पूर्णिया की पदयात्रा में राहुल गांधी पर बरसे हिमंता बिस्वा सरमा, हार पर रोने के बजाय संसद में बहस की दी नसीहतहैदराबाद में जाली नोट गिरोह पर शिकंजा, 6.78 करोड़ रुपये के नकली 500 के नोट बरामदसूर्य उपासना और लोकगीतों से सजता है आस्था का महापर्व छठ, भागलपुर की गायिका अर्पित चौधरी ने साझा किए विचारपारंपरिक अंदाज में घर पर तैयार करें देहाती मटन, लोहे की कड़ाही में धीमी आंच पर पकने से मिलेगा लाजवाब स्वादत्योहारी मांग के बीच जयपुर सर्राफा में ऐतिहासिक तेजी, चांदी प्रति किलो 9300 रुपये और सोना 3500 रुपये उछलासड़कों पर गुजरती जिंदगी और अपनों से महीनों का फासला, जानिए हाईवे पर दिन-रात पहिए घुमाने वाले ड्राइवरों का संघर्षअमेरिकी मध्यावधि चुनाव के नतीजों से बिटकॉइन में भारी हलचल की आहट, तकनीकी स्तरों पर फंसा बाजारस्विस मुद्रास्फीति 1.5 प्रतिशत पर पहुंचने से फ्रैंक मजबूत, अमेरिकी चुनावों के बीच डॉलर लुढ़काकरौली में रियासत काल से सहेज कर रखी हस्तनिर्मित लक्ष्मी चित्रों की अनूठी कलाशिमला में लक्कड़ बाजार से रिज मैदान का सफर होगा सुगम, फ्यूनिकुलर ट्रॉली और लिफ्ट प्रोजेक्ट पूरा होने के करीब
स्वीडिश क्रोना को मिला केंद्रीय बैंक की ब्याज वृद्धि का सहारा, चुनावी हलचल के बीच वैश्विक मुद्रा बाजारों में डॉलर फिसलाबाज़ार
4 नव॰ 2026, 4:19 pm (1 मिनट पहले)· 0

स्वीडिश क्रोना को मिला केंद्रीय बैंक की ब्याज वृद्धि का सहारा, चुनावी हलचल के बीच वैश्विक मुद्रा बाजारों में डॉलर फिसला

रिक्सबैंक ने नीतिगत दर बढ़ाकर 2.0% कर दी है, जिससे स्वीडिश क्रोना मजबूत हुआ है। वहीं अमेरिकी मध्यावधि चुनावों की राजनीतिक अनिश्चितता के कारण डॉलर में गिरावट देखी जा रही है।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा विनिमय बाजार में केंद्रीय बैंकों के सख्त फैसलों और राजनीतिक गतिविधियों ने मुद्राओं की चाल बदल दी है। जी10 अर्थव्यवस्थाओं के समूह में स्वीडन के केंद्रीय बैंक रिक्सबैंक ने एक चौथाई प्रतिशत यानी 25 आधार अंकों की दर वृद्धि लागू कर अपनी नीतिगत ब्याज दर को 2.0% पर पहुंचा दिया है। स्वीडिश नीति निर्माताओं का यह ताजा कदम उनके सितंबर सत्र के दौरान दिए गए पूर्व संकेतों के पूरी तरह अनुरूप रहा है। इससे पहले रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया और बैंक ऑफ कनाडा भी अपनी नीतिगत दरों में इजाफा कर चुके हैं।

स्वीडिश क्रोना और तकनीकी चार्ट का मिजाज

विश्लेषकों के अनुसार वर्तमान 2.0% की नीतिगत दर अभी भी तटस्थ सीमा के मध्य बिंदु यानी 2.25% की तुलना में अनुकूल मानी जा रही है, जिससे संकेत मिलते हैं कि आने वाले दिनों में और मौद्रिक सख्ती देखने को मिल सकती है। इस दर वृद्धि का सीधा प्रभाव स्वीडिश क्रोना पर देखा गया है। यूरो और स्वीडिश क्रोना के मुद्रा युग्म यानी EUR/SEK ने कई महीनों से चली आ रही ऊपर की ओर बढ़ती ट्रेंड लाइन को तोड़ दिया है। इसके साथ ही यह जोड़ी अपने पिछले उल्टे सिर और कंधे (इनवर्स हेड एंड शोल्डर्स) के तकनीकी पैटर्न की नेकलाइन को बनाए रखने में विफल रही है, जो स्पष्ट रूप से लगातार ऊपर की ओर गति में कमी को दर्शाता है।

ये भी पढ़ें

तकनीकी संकेतकों के मोर्चे पर EUR/SEK अब 200 दिन के मूविंग एवरेज (200-DMA) तक खिसक चुका है। यहां यह अगस्त के निचले स्तर 10.91 और 10.87 के दायरे को चुनौती दे रहा है, जिसे एक संभावित सहारा या सपोर्ट जोन माना जा सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि इस स्तर से एक संक्षिप्त उछाल की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता। हालांकि, हालिया धुरी उच्च स्तर यानी 11.10 से 11.15 का दायरा अल्पकालिक प्रतिरोध के रूप में काम कर सकता है। यदि यह मुद्रा जोड़ी 10.91 और 10.87 के ऊपर टिकने में असमर्थ रहती है, तो इसमें और भी गहरी गिरावट आने का जोखिम बन सकता है।

अमेरिकी डॉलर पर मध्यावधि चुनाव का दबाव

दूसरी तरफ, अमेरिकी मुद्रा में व्यापक कमजोरी दर्ज की गई है। अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के शुरुआती परिणाम सामने आने के बाद वाशिंगटन में राजनीतिक गतिरोध की संभावना बढ़ गई है। हाउस और सीनेट में डेमोक्रेट्स की जीत ने नीतिगत अनिर्णय की स्थिति पैदा कर दी है, जिससे निवेशकों का रुख सुरक्षित संपत्तियों की ओर मुड़ा है। सुरक्षित निवेश की इस मांग ने अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नई गिरावट को हवा दी, जिसने फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों के असर को बेअसर कर दिया और अमेरिकी डॉलर पर अतिरिक्त दबाव डाला।

बुधवार के एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.6965 के आसपास स्थिर बना रहा। यह स्तर उसके दो सप्ताह के निचले स्तर से ऊपर है। डॉलर की कमजोरी ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को नीचे गिरने से बचाया, हालांकि रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के कम सख्त या नरम रुख ने ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा की बढ़त पर सीमा लगा दी।

येन और सोने में जोरदार खरीदारी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन यानी USD/JPY में भी बुधवार को जोरदार बिकवाली देखने को मिली। एशियाई सत्र के दौरान यह जोड़ी 158.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गई, क्योंकि शुरुआती मतों की गिनती के बाद उपजी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच डॉलर एक महीने के निचले स्तर तक लुढ़क गया। बॉन्ड प्रतिफल घटने और वाशिंगटन में विधायी रुकावट की चिंताओं ने निवेशकों को येन जैसी पारंपरिक सुरक्षित संपत्तियों की शरण लेने के लिए प्रेरित किया।

सोने के बाजार में भी इस चुनावी अनिश्चितता और कमजोर डॉलर का सीधा लाभ देखा गया। यूरोपीय सत्र की शुरुआत में सोना अपने मजबूत इंट्राडे मुनाफे को बरकरार रखते हुए 4,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक आंकड़े से काफी ऊपर मजबूती से कारोबार करता दिखाई दिया। डॉलर के कमजोर होने और सरकारी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट ने कीमती धातुओं को तेज समर्थन दिया है, जिससे सोना अपने साप्ताहिक उच्च स्तर के पास टिका हुआ है।

निजी क्षेत्र के रोजगार आंकड़ों पर टिकी नजरें

बाजार की अगली नजर अब अमेरिका के निजी क्षेत्र के रोजगार आंकड़ों पर टिकी है। ऑटोमैटिक डेटा प्रोसेसिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट बुधवार को अक्टूबर महीने की अपनी निजी रोजगार रिपोर्ट जारी करने वाला है। बाजार विश्लेषकों का सर्वसम्मत अनुमान है कि इस बार रोजगार सृजन की रफ्तार में मामूली सुस्ती देखने को मिलेगी। अनुमान के मुताबिक अक्टूबर में एडीपी रोजगार बदलाव के तहत 69 हजार नए निजी रोजगार जुड़ने की उम्मीद है, जो सितंबर महीने में दर्ज किए गए 90 हजार नए रोजगार के मुकाबले साफ तौर पर गिरावट को दर्शाता है।

सवाल-जवाब

रिक्सबैंक ने ब्याज दर में कितनी बढ़ोतरी की है?
रिक्सबैंक ने अपनी नीतिगत ब्याज दर में 25 आधार अंकों यानी एक चौथाई प्रतिशत की बढ़ोतरी कर इसे 2.0% पर पहुंचा दिया है।
EUR/SEK मुद्रा युग्म के लिए महत्वपूर्ण सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर क्या हैं?
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार 10.91 और 10.87 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन है, जबकि 11.10 से 11.15 का दायरा अल्पकालिक रेजिस्टेंस के रूप में देखा जा रहा है।
अमेरिकी डॉलर में गिरावट की मुख्य वजह क्या है?
अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के बाद वाशिंगटन में राजनीतिक गतिरोध की संभावना और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट डॉलर के कमजोर होने का प्रमुख कारण है।
सोने की कीमत किस स्तर पर कारोबार कर रही है?
डॉलर में आई कमजोरी और सुरक्षित निवेश मांग के सहारे सोना 4,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर मजबूती से कारोबार कर रहा है।
अक्टूबर के लिए एडीपी निजी रोजगार रिपोर्ट का क्या अनुमान है?
बाजार के अनुमान के मुताबिक अक्टूबर में 69 हजार नए निजी रोजगार सृजन की उम्मीद है, जो सितंबर के 90 हजार से कम है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp