव की तेज गति यानी रफ्तार के खिलाफ खड़े हैं, न कि युआन की मजबूती की दिशा के खिलाफ। निकट भविष्य में अमेरिकी डॉलर की सुस्त मांग और घरेलू युआन की अंतर्निहित स्थिरता इस जोड़ी को निचले स्तर पर बनाए रख सकती है।
तकनीकी संकेतक और समर्थन स्तर
वर्तमान तकनीकी आंकड़ों के अनुसार यह जोड़ी 6.71 के आसपास कारोबार कर रही है। दैनिक गति और आरएसआई किसी स्पष्ट दिशा का संकेत नहीं दे रहे हैं, जिसका अर्थ है कि निकट अवधि में दोनों तरफ के जोखिम बने रह सकते हैं। इस स्थिति में तत्काल समर्थन स्तर 6.7060 और 6.70 के आसपास देखा जा रहा है, जबकि ऊपरी स्तर पर प्रतिरोध 6.7180 और इकिस दिनों की मूविंग एवरेज के आसपास 6.7270 पर बना हुआ है।
व्यापक एशियाई मुद्रा बाजार और अन्य जोड़ियां
इस बीच व्यापक मुद्रा बाजार में अन्य जोड़ियों की चाल भी उल्लेखनीय रही है। एशियाई सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर शून्य दशमलव सात दो शून्य शून्य के ऊपर कारोबार करता नजर आया, जो पंद्रह मई के बाद से इसके उच्चतम स्तर के करीब है। अमेरिकी डॉलर पर लगातार दबाव बना हुआ है, जिसका एक बड़ा कारण जापानी येन में आई मजबूती है। हालांकि फेडरल रिजर्व की आक्रामक ब्याज दरों की उम्मीदों और भू-राजनीतिक तनावों से डॉलर को कुछ समर्थन मिल रहा है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के केंद्रीय बैंक द्वारा इस महीने दरों में और बढ़ोतरी की संभावनाओं ने ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को एक मजबूत सहारा प्रदान किया है। इसके विपरीत, चीन के मिश्रित व्यापार आंकड़े इस जोड़ी की बढ़त को सीमित रख रहे हैं।
जापानी येन और ऊर्जा बाजारों की स्थिति
अमेरिकी सत्र के दौरान डॉलर और जापानी येन की विनिमय दर लगभग एक सौ चौवन दशमलव शून्य शून्य के आसपास उतार-चढ़ाव दिखा रही है। शुरुआती कारोबार में येन ने छह महीने के अपने निचले स्तर को छुआ था, जो एक सौ त्रेपन दशमलव शून्य शून्य के नीचे चला गया था। इसके बाद आई रिकवरी तकनीकी सुधार के दायरे में दिखाई देती है। जापान में वेतन वृद्धि के उत्साहजनक आंकड़ों और दूसरी तिमाही के जीडीपी संशोधन ने बैंक ऑफ जापान द्वारा अगले सप्ताह ब्याज दरें बढ़ाने की संभावनाओं को और मजबूत कर दिया है, जिससे जापानी येन को लगातार समर्थन मिल रहा है। दूसरी ओर, ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की स्थिति भले ही शांत दिखे, लेकिन डीजल के मोर्चे पर हालात अलग हैं। अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड, जो वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट की तुलना में अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल वायदा का प्रीमियम है, हाल ही में पहली बार प्रति बैरल एक सौ डॉलर के पार निकल गया और इसका intraday रिकॉर्ड स्तर लगभग एक सौ दो डॉलर तक पहुंच गया।


















