ऑकलैंड के मैदान पर एक बार फिर भारतीय बल्लेबाजी के आधारस्तंभ विराट कोहली का ऐसा तूफानी अवतार देखने को मिला, जिसने विरोधी खेमे के हौसले पस्त कर दिए। जब भी वे क्रीज पर कदम रखते हैं, ऐसा प्रतीत होता है मानो कोई बेहद सटीक कंप्यूटर प्रोग्राम पिच के चप्पे-चप्पे और गेंदबाजों की हर चाल का पहले से विश्लेषण करके उतरा हो। विरोधी कप्तान और गेंदबाज जिस रणनीति की कल्पना तक नहीं कर पाते, कोहली अपने तरकश से नए-नए शॉट्स निकालकर उसे पूरी तरह ध्वस्त कर देते हैं। इस मुकाबले में भी ठीक वही हुआ, जहाँ उनकी रिकॉर्डतोड़ पारी ने क्रिकेट जगत के महानतम रिकॉर्ड्स में फेरबदल कर दिया।
मुश्किल पिच और स्पॉन्जी बाउंस की चुनौती
मुकाबले की शुरुआत से पहले ऑकलैंड की सतह को लेकर काफी चर्चा थी। पिच की प्रकृति बेहद पेचीदा नजर आ रही थी और मैच से ठीक पहले साइमन डूल ने यह राय रखी थी कि इस पिच का स्पॉन्जी बाउंस भारतीय बल्लेबाजों की तकनीक की कड़ी परीक्षा लेगा और उन्हें खासा परेशान करेगा। हालांकि, इस आकलन में वे शायद यह ध्यान रखना भूल गए कि भारत की तरफ से लक्ष्य का पीछा करने वाला सबसे बड़ा धुरंधर मौजूद था। कोहली को वर्तमान समय में न तो पिच के अनिश्चित बर्ताव की कोई फिक्र है और न ही सामने खड़े गेंदबाजों की शारीरिक लंबाई या खौफ का कोई असर पड़ता है। वे हर मुकाबले में गेंदबाजों पर पूरी तरह हावी होकर बल्लेबाजी कर रहे हैं।
सचिन तेंदुलकर का ऐतिहासिक चेज रिकॉर्ड ध्वस्त
इस मुकाबले में रनों के प्रवाह के बीच कई आंकड़े बदले, लेकिन सबसे बड़ा मुकाम उस वक्त हासिल हुआ जब विराट ने अपनी पारी में 72 रन का आंकड़ा पार किया। भारतीय पारी की शुरुआत झटके के साथ हुई थी जब रोहित शर्मा बिना खाता खोले शून्य पर पवेलियन लौट गए थे। इसके तुरंत बाद मैदान पर आए कोहली ने डफी की गेंद पर जिस आक्रामकता और आत्मविश्वास से पहला चौका जड़ा, उससे साफ हो गया था कि वे वेस्टइंडीज के खिलाफ दिखे अपने शानदार फॉर्म को न्यूजीलैंड की धरती पर भी पूरी निरंतरता से आगे बढ़ाने के इरादे से उतरे हैं। फर्क सिर्फ इतना था कि इस दौरे पर वे अपने शॉट्स की बिल्कुल अनोखी रेंज लेकर पहुंचे थे।
मुकाबले के दौरान जब बारिश के कारण खेल रोका गया, तब यह कयास लगाए जा रहे थे कि शायद सचिन तेंदुलकर का सफल रन चेज में सबसे ज्यादा रन बनाने का कीर्तिमान फिलहाल सुरक्षित रह जाएगा। मगर खेल दोबारा शुरू होते ही कोहली का रुख पहले से भी अधिक आक्रामक हो गया और उन्होंने ऐसे साहसिक शॉट्स खेले जिसने हर किसी को दंग कर दिया। शुभमन गिल के साथ शतकीय साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए जैसे ही विराट ने डफी की गेंद पर शानदार चौका लगाकर अपना स्कोर 74 रन पहुंचाया, वे सचिन के विश्व कीर्तिमान से आगे निकल गए। सचिन तेंदुलकर ने रन चेज करते हुए अपने करियर में कुल 8720 रन बनाए थे, जिसे अब विराट कोहली ने पीछे छोड़ दिया है।
रिकी पॉन्टिंग के कीर्तिमान की बराबरी और तूफानी पारी
अपनी इस पारी के दौरान कोहली ने सिर्फ 51 गेंदों का सामना करते हुए ताबड़तोड़ अंदाज में 74 रन बनाए, जिसमें 13 दर्शनीय चौके और 1 गगनचुंबी छक्का शामिल रहा। इस शानदार पारी के बूते उन्होंने एक और बड़ा मुकाम हासिल किया। विराट ने न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे क्रिकेट में सर्वाधिक 1971 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज रिकी पॉन्टिंग के महारिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली।
शॉर्ट पिच गेंदों पर हॉरिजॉन्टल बैट का दबदबा
मौजूदा दौर में कोहली के लिए देश, मैदान का दायरा या पिच का मिजाज कोई मायने नहीं रखता। वे प्रत्येक विरोधी और हर तरह की परिस्थिति के लिए विशेष तैयारी के साथ उतरते हैं। ऑकलैंड में जिस तरह से उन्होंने शॉर्ट पिच गेंदबाजी पर हॉरिजॉन्टल बैट से आक्रमण किया, उसने मैदान पर मौजूद सभी क्रिकेट विशेषज्ञों को चकित कर दिया। काइल जैमीसन के अतिरिक्त बाउंस के खिलाफ विराट ने बड़ी सहजता से स्क्वायर लेग की दिशा में पुल शॉट्स खेले, वहीं डफी, स्मिथ और टिकनर की तेज गेंदों पर उन्होंने मिडविकेट के इलाके को अपना मुख्य निशाना बनाया। अपने शुरुआती अंतरराष्ट्रीय करियर में विराट पुल शॉट खेलने से परहेज करते थे और यह शॉट बहुत कम देखने को मिलता था। लेकिन जब से वे एक फॉर्मेट खेल रहे हैं, तब से हुक और पुल शॉट पर उनका नियंत्रण तथा महारत लगातार निखरती जा रही है, जो नेट्स में उनकी कड़ी मेहनत और गहन तैयारी को साबित करती है।


















