अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच चल रहे आर्थिक और ऊर्जा समझौतों के दायरे को और बढ़ाते हुए एक बड़ी तेल परियोजना को इसमें शामिल किया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जानकारी दी है कि दक्षिण कोरिया के साथ हुए समझौते के तहत 8.4 अरब डॉलर का एक संवर्धित तेल पुनर्प्राप्ति (Enhanced Oil Recovery) प्रोजेक्ट जोड़ा गया है। इस कदम का मकसद घरेलू स्तर पर कच्चे तेल और गैस के उत्पादन को तेजी से बढ़ाना है।
8.4 अरब डॉलर की नई ऊर्जा परियोजना
इस ताजा घोषणा के अनुसार, द्विपक्षीय साझेदारी में शामिल यह परियोजना तेल निष्कर्षण की उन्नत तकनीकों पर केंद्रित है। संवर्धित तेल पुनर्प्राप्ति तकनीक की मदद से पुराने या सीमित उत्पादन वाले कुओं से अतिरिक्त कच्चा तेल निकाला जाता है। इस बड़े पूंजी निवेश से अमेरिकी ऊर्जा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को सीधा समर्थन मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
दक्षिण कोरिया के साथ 200 अरब डॉलर का निवेश ढांचा
यह 8.4 अरब डॉलर का प्रोजेक्ट दक्षिण कोरिया की ओर से अमेरिका में नियोजित 200 अरब डॉलर के व्यापक निवेश पैकेज की एक कड़ी है। इससे पहले भी द्विपक्षीय समझौतों के तहत ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी तीन प्रमुख परियोजनाओं को सामने लाया गया था। इनमें अलास्का एलएनजी प्रोजेक्ट के लिए 54 अरब डॉलर का निवेश प्रस्ताव भी शामिल रहा है, हालांकि सियोल की तरफ से कुछ परियोजनाओं की आधिकारिक भागीदारी को अंतिम रूप दिए जाने की प्रक्रिया पर अलग-अलग वक्तव्य सामने आए थे।
डोनाल्ड ट्रंप का बयान और ऊर्जा रणनीति
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच पर इस प्रगति को रेखांकित करते हुए कहा कि दक्षिण कोरिया के साथ समझौता लगातार और बेहतर होता जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अधिक तेल और गैस उत्पादन का सीधा अर्थ अमेरिकी ऊर्जा प्रभुत्व और दुनिया में भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस नीति का मुख्य जोर जीवाश्म ईंधन के उत्पादन को प्राथमिकता देकर वैश्विक ऊर्जा बाजारों में रणनीतिक बढ़त बनाए रखने पर है।



























