अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय क्रिकेट में जब भी रिकॉर्ड पुस्तिकाओं के पन्ने पलटे जाते हैं, तो आमतौर पर कुल करियर रनों या शतकों की संख्या की चर्चा सुनाई देती है। हालांकि, खेल की दुनिया में एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि कुछ खास मैदान किसी बल्लेबाज के लिए इतने अनुकूल साबित होते हैं कि वे वहां रनों की झड़ी लगा देते हैं। किसी एक स्टेडियम पर लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए उसे अपना अजेय गढ़ बना लेना किसी भी खिलाड़ी के लिए असाधारण उपलब्धि मानी जाती है। पचास ओवरों के फॉर्मेट में ऐसे ही पांच प्रमुख बल्लेबाजों ने किसी एक वेन्यू पर सबसे अधिक रन बटोरने का ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है, जहां उनका बल्ला विरोधी गेंदबाजों पर जमकर बरसा।
मीरपुर में तमीम इकबाल का दबदबा और शीर्ष कीर्तिमान
इस विशिष्ट सूची के सबसे ऊपरी पायदान पर बांग्लादेश के सलामी बल्लेबाज तमीम इकबाल काबिज हैं। मीरपुर स्थित शेर-ए-बांग्ला नेशनल स्टेडियम में उनका बल्ला सालों तक रनों की बारिश करता रहा। साल 2007 से लेकर साल 2023 तक के लंबे समय के दौरान उन्होंने इस मैदान पर कुल 87 मुकाबले खेले। इन मैचों की 85 पारियों में बल्ला थामकर उतरते हुए उन्होंने 2897 रन अपने खाते में जोड़े, जिसमें वे दो बार नाबाद पवेलियन लौटे। इस मैदान पर उनका बल्लेबाजी औसत 34.90 का रहा, जबकि व्यक्तिगत तौर पर सबसे बड़ी पारी 132 रन की रही।
शेर-ए-बांग्ला के इस मैदान पर तमीम के बल्ले से 19 अर्धशतक और 5 शतक देखने को मिले। अपनी इन आक्रामक और संयमित पारियों के दौरान उन्होंने 333 चौके तथा 35 छक्के जड़े। हालांकि इसी पिच पर खेलते हुए वे 8 मर्तबा बिना कोई रन बनाए शून्य पर भी पैवेलियन लौटे, लेकिन इसके बावजूद वे इस वेन्यू पर दुनिया के किसी भी अन्य बल्लेबाज से अधिक रन जुटाने में कामयाब रहे और यह मैदान उनके करियर का सबसे मजबूत केंद्र बना रहा।
मुशफिकुर रहीम का शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम में लंबा सफर
मीरपुर के इसी मशहूर वेन्यू पर बांग्लादेश के मध्यक्रम के भरोसेमंद बल्लेबाज मुशफिकुर रहीम ने भी अपनी बल्लेबाजी की गहरी छाप छोड़ी। साल 2006 से 2023 के बीच मुशफिकुर ने शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम में कुल 96 वनडे मुकाबले खेले। इस दौरान 91 पारियों में खेलते हुए वे 14 बार नाबाद रहे और उनके खाते में कुल 2684 रन दर्ज हुए। इस मैदान पर उनका औसत 34.85 का रहा, वहीं 125 रन उनका सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत स्कोर रहा।
मुशफिकुर ने इस मैदान पर कुल 3417 गेंदों का सामना किया और 78.54 के स्ट्राइक रेट से टीम के स्कोरबोर्ड को आगे बढ़ाया। शेर-ए-बांग्ला की पिच पर उन्होंने 15 अर्धशतक लगाने के अलावा 3 मर्तबा तीन अंकों का आंकड़ा छूते हुए शतक जमाए। अपनी इन पारियों में उन्होंने 208 बार गेंद को सीमा रेखा के पार चार रनों के लिए भेजा और 37 छक्के भी जड़े, जिससे संकट के समय कई बार उनकी टीम को मजबूत सहारा मिला।
शाकिब अल हसन का हरफनमौला खेल और रनों का ढेर
बांग्लादेश के अनुभवी ऑलराउंडर शाकिब अल हसन भी इस सूची में तीसरे स्थान पर पूरी मजबूती से दर्ज हैं। मीरपुर के शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम में शाकिब का रिकॉर्ड भी बेहद प्रभावशाली रहा है। साल 2006 से 2023 के बीच उन्होंने यहां 89 एकदिवसीय मैच खेले, जिनकी 85 पारियों में बल्लेबाजी करने का अवसर उन्हें मिला। चौदह बार नॉटआउट रहते हुए उन्होंने इस मैदान पर कुल 2656 रन जोड़े।
शाकिब का इस स्टेडियम पर औसत 37.40 का रहा, जो शीर्ष तीन बल्लेबाजों में सबसे बेहतर है। उनका यहां उच्चतम व्यक्तिगत स्कोर 106 रन दर्ज किया गया। तेज गति से रन बटोरने के आदी शाकिब ने 84.55 के स्ट्राइक रेट से खेल दिखाते हुए 22 अर्धशतक और 2 शतक जमाए। विरोधी आक्रमण के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए उन्होंने इस वेन्यू पर 256 चौके तथा 18 छक्के जड़े, जो किसी एक मैदान पर उनके शानदार प्रभाव को पूरी तरह साबित करता है।
कोलंबो में सनथ जयसूर्या की विध्वंसक बल्लेबाजी
बांग्लादेशी तिकड़ी के अलावा उपमहाद्वीप के एक और दिग्गज ने अपने घरेलू मैदान को रनों के पहाड़ में तब्दील किया। श्रीलंका के आक्रामक ओपनर सनथ जयसूर्या ने कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में लंबे समय तक विपक्षी गेंदबाजों को बैकफुट पर रखा। साल 1992 से 2009 के दौरान जयसूर्या ने इस मैदान पर 71 मैच खेले और 70 पारियों में बल्लेबाजी की। पांच बार नाबाद रहते हुए उन्होंने इस स्टेडियम में 2514 रन बटोरे।
जयसूर्या का आर. प्रेमदासा स्टेडियम में बल्लेबाजी औसत 38.67 का रहा और उनका सर्वोच्च स्कोर 130 रन था। अपनी चिरपरिचित तेजतर्रार शैली में खेलते हुए उन्होंने 89.37 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए। इस मैदान पर उनके नाम 19 अर्धशतक और 4 शतक दर्ज हैं। उन्होंने गेंदबाजों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए 274 चौके और 30 गगनचुंबी छक्के जड़े, जिससे यह वेन्यू उनके करियर का सबसे यादगार मैदान बन गया।
इंजमाम-उल-हक का पचास से अधिक का औसत
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और धाकड़ बल्लेबाज इंजमाम-उल-हक ने भी एक खास मैदान पर अपना दबदबा साबित किया। साल 1993 से 2002 के दरमियान उन्होंने एक ही वेन्यू पर 59 एकदिवसीय मुकाबलों में शिरकत की और सभी 59 पारियों में क्रीज पर उतरे। इनमें से 10 मौकों पर वे नाबाद लौटे और कुल 2464 रन बनाए। इस दौरान उनका बल्लेबाजी औसत 50.28 का रहा, जो इस शीर्ष सूची के सभी पांचों खिलाड़ियों में सबसे अधिक है।
इस मैदान पर इंजमाम का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर नाबाद 137 रन रहा। उन्होंने 77.12 के स्ट्राइक रेट से रन जोड़ते हुए 17 अर्धशतक और 4 शतक अपने नाम किए। उनके आंकड़ों की सबसे अनोखी बात यह रही कि वे इस वेन्यू पर कभी भी शून्य पर आउट नहीं हुए। क्रीज पर अपनी जबर्दस्त टाइमिंग का मुजाहिरा पेश करते हुए उन्होंने 194 चौके और 37 छक्के जमाकर खेल प्रेमियों के दिलों में खास जगह बनाई।



















